संपादकीय

संपादकीय (7)

कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार... हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल 

मेष

आज का दिन सामान्य है। मन में चिंता एवं तनाव बना रहेगा। कार्य करने की क्षमता में कमी महसूस होगी। कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने में समस्या उत्पन्न होगी। किसी कार्य को करने में असमंजस पैदा होगा। परिवार में आनंद पूर्ण वातावरण बना रहेगा। लेकिन आपके मन में थोड़ी चिड़चिड़ाहट बनी रहेगी। छोटे भाइयों से विवाद हो सकता है। पिता से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

राशि फलादेश वृष

आज का दिन बहुत शुभ है। मन में प्रसन्नता बनी रहेगी तथा साधारण कार्य को बड़ी प्रसन्नता और एवं उमंग के साथ करेंगे। जिससे आपके परिवार के लोग भी प्रसन्न रहेंगे। दिमाग सक्रिय रहेगा। कार्य करने की क्षमता बढ़ेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। अतिआत्मविश्वास में किसी का अपमान ना करें। अन्यथा भाग्य प्रतिकूल हो सकता है। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। कुटुंब में अधिक मान-सम्मान मिलेगा।

राशि फलादेश मिथुन

आज का दिन सामान्य है। मन में चिंता बनी रहेगी। कार्य करने में ऊर्जा की कमी महसूस होगी। आत्मविश्वास में कमी महसूस करेंगे। निर्णय लेने में असमंजस पैदा होगा। मन में स्थिरता बनी रहेगी। परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है। भाइयों के ग्रह अधिक प्रभावशाली है। इसलिए उनसे बहस न करें नहीं तो विवाद हो सकता है। माता का स्वास्थ्य ठीक रहेगा।

राशि फलादेश कर्क

आज का दिन शुभ है। मन में प्रसन्नता तथा आत्मविश्वास बना रहेगा। आपको निर्णय लेने में अनुकूलता बनी रहेगी। संतान से संबंधित कार्य पूर्ण होंगे। संतान की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा। संतान का भाग्य अनुकूल है। संतान के भाग्य से आपके कार्य पूर्ण होंगे। गुप्त शत्रुओं पर सफलता प्राप्त कर सकेंगे। हड्डी एवं जोड़ों के दर्द से आराम मिलेगा। जीवनसाथी से सामंजस्य बनाकर रखें।

राशि फलादेश सिंह

आज का दिन सामान्य है। मन में डर बना रहेगा एवं निर्णय लेने में असमंजस बना रहेगा। कार्य करते हुए कार्य के सफल ना होने का डर बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में पिता का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार में विवाद की स्थिति बन चुकी है। भाइयों से सामंजस्य बनाकर रखें। माता के भाग्य से सफलता प्राप्त होगी। संतान की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा। गुप्त शत्रुओं से परेशान रहेंगे।

राशि फलादेश कन्या

आज का दिन शुभ है। आज मन में प्रसन्नता बनी रहेगी तथा आत्मविश्वास बना रहेगा। कार्य करने में पूर्ण ऊर्जा का अनुभव करेंगे। कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने में कोई कठिनाई नहीं होगी। परिवार में आनंदपूर्ण वातावरण बना रहेगा। भाइयों से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। माता के स्वास्थ्य में लाभ मिलेगा। संतान पक्ष से जुड़े हुए कार्य पूर्ण होंगे। संतान की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा।

राशि फलादेश तुला

आज का दिन शुभ नहीं है। मन में तनाव बना रहेगा एवं निर्णय लेने में असमर्थता महसूस होगी। कार्य करने में ऊर्जा की कमी महसूस करेंगे। परिवार में कोई धार्मिक कार्य हो सकता है। भाइयों से किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है। माता का स्वास्थ्य खराब रहेगा। संतान के भविष्य को लेकर चिंतित रहेंगे। पेट संबंधी रोग हो सकता है। जीवनसाथी से किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है।

राशि फलादेश वृश्चिक

आज का दिन शुभ है। मन में प्रसन्नता बनी रहेगी। कार्य करने में भरपूर ऊर्जा का अनुभव करेंगे। निर्णय लेने में सहजता की अनुभूति करेंगे। मन में धार्मिक विचार उत्पन्न होंगे। ईश्वर आराधना में मन लगेगा। परिवार में आपको सम्मान प्राप्त होगा। भाइयों से सहयोग प्राप्त होगा। माता का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। संतान के लिए शुभ समय है।

राशि फलादेश धनु

आज का दिन शुभ नहीं है। मन में चिंता बनी रहेगी। तनाव बना रहेगा। कार्य को करते हुए, कार्य के पूर्ण होने में असमंजस बना रहेगा। निर्णय लेने में परेशानी आएगी। भाइयों से विवाद हो सकता है। समाज में किसी बड़े निर्णय को लेकर बहस हो सकती है। माता को पेट संबंधी विकार हो सकता है। जीवनसाथी से किसी बात को लेकर विवाद हो सकता। ससुराल से सहयोग प्राप्त हो सकता है।

राशि फलादेश मकर

आज का दिन शुभ है। मन में प्रसन्नता बनी रहेगी। कार्य करने में आत्मविश्वास बना रहेगा। किसी भी परिस्थिति में सही निर्णय ले पाएंगे। पिता से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। भाग्य अनुकूल बना रहेगा। संतान पक्ष से संबंधित कार्य पूर्ण होंगे। सहायता मिलेगी। जीवनसाथी के ग्रह बहुत प्रभावशाली हैं, उनसे विवाद न करें। सिर से संबंधित रोग सपको हो सकता है।

राशि फलादेश कुंभ

आज का दिन शुभ नहीं है। मन में तनाव बना रहेगा। मन में अस्थिरता बनी रहेगी। निर्णय लेने में असमंजस बना रहेगा। भाइयों से विवाद हो सकता है। समाज में कोई विशेष पद प्राप्त होगा। माता का पूर्ण आशीर्वाद बना रहेगा। संतान से विवाद हो सकता है, क्योंकि संतान का दिमाग वर्तमान में तनाव युक्त है। आपको मानसिक कष्ट से सिरदर्द हो सकता है।

राशि फलादेश मीन

आज का दिन शुभ है। मन में प्रसन्नता बनी रहेगी। आत्मविश्वास बना रहेगा। कार्य करने में भरपूर ऊर्जा की अनुभूति होगी। परिवार में सहयोग प्राप्त होगा। समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा। पिता के आशीर्वाद से सफलता प्राप्त होगी। कार्यक्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा। आय के नए साधन बनेंगे। स्थायी संपत्ति के अच्छे योग बनते हैं। व्यवसाय को लेकर महत्वपूर्ण यात्रा कर सकते हैं।

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मेष

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नए काम मिलेंगे। लेनदारी वसूली के लिए शुभ समय है, प्रयास करें। सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ रहेगा। पारिवारिक चिंता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। निवेश में जल्दबाजी न करें। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा।

राशि फलादेश वृष

कमजोर तबके के लोगों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कारोबार अच्छा चलेगा। नए काम मिलेंगे। काफी समय से अटके काम पूर्ण होंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। लाभ होगा।

राशि फलादेश मिथुन

किसी धार्मिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। धन प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। दूसरे के कार्य में हस्तक्षेप न करें। निवेश में जल्दबाजी न करें।

राशि फलादेश कर्क

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण आवश्यक है। अड़ियलपना हानि देगा। विवेक का प्रयोग करें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में अधिकारियों की अपेक्षाएं बढेंगी। आय बनी रहेगी।

राशि फलादेश सिंह

दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कारोबार में मनोनुकूल स्थिति रहेगी। निवेश से लाभ होगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। छोटी-मोटी यात्रा हो सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ होगा।

राशि फलादेश कन्या

स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य में सफलता प्राप्त करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। किसी यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। बहस में न पड़ें। प्रेम-प्रसंग में सफलता प्राप्त होगी। व्यापार लाभदायक रहेगा।

राशि फलादेश तुला

शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। निवेश से लाभ होगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात हो सकती है।

राशि फलादेश वृश्चिक

किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा। बेरोजगारी दूर करने की इच्छा पूर्ण होगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। निवेश शुभ रहेगा। भाग्य अनुकूल है। प्रसन्नता रहेगी।

राशि फलादेश धनु

कोई बड़ा खर्च हो सकता है। आर्थिक‍ स्थिति बिगड़ सकती है। किसी व्यक्ति से अकारण विवाद हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। भावना में बहकर कोई निर्णय न लें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश में जल्दबाजी न करें।

राशि फलादेश मकर

किसी तरह की शारीरिक पीड़ा की आशंका है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। नकारात्मकता रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। भागदौड़ रहेगी। आय बनी रहेगी।

राशि फलादेश कुंभ

किसी तरह से धनहानि की आशंका है। सावधान रहें। थोड़े प्रयास से कार्यसिद्धि होगी। लोगों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पुरुषार्थ सिद्धि होगी। आय होगी। निवेश लाभदायक रहेगा।

राशि फलादेश मीन

घरेलू कार्यों पर व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। भूमि व भवन इत्यादि की खरीद-फरोख्त लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। निवेश लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यस्तता रहेगी।

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मेष

जीवन सुखमय व्यतीत होगा। समाजसेवा करने का अवसर प्राप्त होगा। मेह‍नत का फल प्राप्त होगा। नए काम मिलेंगे। समय की अनुकूलता का लाभ लें। भरपूर प्रयास करें। मान-सम्मान मिलेगा। स्वास्थ्य अच्‍छा रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी।

राशि फलादेश वृष

भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साह व प्रसन्नता से कार्य कर पाएंगे। शुभ सूचना प्राप्त होगी। आय में वृद्धि होगी। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। आवश्यक वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

राशि फलादेश मिथुन

किसी बड़ी समस्या का हल किसी बाहरी व्यक्ति के सहयोग से होगा। जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। बेचैनी रहेगी। किसी भी तरह की बहस में हिस्सा न लें। चोट व रोग से बचें। निवेश शुभ रहेगा।

राशि फलादेश कर्क

चोट व दुर्घटना से शारीरिक हानि की आशंका है। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी से लिए गए निर्णय पछतावे का कारण बन सकते हैं। लेन-देन में धोखा खा सकते हैं। आय में निश्चितता रहेगी। शत्रु परास्त होंगे। नौकरी में अधिकारी अधिक अपेक्षा करेंगे।

राशि फलादेश सिंह

फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। कर्ज लेना पड़ सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। आय में निश्चितता रहेगी। नौकरी में अधिकारी अधिक की अपेक्षा करेंगे। वाणी में हल्के शब्दों का प्रयोग न करें।

राशि फलादेश कन्या

डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। भरपूर प्रयास करें। जल्दबाजी न करें। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। शुभ समय।

राशि फलादेश तुला

कोई पहले बनाई गई योजना फलीभूत होगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। भाग्य का साथ रहेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। नए काम मिलेंगे। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धनार्जन होगा।

राशि फलादेश वृश्चिक

रोजगार प्राप्ति के लिए किसी विशिष्ट व्यक्ति का सहयोग लेना पड़ सकता है। सफलता प्राप्त होगी। यात्रा लाभदायक रहेगी। कोई बड़ा काम सहज ही होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यस्तता के चलते थकान व कमजोरी रह सकती है। समय का लाभ लें।

राशि फलादेश धनु

व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। लाभ के अवसर हाथ आए आएंगे। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय में उन्नति होगी। अध्यात्म में रुचि रहेगी। किसी साधु-संत का आशीर्वाद मिल सकता है। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। जोखिम न लें।

राशि फलादेश मकर

उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रतिद्वंद्वी रास्ता छोड़ देंगे। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। कारोबार में वृद्धि होगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। भरपूर प्रयास करें। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रसन्नता रहेगी।

राशि फलादेश कुंभ

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। मनपसंद व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। मन में नए विचार आएंगे। विवेक से कार्य करें। कुसंगति से बचें। व्यापार अच्छा चलेगा।

राशि फलादेश मीन

पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दौड़धूप अधिक होगी। बुरी सूचना मिल सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। जीवनसाथी और मित्रों के सहयोग से बाधा दूर होगी। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। जल्दबाजी बिलकुल न करें।

 

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राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार... हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल

 मेष

प्रेम-प्रसंग में सफलता प्राप्त होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। स्वास्थ्‍य का पाया कमजोर रहेगा। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। कोई दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। विवाद से बचें। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा|

राशि फलादेश  वृष

भूमि व भवन संबंधी कार्य लाभदायक रहेंगे। रोजगार प्राप्ति के लिए किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय से संतुष्टि होगी। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। भाग्य का साथ मिलेगा। दूसरों के काम में दखल न दें। शत्रु नतमस्तक होंगे।

राशि फलादेश  मिथुन

किसी बात के बारे में अनहोनी की आशंका रहेगी। विवाद से क्लेश हो सकता है। शारीरिक कष्ट की आशंका है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। कारोबार अच्‍छा चलेगा। प्रमाद न करें।

राशि फलादेश  कर्क

कोई बड़ा व्यय अचानक सामने आ सकता है। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। भावना में बहकर कोई निर्णय न लें। किसी व्यक्ति से अकारण विवाद हो सकता है। व्यापार ठीक चलेगा। शारीरिक कष्ट का कारण किसी तरह की लापरवाही हो सकती है। समय ठीक नहीं है।

राशि फलादेश  सिंह

सुख के साधन प्राप्त होंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। किसी लंबी यात्रा की योजना बन सकती है। नए काम मिलेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। स्वास्थ्‍य अच्‍छा रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। चोट लगने से बचें। प्रमाद न करें।

राशि फलादेश  कन्या

स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी बड़ी समस्या का निराकरण सहज ही होगा। सुख के साधनों पर व्यय होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। प्रमाद न करें।

राशि फलादेश  तुला

किसी सही बात का भी विरोध हो सकता है। अच्छी खबर प्राप्त होगी। आर्थिक उन्नति के लिए नई योजना बनेगी। समाजसेवा की प्रेरणा प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। समय की अनुकूलता रहेगी। नए अनुबंध होंगे।

राशि फलादेश  वृश्चिक

थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। आत्मसंतुष्टि रहेगी। धन प्राप्ति के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। भाग्य का साथ रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा।

राशि फलादेश  धनु

व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। फालतू खर्च होगा। शारीरिक कष्ट की आशंका है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। घर में अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

राशि फलादेश  मकर

जीवनसाथी के बारे में चिंता रहेगी। किसी लंबी यात्रा की योजना बनेगी। आर्थिक उन्नति होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विवेक से कार्य करें। कार्य में सफलता मिलेगी। विवाद से बचें।

राशि फलादेश  कुंभ

कुसंगति से बचें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में विशेष सावधानी रखें। किसी भी तरह की बहस में हिस्सा न लें। भावना में बहकर महत्वपूर्ण निर्णय न लें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। शत्रु शांत रहेंगे। नौकरी में कार्यभार रहेगा।

राशि फलादेश  मीन

स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। विद्यार्थी वर्ग अध्ययन आदि में सफलता प्राप्त करेगा। संगीत आदि में रुचि रहेगी। नौकरी में कोई नया कार्य करने से प्रभाव बढ़ेगा। कोई गलत निर्णय ले सकते हैं, सावधान रहें।

पंडित आर के तिवारी अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य व तांत्रिक बड़ चौक श्याम नगर रायपुर छत्तीसगढ़ मोबाइल नंबर 98271 58951

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कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार... हर वर्ग के लिए जानिए

दैनिक राशिफल मेष

भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। किसी लंबी यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। नए उपक्रम प्रारंभ हो सकते हैं। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। होगी। स्वास्थ्‍य अच्‍छा रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।

राशि फलादेश वृष

उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। किसी बड़े कार्य को करने की इच्छा जागृत होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनु्कूल लाभ देगा। बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी।

राशि फलादेश मिथुन

भावना में बहकर कोई निर्णय न लें। फालतू खर्च होगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। बनते काम बिगड़ सकते हैं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। धैर्य रखें।

राशि फलादेश कर्क

कमजोर व्यक्तियों की सहायता करने की इच्छा जागृत होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। रुके कार्यों में गति आएगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। नौकरी में सम्मान मिलेगा।। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।

राशि फलादेश सिंह

जल्दबाजी में किए गए कार्य कोई बड़ी हानि का कारण हो सकते हैं। दुष्टजनों से दूर रहें। वाणी पर नियंत्रण रखें। बनते कामों में बाधा आएगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में तनाव रह सकता है।

राशि फलादेश कन्या

प्रेम-प्रसंग अनुकूल रहेंगे। राजकीय बाधा दूर होकर मनोनुकूल स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। भाग्य का साथ रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। प्रसन्नता रहेगी।

राशि फलादेश तुला

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है। निवेश से लाभ होगा। नौकरी में कोई नया कार्य कर पाएंगे।

राशि फलादेश वृश्चिक

डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नए व्यापारिक अनुबंध हो सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में रुतबा बढ़ेगा। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। समय अनुकूल है। शेयर मार्केट से लाभ होगा।

राशि फलादेश धनु

स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। समय की अनुकूलता का लाभ लें। पारिवारिक चिंता में वृद्धि होगी।

राशि फलादेश मकर

कानूनी अड़चन दूर होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हित-शत्रुओं से सावधान रहें। धन प्राप्ति सुगम होगी। तीर्थदर्शन संभव है।

राशि फलादेश कुंभ

जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। मेहनत का फल पूरा-पूरा प्राप्त होगा। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। व्यापार से मनोनुकूल लाभ होगा।

राशि फलादेश मीन

किसी बुरी खबर के मिलने से खिन्नता रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। अपने बुद्धिबल से बाधा दूर कर पाएंगे। विवाद न करें। नौकरी में कार्यभार रहेगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। व्यापार ठीक चलेगा । अ

धिक जानकारी के लिए संपर्क करें

पंडित आर के तिवारी अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य हुआ तांत्रिक बढ़ चौक श्याम नगर रायपुर छत्तीसगढ़ मोबाइल नंबर 98271 58951

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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ऐलान किया है कि वह 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने इसका कारण अपनी सेहत को बताया है। दिसंबर 2016 में गुर्दा प्रतिरोपण के बाद उन्हें डॉक्टरों ने धूल से बचने की हिदायत दी है। मध्य प्रदेश के विदिशा संसदीय क्षेत्र से वर्तमान में लोकसभा सांसद सुषमा स्वराज का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान भाजपा के लिए झटका भी है क्योंकि स्वराज जिस भी सीट से चुनाव लड़तीं वहां पार्टी की जीत पक्की ही थी। सुषमा का लोकसभा में नहीं रहना भाजपा को इसलिए भी परेशान करेगा क्योंकि सदन में उसके पास से एक प्रखर वक्ता चला जायेगा हालांकि यदि 2019 में वापस मोदी सरकार बनती है तो सुषमा मंत्री के नाते लोकसभा में बैठ सकती हैं और सरकार का पक्ष रख सकती हैं लेकिन नियमित तौर पर सदन में उनके नहीं रहने से पार्टी अथवा भावी सरकार को कमी खलेगी।
 
भाजपा को लगातार लग रहा है झटका
 
अब तक लोकसभा में भाजपा का मजबूती से पक्ष रखने वाले और विभिन्न दलों के साथ अपने रिश्तों की बदौलत सरकार के लिए कठिन समय पर राह आसान बनाने वाले केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार नहीं रहे, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी हालांकि वर्तमान लोकसभा में अधिकांश समय खामोश ही रहे लेकिन अपने अनुभव की बदौलत सरकार को राह दिखाते रहे हैं। इन दोनों को भी अगले चुनावों में भाजपा का टिकट मिलने की संभावना बेहद कम है। अब सुषमा स्वराज ने लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया है तो निश्चित ही संसद के निचले सदन में भाजपा की अनुभव और वक्तृत्व कला में निपुण लोगों की कमी हो जायेगी।
 
भाजपा का समयचक्र
 
अटल बिहारी वाजपेयी के सक्रिय राजनीति से दूर होने के बाद और नितिन गडकरी के दिल्ली आने से पहले तक राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा आलाकमान के तौर पर जो लोग प्रभावी माने जाते थे उनमें लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और अनंत कुमार मुख्य थे। लेकिन समय बदला, नितिन गडकरी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये गये तो आडवाणी को छोड़ बाकी सब नेता प्रभावी भूमिका में बने रहे और केंद्र में नरेंद्र मोदी के आने के बाद तो सिर्फ मोदी और अमित शाह भी प्रभावी रह गये। राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज को बड़े-बड़े मंत्रालय तो मिल गये लेकिन जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रिय बने रहे। समय-समय पर प्रधानमंत्री भी जेटली को अतिरिक्त मंत्रालयों का कार्यभार सौंप कर अन्य मंत्रियों से उनका कद ऊँचा रखते रहे।
 
सुषमा के ऐलान से जेटली की चिंता बढ़ी
 
अब सुषमा स्वराज का यह ऐलान कि मैं लोकसभा चुनाव भले नहीं लडूंगी लेकिन राजनीति में बनी रहूंगी, से साफ है कि वह राज्यसभा के जरिये संसद में आएंगी। सुषमा के इस ऐलान से वित्त मंत्री अरुण जेटली की चिंता बढ़नी स्वाभाविक है क्योंकि सुषमा स्वराज राजनीति में उनसे काफी वरिष्ठ हैं और ऐसे में राज्यसभा में सदन के नेता का पद जेटली के पास बना रहेगा या सुषमा के पास जायेगा, इस पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी। आपको बता दें कि जब 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की केंद्र में तीसरी बार सरकार बनी और सुषमा स्वराज उसमें फिर से कैबिनेट मंत्री बनायी गयीं उस वक्त अरुण जेटली ने सरकार में बतौर राज्यमंत्री अपनी संसदीय पारी शुरू की थी।
 
सुषमा से काफी छोटा है जेटली का राजनीतिक कद
 
अरुण जेटली 1999 से राज्यसभा में हैं और एक बार ही लोकसभा का चुनाव लड़े हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने अमृतसर से कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने चुनाव लड़ा था और भारी मतों के अंतर से चुनाव हार गये थे जबकि सुषमा स्वराज अब तक एक ही बार लोकसभा चुनाव हारी हैं और वह भी तब जब 1999 में भाजपा ने कर्नाटक के बेल्लारी से चुनाव लड़ रहीं तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था। तब बेल्लारी में सुषमा स्वराज ने सोनिया गांधी को कड़ी टक्कर दी थी। जेटली वाजपेयी सरकार में बतौर राज्यमंत्री, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और फिर कैबिनेट मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। साथ ही वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। 
सुषमा स्वराज का राजनीतिक सफर
 
सुषमा स्वराज की बात करें तो निश्चित ही वह हिन्दी की प्रखर वक्ता हैं और एक सांसद एवं मंत्री के रूप में उन्होंने संसद एवं विदेश मंत्री के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रभावी भाषण हिन्दी में दिए हैं। वह अंग्रेजी में उसी सहजता के साथ भाषण देती हैं किंतु वह प्राय: हिन्दी में ही बोलना पसंद करती हैं। सुषमा स्वराज के नाम देश में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बनने का भी रिकार्ड है। वह हरियाणा सरकार में 1977 में महज 25 वर्ष की आयु में कैबिनेट मंत्री बनी थीं। उन्हें दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव भी हासिल है। स्वराज भारत की पहली महिला विदेश मंत्री थीं। इससे पहले इन्दिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए यह दायित्व निभाया था। स्वराज तीन बार राज्यसभा सदस्य और अपने गृह राज्य हरियाणा की विधानसभा में दो बार सदस्य रह चुकी हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने सूचना प्रसारण मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्री सहित विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री के रूप में संभाली थी। सुषमा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भी करीबी रहीं थीं और भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के भी वह काफी करीब थीं हालांकि आडवाणी के साथ जिन्ना विवाद जुड़ने के बाद वह उनसे कुछ अलग दिखने लगी थीं। 2009 में जब आडवाणी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे और पार्टी की चुनावों में बुरी हार हुई थी तब आरएसएस ने आडवाणी को विपक्ष का नेता नहीं बनने दिया था और निचले सदन में पार्टी की कमान सुषमा स्वराज के हाथों सौंप दी थी।
 
बहरहाल, सुषमा स्वराज जोकि विदेश मंत्री के तौर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने में, विदेशियों को भारत के करीब लाने में, भारतवंशियों को भारत भूमि के साथ जोड़ने में और ट्वीटर पर एक माँ की तरह सभी की समस्याओं को तत्काल सुलझाने में लगी रहती हैं, जल्द पूर्ण रूप से स्वस्थ हों और वापस आम जनता की प्रतिनिधि बनकर लोकसभा पहुँचे।
 
-नीरज कुमार दुबे
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जिस तरह राम मंदिर मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हिंदूवादी संगठन और भाजपा हवा बनाने में जुटे हैं उससे ऐसा आभास हो रहा है कि क्या मोदी सरकार जल्द ही राम मंदिर पर अध्यादेश लाने वाली है? ऊपरी तौर पर तो मामला कुछ ऐसा ही दिखाई देता है लेकिन असलियत कुछ और है। असल में आरएसएस, भगवा ब्रिगेड और भाजपा राम मंदिर मुद्दे के ‘करंट’ को मापने के साथ जनमानस का दिल टटोल रहे हैं। हिंदूवादी संगठनों ने भाजपा को पर्याप्त मात्रा में राजनीतिक प्राणवायु प्रदान की है और इससे उत्साहित भगवा टोली नये सिरे से अयोध्या विवाद को गरमाने में जुट गयी है। चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, ऐसे में मोदी सरकार इस मसले पर अध्यादेश लाने से कुछ ज्यादा करने की स्थिति में नहीं है। राजनीतिक गलियारों से जो हवाएं छनकर आ रही हैं वो यह संदेश दे रही हैं कि मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में राम मंदिर पर अध्यादेश लाएगी। राम मंदिर अध्यादेश की खबर ऊपरी हवा है। अंदरखाने भगवा टोली पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों पर नजरें गड़ाए है और पांच राज्यों के चुनाव नतीजे ही राम मंदिर निर्माण का भविष्य तय करेंगे।
 
आरएसएस और हिंदूवादी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद की सुनवाई की तारीख से पूर्व ही मोदी सरकार पर राम मंदिर के लिये अध्यादेश लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। संघ प्रमुख ने चेतावनी भरे लहजे में सरकार को इस बाबत कोई ठोस कदम उठाने का फरमान सुनाया है। संघ, हिन्दूवादी संगठनों और जनमानस से मिल रही प्रतिक्रियाओं के बीच मोदी सरकार के सामने राम मंदिर का मुद्दा सुरसा के मुंह की भांति खड़ा हो गया है। यह बात सच है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने मोदी सरकार की मुश्किल बढ़ा दी है, लेकिन एक सच यह भी है कि इस फैसले से बीजेपी को नया चुनावी मुद्दा भी मिल सकता है। यदि विकास के नाम पर भाजपा के पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में जीत मिलती है तो संभव है कि मोदी सरकार राम मंदिर निर्माण पर अध्यादेश के बारे में विचार भी न करे, लेकिन कहीं अगर उसके हाथ हार लगी तो हिंदुत्व की शरण में जाने के सिवाय बीजेपी के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा। 
 
राम मंदिर की सियासत के उबाल के बीच मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में बिल पेश किए जाने या सत्र के बाद अध्यादेश का सहारा लेने के सियासी नफा नुकसान तौलने में पूरी तरह जुट गई है। सरकार, भाजपा और संघ का एक बड़ा धड़ा शीतकालीन सत्र में बिल पेश कर कांग्रेस समेत तमाम विपक्ष को सियासी पिच पर बैकफुट पर धकेलने के पक्ष में है। 11 दिसंबर को पांच राज्यों के चुनाव नतीजे देश के सामने होंगे। इसके बाद पूरे घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ आ सकता है। दिसंबर के दूसरे स्पताह में संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होगा। रणनीति के तहत मंदिर निर्माण मामले में सरकार फ्रंट फुट पर खेलने के लिए तैयार है। फिलहाल दो विकल्पों- अध्यादेश लाने या बिल पेश किए जाने के प्रश्न पर सरकार, भाजपा, संघ और संतों के बीच गहन विमर्श का दौर जारी है। यदि बीजेपी 2019 लोकसभा चुनाव राम नाम पर लड़ने का मन बनाती है तो उसके पास दो विकल्प होंगे, पहला- अध्यादेश और दूसरा शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने का। जानकारों की माने तों अगर पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा के पक्ष में नहीं आए तो राम मंदिर मामले में सरकार दो टूक निर्णय लेगी।
 
पिछले दिनों दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित धर्मादेश कार्यक्रम में देशभर से आए साधु-संतों ने राम मंदिर निर्माण के लिए प्रस्ताव पास किया है। इस मौके पर संत समाज ने कहा कि अब राम मंदिर के निर्माण को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा, इसके लिए सरकार जल्द से जल्द अध्यादेश लेकर आए या फिर कानून बनाए। धर्मादश में स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि, अगर सरकार 2019 चुनाव से पहले राम मंदिर बनवाने में नाकाम रहती है तो भगवान उन्हें सजा देगा।  राममंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार चैतरफा दबाव में है। लेकिन इस दबाव ने राफेल के मुद्दे की आवाज दबाने के साथ भाजपा को विरोधियों पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने का मौका दिया है। राम मंदिर के लिए हिलोरे लेते लहरों के बीच भाजपा अपने सियासी नफे-नुकसान का गणित समझने में जुटी है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से पार्टी के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों और प्रवक्ताओं से कहा गया है कि मंदिर बनने वाला है इस तरह का माहौल बनाया जाए। और ऐसी बयानबाजी की जाए कि कि सिर्फ नरेंद्र मोदी ही राम मंदिर जैसे मुश्किल मुद्दे पर फैसला कर सकते हैं। इसके बाद अगर विधानसभा चुनाव में पार्टी हारी तो सुनी-सुनाई है कि राम मंदिर के नाम पर अध्यादेश आना लगभग तय है।
 
