नई दिल्ली। भारत में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन जल्दी हो सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बन रही हैं। इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मानसून आ जाएगा।
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र कल भी इसी क्षेत्र में था, और इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ था। आईएमडी ने कहा कि अगले 24 घंटों में इसके और अधिक प्रभावी होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर हर साल 1 जून के आसपास केरल में शुरू होता है।
वहीं आज भी दिल्ली एनसीआर में मौसम ने करवट ले ली है। आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है। तेज हवाओं और बारिश के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं किसानों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को भी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। आने वाले दिनों की बात करें तो 13 मई को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक विकसित होने की संभावना जताई गई है। इस दिन अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।