अयोध्या में राष्ट्रपति मुर्मु: राम मंदिर में करेंगी ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को अयोध्या का दौरा करेंगी। वे राम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित कई धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इसको लेकर प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर तैयारियां और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम पहले ही पूरे कर लिए गए हैं।
अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंदिर परिसर की दूसरी मंजिल पर ‘श्री राम यंत्र’ और ‘श्री राम नाम मंदिर’ की स्थापना करेंगी। इस अवसर पर एक भव्य वैदिक अनुष्ठान का आयोजन भी किया जाएगा। यह अनुष्ठान दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के 51 वैदिक विद्वानों द्वारा पुजारी गणेश्वर शास्त्री के मार्गदर्शन में संपन्न कराया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु उन करीब 400 कार्यकर्ताओं को सम्मानित करेंगी, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके अलावा, वे मंदिर परिसर के बाहरी हिस्से ‘परकोटा’ में स्थित एक मंदिर पर ध्वजारोहण भी करेंगी।
अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति का काफिला सुबह करीब 11 बजे मंदिर परिसर पहुंचेगा और वे वहां लगभग चार घंटे तक रुकेंगी। इस दौरान वे विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी।
इस कार्यक्रम में कई धार्मिक और सामाजिक नेताओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन के लिए करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनके लिए सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, परिवहन और आवास की व्यापक तैयारियां की गई हैं।
राष्ट्रपति की यात्रा से पहले अयोध्या शहर को भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों पर भगवा झंडे और आकर्षक बैनर लगाए गए हैं। बुधवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में ऐसे बैनर लगाए गए, जिन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें देखी गईं।
तैयारियों को लेकर अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टिकाराम फुंडे ने बताया कि कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने कहा कि सुरक्षा को लेकर विस्तृत योजना तैयार की गई है और हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रपति की यात्रा के दिन ‘वीआईपी दर्शन’ बंद रहेंगे। हालांकि आम श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति रहेगी, लेकिन उस समय दर्शन रोके जाएंगे जब राष्ट्रपति स्वयं मंदिर परिसर में मौजूद होंगी। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया है कि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।