नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के चकदहा में बुधवार को आयोजित जनसभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजनीतिक दिशा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने नदिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल बदलाव के मुहाने पर खड़ा है।
योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी सरकार पर कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक अस्मिता के मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी बंकिम चंद्र घोष के पक्ष में वोट मांगते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार बनने पर राज्य में विकास और सुरक्षा को नई गति मिलेगी।
उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां डबल इंजन सरकार के कारण बड़े पैमाने पर उद्योग आए हैं और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने दावा किया कि यूपी में 9 वर्षों में 17,000 से अधिक बड़े उद्योग स्थापित हुए और लाखों युवाओं को रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में अब परिवर्तन तय है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के ‘खेला होबे’ नारे पर तंज कसते हुए कहा, “इस बार खेल खत्म और विकास शुरू होगा।”
योगी आदित्यनाथ ने नदिया को चैतन्य महाप्रभु की भूमि बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र वैष्णव परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है और यहां से भक्ति आंदोलन को नई दिशा मिली थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार सांस्कृतिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने भाषा और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल की पहचान उसकी संस्कृति और परंपरा से है।
मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, माफिया राज और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग बंद हो रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं और किसानों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने रवींद्रनाथ टैगोर, अरविंद घोष और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल की यह धरती देश को सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान देने में अग्रणी रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही किसानों और युवाओं की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई।