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नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी के दौर में पल्स ऑक्सीमीटर की मांग बढ़ती जा रही है। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के खून में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है ।ऐसे में लोग घर पर ही ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन की मात्रा नाप रहे हैं। ऑक्सीमीटर की बढ़ती मांग के बीच अब इसे लेकर एक नए तरह का फ्रॉड सामने आया है और वो है ऑक्सीजन लेवल मापने वाला मोबाइल ऐप।


‘आपके फोन में ऑक्सीमीटर’ शीर्षक के एक मैसेज में दावा किया जा रहा है कि मोबाइल ऐप के जरिए मोबाइल फोन के कैमरे पर उंगली रखकर आपके ऑक्सीजन लेवल और हार्ट रेट का पता लगाया जा सकता है।

मोबाइल नंबर पर एक मैसेज के जरिए पल्स ऑक्सीमीटर डाउनलोड करने की लिंक से फेक Oxymeter की Application बहुत से लोग डाउनलोड कर लेते हैं। जिसके बाद ऑक्सीजन लेवल जानने के लिए फिंगरप्रिंट मांगी जाती है और इसी के साथ आपका बीयोमेट्रिक और फोन दोनों सायबर अपराधियों की कठपुतली बन जाते हैं।

साइबर एक्सपर्ट्स पवन दुग्गल ने इन ऐप्स के खतरों के बारे में चेतावनी देते हुए कहा है कि लोग इन ऐप्स को ऑक्सीमीटर का एक सस्ता विकल्प मानने की भूल कर बैठते हैं। ये ऐप्स अपना काम करने के लिए आपके फोन के कैमरा, फोटो गैलरी, एसएमएस इनबॉक्स का ऐक्सेस मांगते हैं। अगर आपने ऐसा किया, तो अनजाने में आप अपने फोन का सारा संवेदनशील डेटा उनके सामने रख देते हैं और आपके फोन में घुसने के लिए तो आप अपना फिंगरप्रिंट डीटेल दे ही चुके होते हैं।

वहीं, मेडिकल एक्सपर्ट राहुल भार्गव के मुताबिक, 'ऐसा कोई सबूत नहीं है की कोई स्मार्टफोन टेकनोलॉजी क्लिनिकल यूज के लिए ब्लड ऑक्सीजन सैचुरेशेन की सही जानकारी देता है। ऐसे में मेडिकल रूप से सिद्ध ऑक्सीमीटर से ही अपना ऑक्सीजन लेवल नापना जरूरी है।
दरसल, साइबर अटैक के पीछे या तो लालच होता है या फिर डर। इससे बचने का बस एक ही तरीका है कि कोई भी ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसके डेवलपर, रेटिंग, रिव्यूज, बग्स और कुल डाउनलोड्स की संख्या का पता जरूर लगा लें। महामारी के काल में अगर आप कोई भी हेल्थ ऐप डाउनलोड करते हैं तो उसका रिव्यू पहले पढ़ें और मेडिकल एक्सपर्ट से जानकारी लें कि क्या वाकई फोन ऐप से आपकी हेल्थ मॉनिटरिंग संभव है भी या नहीं? वरना आपके बायोमैट्रिक, फिंगरप्रिंट, बैंक अकाउंट और फोन का डेटा गलत हाथों में जाने में देर नहीं लगेगा।

