पैरा तीरंदाज तोमन कुमार के स्वर्ण पदक से छत्तीसगढ़ गौरवान्वित, ओलिंपिक तक पहुंचाने वाले कोच को मिलेगा 5 लाख का पुरस्कार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पैरा तीरंदाज तोमन कुमार ने अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। नक्सली घटना में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता न केवल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

तोमन कुमार की इस शानदार उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और खेल मंत्री अरुण साव ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। खेल जगत से जुड़े लोगों ने भी उनके प्रदर्शन की सराहना की है।

ओलिंपिक तक पहुंचाने वाले कोच को 5 लाख का पुरस्कार

छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव आयुष मुरारका ने बताया कि तोमन कुमार की उपलब्धि प्रदेश में तीरंदाजी की संभावनाओं को नई दिशा देने वाली है। उन्होंने कहा कि तोमन ने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।

इधर, आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी को बढ़ावा देने में सक्रिय कैलाश मुरारका ने बिलासपुर में आयोजित सीनियर राज्य तीरंदाजी प्रतियोगिता के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों को ओलिंपिक तक पहुंचाने वाले कोच को तीरंदाजी संघ की ओर से 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस घोषणा को प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने और प्रशिक्षकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।

पैरा तीरंदाजी को मिलेगी नई पहचान

तोमन कुमार का स्वर्णिम प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि शारीरिक चुनौतियां किसी खिलाड़ी के सपनों की राह नहीं रोक सकतीं। उनकी सफलता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी की प्रतिभाओं को निखारने, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। तोमन कुमार की उपलब्धि और ओलिंपिक स्तर के खिलाड़ी तैयार करने वाले कोच के लिए घोषित पुरस्कार से प्रदेश में तीरंदाजी को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।