CG हाई कोर्ट की सख्ती का दिखा असर: अब बगैर अनुमति DJ बजाया एक साल खानी पड़ेगी जेल की हवा और जुर्माना भी…

रायपुर। 19 सितंबर 2026| कानफोड़ू डीजे की आवाज से अब प्रदेशवासियों को मुक्ति मिलेगी। राज्य सरकार ने कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 2026 में जरुरी और सख्त नियम लागू कर दिया है। बिना अनुमति डीजे नहीं बजा पाएंगे और ना ही किराए पर ले जा सकेंगे। ऐसा करते पाए जाने पर डीजे संचालक को एक साल की सजा और जुर्माना पटाना होगा। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट की सख्ती का असर अब जाकर दिखाई देने लगा है।
छत्तीसगढ़ में अब बड़े-बड़े लाउडस्पीकर, डीजे बजाकर शोर-शराबा करने और लोगों की जान को जोखिम में डालने वालों की खैर नहीं। राज्य सरकार ने इसके लिए कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 2026 बनाया है।
नियमों व प्रावधान के मद्देनजर अब ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने से पहले जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति बजाने पर सख्ती बरती जाएगी। एक साल की सजा और उपकरण जब्त कर नीलाम कर दिया जाएगा। गृह एवं पुलिस विभाग द्वारा इस विधेयक को लागू करने से पहले जनता, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से 5 अक्टूबर 2026 तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई है। इसके बाद इसे प्रभावी ढंग से प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
पढ़िए क्या लिखा है, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 2026 के प्रारुप में?
अधिनियम के प्रारूप में साइलेंट जोन को परिभाषित करते हुए कहा गया है कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों, न्यायालयों, केंद्र या राज्य सरकार तथा स्थानीय निकायों के कार्यालयों की 100 मीटर की परिधि को साइलेंट जोन घोषित किया गया है। इसके अलावा जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस आयुक्त, लोक आदेश द्वारा अन्य क्षेत्रों को भी इस श्रेणी में अधिसूचित कर सकते हैं। विधेयक के अनुसार सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक का समय ‘दिन का समय तथा रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय ‘रात्रि का समय’ माना गया है।

नियमों का उल्लंघन करने पर ये मिलेगी सजा

पहली बार नियम तोड़ने पर कारावास (जो कुछ महीनों तक हो सकती है) या कम से कम 50 हजार रुपये का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यदि यह अपराध किसी शांत क्षेत्र में किया जाता है, तो सजा एक साल तक और न्यूनतम जुर्माना 75 हजार रुपये तक हो सकता है। दोबारा दोषी पाए जाने पर तीन महीने से एक साल तक की सजा और न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना होगा। साइलेंट जोन में अपराध दोहराने पर सजा 6 माह से 2 वर्ष और न्यूनतम 1 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है। इसके साथ ही, आपूर्तिकर्ता का पंजीयन स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में पीआईएल पर हो रही सुनवाई

बता दें, छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। हाई कोर्ट ने स्वत:संज्ञान वाली जनहित याचिका और अन्य पीआईएल को एकसाथ मर्ज कर सुनवाई प्रारंभ की थी। राज्य सरकार को इस पर कड़े नियम बनाने व सख्ती के साथ लागू करने का निर्देश हाई कोर्ट ने दिया था।

हाई कोर्ट के निर्देश पर डीजीपी ने शपथ पत्र में डिवीजन बेंच को जानकारी दी थी कि इसके लिए जिले के एसपी को प्रभावी नियंत्रण करने और इस पर सख्ती के साथ रोक लगाने का निर्देश दिया है। राज्य शासन ने प्रभावी कानून बनाने की जानकारी कोर्ट को दी थी।