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वाशिंगटन: भारत में टिक-टॉक बैन होने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 सितंबर से अमेरिका में टिक टॉक पर बैन लगाने की घोषणा की है। टिकटॉक के अलावा वी चैट को भी रविवार से अमेरिका में डाउनलोड नहीं किया जा सकता है। अमेरिका में टिकटॉक के करीब 100 मिलियन यानी 10 करोड़ यूजर्स हैं। इससे पहले भारत में टिकटॉक को बैन किया गया था। बैन का फैसला वापस भी लिया जा सकता है अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को यानी आज एक ऑर्डर जारी किया है, जिसके मुताबिक रविवार यानी 20 सितंबर से अमेरिका में चाइनीज वीडियो शेयरिंग ऐप टिकटॉक और वीचैट को डाउनलोड नहीं किया जा सकेगा। माना जा रहा है कि ट्रंप अपने इस फैसले को 20 सितंबर से पहले वापस भी ले सकते हैं। दरअसल बाइटडांस टिकटॉक के अमेरिकी ऑपरेशन को वहां की कंपनियों के हाथों बेचने की दिशा में बहुत गंभीरता से बात कर रही है। ओरेकल के प्रतिनिधियों से ट्रंप ने की बातचीत इस कार्रवाई से पहले एक खबर आई थी जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने टिकटॉक के बारे में फैसला करने के लिए वॉलमार्ट और ओरेकल प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की है। पिछले महीने ट्रंप ने टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए थे, जिसके तहत दोनों चीनी कंपनियां अपना स्वामित्व किसी अमेरिकी कंपनी को देकर प्रतिबंध से बच सकती हैं। इस समय टिकटॉक का स्वामित्व बीजिंग स्थित बाइटडांस के पास है। शुरुआत में टिकटॉक के साथ बातचीत में माइक्रोसॉफ्ट शामिल था, हालांकि अब ओरेकल और वॉलमार्ट ने इस संबंध में बाइटडांस के साथ बातचीत कर रही हैं। ग्लोबल ऑफिस अमेरिका में शिफ्ट ट्रंप ने कहा कि वह टिकटॉक के लिए अमेरिकी कंपनी ओरेकल की कथित बोली पर गौर कर रहे हैं, लेकिन वह सौदे को मंजूरी देने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता न हो। इस बीच बाइटडांस ने टिकटॉक का वैश्विक मुख्यालय अमेरिका में स्थापित करने का निर्णय किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस पर रोक लगाने के आदेश से बचने के लिए कंपनी ने यह रास्ता निकाला है।

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Asteroids News: अंतरिक्ष में बेकाबू होकर भटक रहे एस्टेरॉयड यानी क्षुद्रग्रह धरती के लिए बड़ा खतरा होते हैं। अंतरिक्ष के जानकार लगातार इन पर नजर रखते हैं। ऐसे ही दो एस्टेरॉयड हाल के दिनों में धरती के बेहद करीब से गुजरे हैं। बीती 14 सितंबर को दो एस्टेरॉयड सफलतापूर्वक धरती को छोड़ते हुए निकल गए। नासा के मुताबिक, पहली स्पेस रॉक बस के आकार का क्षुद्रग्रह थी, जिसे 2020 RF3 नाम दिया गया। यह हमारे ग्रह 58,500 मील (94,000 किलोमीटर) की दूरी पर 2:49 बजे गुजर गया।

इसके कुछ घंटों बाद एक छोटा यानी कार के आकार का क्षुद्रग्रह 2020 RD4 65,700 मील (लगभग 106,000 किमी) की दूरी से धरती से गुजरा। यह घटना 4:33 बजे की है। इटली के वर्चुअल टेलीस्कोप प्रोजेक्ट के जरिए क्षुद्रग्रह 2020 RD4 की लाइवस्ट्रीम की गई, जिसे दुनियाभर के लोगों ने देखा।

नासा के मुताबिक, क्षुद्रग्रह वर्ष में कई बार पृथ्वी के करीब आते हैं, क्योंकि हमारे सौर मंडल में ऐसे हजारों क्षुद्रग्रह हैं। नासा और अन्य देशों के विभिन्न संस्थान इन खतरनाक अंतरिक्ष चट्टानों पर कड़ी नजर रखता है। अच्छी बात यह है कि पृथ्वी को आने वाले समय में भी ऐसे किसी एस्टरॉयड से खतरा नहीं है।

धरती से टकरा भी सकते हैं क्षुद्रग्रह:

पृथ्वी के इतिहास में ऐसा कई बार हुआ है जब क्षुद्रग्रहों के टकराने से यहां भारी तबाही हुई। हाल ही की घटना में 2013 में रूस के चेल्याबिंस्क में विशालकाय एस्टरॉयड को टूटते देखा गया था, जिससे एक छह मंजिला इमारत को नुकसान हुआ और कुछ लोगों को चोटें आईं। कहा जाता है कि 66 मिलियन वर्ष पहले डायनासोर के विलुप्त होने के पीछे भी ऐसा ही एक विशालकाय क्षुद्रग्रह था।

