टीएमसी के गुंडे 29 अप्रैल तक बाहर मत निकलें, नहीं तो बहुत तकलीफ होगीः अमित शाह

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लगातार दूसरे जनसभा को संबोधित करते हुए टीएमसी सरकार, ममता बनर्जी और कांग्रेस पर जुबानी हमला किया।
दमदम उत्तर विधानसभा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, 4 मई को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। 9 बजे पहला राउंड आएगा, 10 बजे दूसरा राउंड आएगा और दोपहर 1 बजे तक गिनती समाप्त होते-होते ममता दीदी का टाटा-बाय-बाय हो जाएगा। टीएमसी के गुंडे घर-घर जाकर कहते हैं कि बाहर मत निकलना, नहीं तो बाद में तकलीफ होगी। मैं भी टीएमसी के गुंडों से कहना चाहता हूं, 29 अप्रैल को बाहर मत निकलना, नहीं तो बहुत तकलीफ होगी।”
गृह मंत्री ने कहा, “पहले देश की कुल आय में अगर 100 रुपये आते थे, तो उसमें बंगाल से 20 रुपये आते थे। आज वह घटकर सवा पांच रुपये रह गया है। इंडस्ट्रियलाइजेशन की शुरुआत बंगाल से हुई थी, लेकिन ममता दीदी के राज में सिंडिकेट वालों के कारण उद्योगों ने बंगाल छोड़ दिया। दीदी के कारण इंडस्ट्री चली गई और भाजपा के कारण सिंडिकेट वाले गुंडे बंगाल छोड़कर चले जाएंगे। छह हज़ार उद्योग बंगाल छोड़कर जा चुके हैं।”
गृह मंत्री ने कहा, “संसद में माताओं-बहनों को 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाया गया बिल ममता दीदी ने कांग्रेस के साथ मिलकर रोका है। ममता दीदी, मातृशक्ति 29 तारीख की राह देख रही है, आपकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। जिस प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में काम किया है, उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष आतंकवादी कह रहे हैं।
उन्होंने कहा, राहुल बाबा के साथ रह-रहकर खड़गे की भी भाषा बिगड़ने लगी है। राहुल बाबा, प्रधानमंत्री मोदी पर जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही खिलेगा। कांग्रेस तमिलनाडु में डबल फिगर में भी नहीं पहुंचेगी और पुडुचेरी में उसका खाता भी नहीं खुलेगा। बंगाल में भी शायद ही खाता खुलेगा और असम में उसकी सबसे बुरी हार होने वाली है।”
अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पूरे कोलकाता शहर और उसके आसपास के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए एक रूपरेखा तैयार की है। अब समय आ गया है कि ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल किया जाए, जो ‘माँ, माटी, मानुष’ के नारे की आड़ में आतंक की राजनीति कर रही हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाना है।