इसके बाद ही खगोलविदों ने शुरुआती सौर प्रणाली के गठन के बारे में अधिक जानने के लिए क्षुद्रग्रहों का अध्ययन किया। क्षुद्रग्रहों और ऐसी वस्तुओं को धूमकेतु के रूप में जाना जाता है जो विभिन्न ग्रहों से निकले टुकड़ों से बने हैं। ये अंतरिक्ष में तेज गति से घुमते रहते हैं।

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नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। कोविड-19 और लंबे लॉकडाउन का असर गरीब बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) और सेफ द चिल्ड्रेन के एक नए विश्लेषण के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में कोविड-19 की वजह से दुनियाभर में 15 करोड़ बच्चे गरीबी के दलदल में धंस गए हैं। कोरोना की वजह से दुनियाभर में गरीब बच्चों की संख्या करीब 1.2 अरब हो गई है। यह विश्लेषण बृहस्पतिवार को प्रकाशित किया गया है।

अध्ययन के मुताबिक, गरीबी में रह रहे 70 से अधिक देशों के बच्चों को कोरोना की वजह से शिक्षा, स्वास्थ्य, घर, पोषण, साफ-सफाई और पानी तक मयस्सर नहीं हुआ, उनकी संख्या महामारी शुरू होने के बाद से 15 फीसदी बढ़ गई है।

यूनिसेफ के मुताबिक, कोरोना से पहले जिन देशों का आकलन किया गया था, उन देशों में करीब 45 फीसदी बच्चे मूलभूत जरूरतों में से कम से कम एक से वंचित हैं। यूनिसेफ का कहना है कि आने वाले महीनों में यह स्थिति और बदतर हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे पहले से ही गरीबी की मार झेल रहे हैं, ऐसे में कोरोना ने उनकी गरीबी की दर और बढ़ा दी है।

यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरिटा फोरे में रिपोर्ट में बताया है कि कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के कारण लाखों बच्चे और अधिक गरीबी रेखा के नीचे चले गए हैं। उन्होंने बताया परेशानी इस बात की है कि हम इस संकट के अंत में नहीं, बल्कि आरंभ में हैं।

सेव द चिल्ड्रन की सीईओ इंगर एशिंग ने कहा कि इस महामारी ने इतिहास की सबसे बड़ी वैश्विक शिक्षा आपातकाल की स्थिति पैदा की है, गरीबी बढ़ने के कारण सर्वाधिक संवेदनशील बच्चों और उनके परिवारों का इससे उबरना और भी कठिन हो जाएगा।

दोनों संगठनों की चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में स्थिति और खराब होने की संभावना है। फोरे ने कहा कि और अधिक बच्चे स्कूल, दवा, भोजन, पानी और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों से वंचित न हों, इसके लिए सभी देशों को तत्काल कदम उठाने होंगे। 

 
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कोरोनाकाल के बीच अब आईपीएल का आगाज 19 सितम्बर से होना वाला है क्रिकेट फैंस जिस पल का इंतजार इस साल की शुरुआत से कर रहे थे वो पल अब काफी नजदीक आ गया है। दर्शकों के लिए यह काफी खुशनुमा पल होगा जब इंडियन प्रीमियर लीग के 13 वें सीजन के ओपनिंग मैच में टूर्नामेंट की दो सबसे बड़ी टीमें मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स एक दूसरे के आमने-सामने होंगी। इसके साथ ही कोरोना वायरस की वजह से भारत के बाहर यूएई में हो रहे आईपीएल का शुभारंभ हो जाएगा। इस बार के आईपीएल के सभी मैच यूएई के तीन शहरों दुबई, अबू धाबी और शारजाह में खेले जाएंगे। सबसे ज्यादा 24 मैच दुबई, 20 मैच अबु धाबी और 12 मैच शारजाह में होंगे। टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की कप्तानी में मुंबई इंडियंस इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है और उसने सर्वाधिक चार बार इस खिताब को अपने नाम किया है। मुंबई इंडियंस ने 2013, 2015, 2017 और 2019 में खिताब जीते हैं। दूसरी ओर भारत के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपरकिंग्स को 3 बार आईपीएल का खिताब जिताया है। टीम ने 2010, 2011 और 2018 में खिताब को अपने नाम किया है। आइए नजर डालते हैं इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग और लाइव टेलिकास्ट आप कहां देख पाएंगे। आकाश चोपड़ा ने चुनी IPL की टॉप 4 टीमें, तीन 'चैम्पियन' टीमों को रखा बाहर कब और कहां खेला जाना है मैच? मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच IPL 2020 का पहला मैच शनिवार 19 सितम्बर को शेख जायद स्टेडियम, अबू धाबी में खेला जाएगा। किस समय शुरू होगा मैच? भारतीय समयानुसार मैच शाम 7.30 बजे से शुरू होगा। टॉस मैच शुरू होने से आधे घंटे पहले यानी शाम 7.00 बजे होगा। लाइव टेलिकास्ट कहां देख सकते हैं? मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मैच का लाइव टेलिकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर आप देख सकेंगे। लाइव स्ट्रीमिंग कहां देख सकते हैं? इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग आप डिज्नी+हॉटस्टार एप पर देख पाएंगे। इसके अलावा रिलायंस जियो भी आईपीएल 2020 की लाइव स्ट्रीमिंग करेगा। CSK-MI मैच के साथ होगा IPL का आगाज, यहां देखें हिन्दी में पूरा शेड्यूल यहां देखें दोनों टीमें- CSK 2020: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), अंबाती रायुडू, केएम आसिफ, दीपक चाहर, ड्वेन ब्रावो, फैफ डु प्लेसी,ऋतुराज गायकवाड़, शेन वॉटसन, शार्दुल ठाकुर, सैम करन, पीयूष चावला, जोश हेजलवुड, आर साइ किशोर। इमरान ताहिर, नारायण जगदीशन, कर्ण शर्मा, केदार जाधव, लुंगी एनगिडी, मिशेल सैंटनर, मोनू कुमार, मुरली विजय, रविंद्र जडेजा, Mumbai Indians 2020: रोहित शर्मा (कप्तान), दिग्विजय देशमुख, क्विंटन डिकॉक, आदित्य तारे,जयंत यादव, सूर्यकुमार यादव, कुणाल पांड्या, कीरोन पोलार्ड, राहुल चाहर, क्रिस लिन, हार्दिक पांड्या, शेरफने रदरफोर्ड, सौरभ तिवारी, जसप्रीत बुमराह, धवल कुलकर्णी, नाथन कूल्टर नाइल, ट्रेंट बोल्ट, अनमोलप्रीत सिंह, मोहसिन खान, मिशेल मैक्लिनेगन, प्रिंस बलवंत राय सिंह, अनुकूल रॉय, इशान किशन।

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वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका में जैसे-जैसे राष्ट्रपति चुनाव की तारीख करीब आ रही है वैसे-वैसे दोनों पार्टियां- रिपब्लिकन और डेमोक्रेट की ओर से वोटर्स को लुभाने के लिए वायदों के दौर के साथ एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की बौछार भी जारी है। डेमोक्रेट राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बिडेन ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरह मैं नहीं हूं, मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति बनूंगा चाहे वो कोई भी हो मुझे वोट दिया हो या नहीं ये मायने नहीं रखता। वहीं रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने बिडेन की जीत से देश में उपद्रव और अराजकता फैलने की बात कही है और कहा कि बिडेन ने ISIS को हमेशा बढ़ावा दिया है यदि उनका कंट्रोल होता तो अब तक न बिन लादेन मरता और न ही सुलेमानी।

हमेशा से गलत रहीं बिडेन की गतिविधियां

ट्रंप ने कहा, 'बिडेन की तरह कोई गलत नहीं हो सकता। बिडेन ने इराक की युद्ध के लिए वोट दिया, उन्होंने ओसामा बिन लादेन ( Osama bin Laden) के खिलाफ चलाए गए मिशन का विरोध किया,  सुलेमानी के मारे जाने का विरोध किया यहां तक कि  ISIS को भी समर्थन दिया है और चीन की बढ़त को अमेरिका के लिए पॉजिटिव बताया। यदि यह सब जो बिडेन के हाथ में होता तो बिन लादेन और सुलेमानी अब तक जिंदा रहता,  ISIS अपने गतिविधियों को नहीं रोकता और अमेरिका की जगह दुनिया में चीन ताकतवर देश होता।'  

बिडेन की जीत यानी दंगाईयों और चीन की जीत: ट्रंप

इस क्रम में रिपब्लिकन उम्मीदवार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, 'रिपब्लिकन के लिए वोट का मतलब सुरक्षित कम्युनिटी, बेहतरीन नौकरी के मौकों के साथ अच्छा भविष्य है।' उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'यदि बिडेन की जीत होती है तो चीन जीतेगा और देश में उपद्रव का माहौल होगा। बिडेन की जीत के साथ विद्रोही, दंगाई, अराजकतावादी, आगजनी करने वाले, और झंडा जलाने वालों की जीत होगी।' उन्होंने आगे कहा कि विस्कोंसिन में फैक्ट्रियों के साथ नौकरियों की वापसी के लिए मैं दोबारा चुनाव में खड़ा हो रहा हूं, साथ ही मेरी कोशिश होगी कि अपराधियों को उपयुक्त सजा दी जा सके।

ट्रंप ने गंवाई विरासत में मिली चीजें: बिडेन

दूसरी ओर डेमोक्रेट राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बिडेन ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए दोनों के पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र किया। बिडेन ने कहा, 'मेरे जैसे लोग जो अपने परिवार में कॉलेज जाने वाला पहला शख्स था... हम किसी भी साधारण व्यक्ति की तरह अच्छे हैं और ट्रंप जैसे लोगों से मुझे हमेशा दिक्कतें रही हैं जिन्हें विरासत में हर चीज मिली लेकिन उसे गंवा दिया।' बिडेन ने आगे कहा कि चुनाव के परिणामों को वे स्वीकार करेंगे। वहीं ट्रंप ने कोविड-19 के कारण 'मेल-इन' बैलट का इस्तेमाल के लिए मंजूरी नहीं दी है और कहा है कि इससे चुनाव में धोखाधड़ी हो सकती है।

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मैनचेस्टर। ग्लेन मैक्सवेल (108) और विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी (106) रन की विस्फोटक शतकीय पारी और दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए हुई 212 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी के बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को बुधवार को तीसरे वनडे मुकाबले में तीन विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और सलामी बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो (112) के शानदार शतक और सैम बिलिंग्स (57) तथा क्रिस वोक्स (नाबाद 53) के अर्धशतकों से निर्णायक मुकाबले में 50 ओवर में सात विकेट पर 302 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने मैक्सवेल के 90 गेंदों में चार चौकों और सात छक्कों की मदद से 108 रन और कैरी के 114 गेंदों में सात चौकों औऱ दो छक्के के सहारे 106 रन की विस्फोटक शतकीय पारी के दम पर 49.4 ओवर में सात विकेट पर 305 रन बनाकर तीन विकेट से मैच तथा सीरीज अपने नाम कर ली। मैक्सवेल को उनकी विस्फोटक पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के हाथों तीन मैचों की टी-20 सीरीज में मिली 1-2 की हार का बदला भी ले लिया। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया ने 19 रन से जीता था जबकि दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने 24 रन से जीत हासिल कर बराबरी की थी। तीसरे और निर्णायक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम कर ली। इससे पहले इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही और तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क ने मैच की पहली दो गेंदों पर जैसन रॉय और जो रुट को पवेलिएन भेज दिया। इंग्लैंड के दो विकेट स्कोर बोर्ड पर बिना किसी रन के गिर गए। शुरुआती झटके के बाद बेयरस्टो ने अकेले अपने दम पर स्थिति को संभाला। बेयरस्टो ने कप्तान इयोन मोर्गन (23) के साथ पांचवें विकेट के लिए 67 रन, जोस बटलर (8) के साथ चौथे विकेट के लिए 29 रन और बिलिंग्स (57) के साथ पांचवें विकेट के लिए 114 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने बेयरस्टो को 40.1 ओवर में बोल्ड किया। बेयरस्टो ने 126 गेंदों पर 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से 112 रनों की शतकीय पारी खेली। बेयरस्टो के करियर का यह सातवां शतक था। बेयरस्टो के अलावा बिलिंग्स ने 58 गेंदों पर 57 रन में चार चौके और दो छक्के लगाए जबकि वोक्स ने 39 गेंदों पर छह चौकों की मदद से नाबाद 53 रन की पारी खेली।

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 इस वर्ष पितृ पक्ष और नवरात्र के बीच में अधिकमास पड़ने के कारण दोनों में एक महीने का अंतर होगा। आश्विन मास में अधिकमास (मलमास) लगना और एक महीने के अंतर पर दुर्गा पूजा आरंभ होना ऐसा संयोग करीब 19 वर्षों बाद बन रहा है।

हर वर्ष पितृ पक्ष के समापन के अगले दिन से नवरात्र का आरंभ हो जाता था। पितृ अमावस्या के अगले दिन से प्रतिपदा के साथ शारदीय नवरात्र का आरंभ हो जाता है, लेकिन इस साल ऐसा नहीं होगा। इस बार पितृ पक्ष समाप्त होते ही अधिकमास लग जाएगा। अधिकमास लगने से नवरात्र और पितृपक्ष के बीच एक महीने का अंतर आ जाएगा। चतुर्मास जो हमेशा चार माह का होता है, इस बार पांच माह का होगा।

भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के अध्यक्ष और ज्योतिषाचार्य प्रतीक मिश्रपुरी का कहना है कि अधिकमास पूरे वर्ष में किसी भी माह के बाद या पहले आ सकता है। इस बार अधिकमास अश्विन मास के बाद आ रहा है। यानी इस वर्ष दो अश्विन मास होंगे। ये मास पितृ पक्ष के बाद प्रारंभ होगा और 30 दिनों तक रहेगा।

हर बार पितृ पक्ष के बाद नवरात्र प्रारंभ होते हैं परंतु इस बार अधिकमास आने के कारण नवरात्र देर से शुरू होंगे। ऐसा 19 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। प्रतीक ने बताया कि कुछ विद्वानों का यह भी कहना है की ये संयोग 165 वर्षों के बन रहा है।


क्या होता है अधिकमास?
ज्योतिषाचार्य प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि हमारे सभी व्रत, आस्था मेले, मुहूर्त ग्रहों पर आधारित होते हैं। सूर्य चंद्र के द्वारा हिंदी माह का निर्माण होता है। 30 तिथियों का माह होता है, जिसमें 15 दिनों बाद अमावस्या और 15 दिनों बाद बाद पूर्णिमा होती है। इन माह में पूरे वर्ष ये तिथियां घटती बढ़ती रहती हैं।

तीन वर्षों के उपरांत ये घटी-बढ़ी तिथियां एक पूरे माह का निर्माण करती हैं। विशेष ये होता है की इस माह में संक्रांति नहीं होती। इस कारण लोग इसे मलमास भी कहते हैं। मलमास में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।

मांगलिक कार्यों के लिए करना होगा इंतजार

क्योंकि पितृ पक्ष में कोई मुहूर्त नहीं होता है। अधिकमास में भी कोई मुहूर्त नहीं होगा। जो लोग नवरात्रि में नई दुकान, घर, वाहन या कोई भी नया कार्य प्रारंभ करने की सोच रहे हैं। उन्हें अभी और इंतजार करना होगा।

तीन बार बना था ऐसा संयोग

सबसे पहले वर्ष 1942 में ऐसा संयोग बना था। इसके बाद वर्ष 1982 और फिर वर्ष 2001 में भी दो अश्विन मास आए थे। इस अश्विन मास के दो महीने होंगे। अश्विन माह 3 सितंबर से 31 अक्तूबर तक रहेगा। यानी इसकी अवधि दो माह रहेगी। इन दो माह में बीच की अवधि वाला एक माह का समय अधिकमास रहेगा। पितृमोक्ष अमावस्या के बाद 18 सितंबर से 16 अक्तूबर तक पुरुषोत्तम मास रहेगा। इस कारण 17 अक्तूबर से शारदीय नवरात्रि पर्व शुरू होगा।

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नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत-चीन के बीच लगातार बने तनाव और चीन की ओर यथास्थिति बदलने की कोशिशों के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में कहा है कि पिछले छह महीनों में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं हुई है । राज्यसभा में बीजेपी सांसद अनिल अग्रवाल की ओर से सवाल पूछा गया था कि क्या पिछले छह महीनों में कोई घुसपैठ हुई है और अगर हां तो इसके लिए सरकार क्या कदम उठा रही है. इसपर केंद्र की ओर से लिखित जवाब में यह कहा गया है। 

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पाकिस्तान की ओर से की गई घुसपैठ की कोशिशों पर संसद में जानकारी दी, जो अप्रैल महीने में सबसे ज्यादा देखी गई हैं।  लेकिन चीन पर उन्होंने कहा कि 'पिछले छह महीनों में इंडो-चीन बॉर्डर पर कोई घुसपैठ रिपोर्ट नहीं की गई है। 

सरकार की इस कोशिश को चीन की गतिविधियों को कम अहमियत देने और यह दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है कि भारत LAC पर अपनी मजबूत स्थिति में बना हुआ है। 

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी मंगलवार को संसद में एक बयान में कहा था कि चीन लद्दाख में लगभग 38,000 वर्ग किमी क्षेत्र पर अवैध कब्जा किए हुए हैं।  उन्होंने बताया कि 'मई के मध्य में, चीन ने पश्चिमी सेक्टर के हिस्सों में LAC पार करने की कोशिश की थी।  इसमें कोंगका ला, गोगरा और पैंगॉन्ग झील का उत्तरी किनारा शामिल थे।  किसी को भी देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर हमारी प्रतिबद्धता पर शक नहीं करना चाहिए । भारत मानता है कि पारस्परिक सम्मान और संवेदनशीलता पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंधों का आधार है। 

बता दें कि सरकार ने लद्दाख में LAC के पास चीन की मौजूदगी को लेकर कोई आधिकारिक साफ तस्वीर पेश नहीं की है।  अगस्त में, रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर एक दस्तावेज अपलोड किया था, जिसमें कहा गया था कि '5 मई, 2020 के बाद से LAC पर, खासकर गलवान घाटी में चीनी घुसपैठ बढ़ती जा रही है, और 'चीन 17-18 मई को कुंगरंग नाला, गोगरा और पैंगॉन्ग त्सो झील के उत्तरी किनारे वाले इलाकों में चीनी पक्ष घुसा है, दो दिनों बाद यह दस्तावेज हटा लिया गया था। 

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देश और दुनिया के इतिहास में 16 सितंबर कई कारणों से महत्वपूर्ण है, जिनमें से ये सभी प्रमुख हैं....

1736:मरकरी थर्मामीटर के अविष्कारक डेनियल गाब्रियल का निधन। 

1897: लोकप्रिय धुन जिंगल बेल्स का कॉपी राइट किया गया। 

1916: भारतीय अभिनेत्री और गायिका एम.एस. सुब्बालक्ष्मी का जन्म हुआ। 

1932:मशहूर ब्रिटिश  चिकित्सक Dr. Ronald Ross का निधन । 

1959:पहली फोटो कॉपी मशीन xerox-914 दुनिया के सामने आई 

1963: फेडरेशन ऑफ मलय में उत्तरी बोर्नेयो, सारावाक और सिंगापुर मिला कर नया देश बनाया गया। 

 

 

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Magazine

The Edition Today Magazine (July - 2020)