मोदी सरकार अध्यादेश लाई तो क्या होगा ? सरकार, संघ और भाजपा का एक बड़ा धड़ा शीत सत्र में राम मंदिर निर्माण के लिए बिल पेश करने का पक्षधर है। रणनीतिकारों का मानना है कि बिल से कांग्रेस समेत तमाम विपक्ष की परेशानी बढ़ेगी। बिल के विरोध की स्थिति में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के नरम हिंदुत्व की हवा निकल जाएगी। हालांकि सरकार के लिए मुश्किल सहयोगियों को मनाना होगा। सवाल है कि क्या इसके लिए लोजपा, अपना दल, रालोसपा जैसे सहयोगी दल सरकार का साथ देंगे ? मंदिर निर्माण के लिए सरकार के पास अध्यादेश भी एक विकल्प है। एक धड़ा किसी की परवाह किए बिना सत्र के तत्काल बाद अध्यादेश लाने के पक्ष में है। शीतकालीन सत्र में भाजपा के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा राम मंदिर पर प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आने वाले हैं। जानकारों के मुताबिक अध्यादेश की तुलना में सदन के पटल पर विधेयक लाना बीजेपी के लिए ज्यादा मुफीद होगा। हालांकि, लोकसभा में तो बीजेपी इसे पास करा सकती है, लेकिन राज्यसभा में इसकी राह आसान नहीं। ऐसे में कानून न बन पाने का ठीकरा बीजेपी विपक्ष पर फोड़कर कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। बीजेपी भले ही मंदिर निर्माण में सफल न हो, लेकिन वह कांग्रेस को हिंदू विरोधी साबित करने का पूरा प्रयास करेगी। 
 
संघ और भगवा टोली के पास जो फीडबैक है उसके मुताबिक मोदी सरकार की योजनाओं के बलबूते लोकसभा चुनाव में एनडीए का बहुमत पाना उन्हें दूर की कौड़ी मालूम पड़ रही है। संघ ने भाजपा को यह फीडबैक दिया है कि हर बीतते दिन के साथ केंद्र सरकार के प्रति शिकायतें बढ़ रही हैं और कांग्रेस कोई न कोई ऐसा मुद्दा उठाने में कामयाब हो रही है जिसकी चर्चा गांव के चौपाल से लेकर शहर के चौराहे तक हो रही है। वहीं कांग्रेस भी सोशल मीडिया के मंच पर भाजपा को पूरी तरह टक्कर देने लगी है। भाजपा के तमाम नेता और सांसद इस चिंता में घुले जा रहे हैं कि वे अगला चुनाव किस मुद्दे पर लड़ेंगे, मोदी सरकार की किस बात पर वोट मांगेंगे। जन-धन योजना, प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला योजना, जन औषधि योजना या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि का बखान कर वोट नहीं मिलने वाले हैं। ये योजनाएं चुनाव नहीं जिता सकती हैं। इसलिए एक ऐसा सॉलिड ब्रह्मास्त्र चाहिए जिसे लेकर भाजपा के उम्मीदवार गांव-गांव जाएं और प्रचारित करें कि यह काम सिर्फ मोदी ही कर सकता है। ऐस में राम मंदिर से ज्यादा मुफीद और क्या हो सकता है। 
 
अब ये तय हो गया है कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 2019 चुनाव से पहले राम मंदिर पर फैसला नहीं आने वाला है। 2014 लोकसभा चुनाव के बीजेपी के घोषणा पत्र में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा काफी नीचे था, लेकिन जिस तरह से घटनाक्रम चल रहा है, उससे इस बात की पूरी संभावना बन रही है कि 2019 लोकसभा चुनाव में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा सबसे ऊपर होगा। अब तक भाजपा पर इल्जाम लगता था, राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, तारीख नहीं बताएंगे। लेकिन इस बार भाजपा बदले तेवरों और नये नारे के साथ खड़ी दिख सकती है- राम लला हम आएंगे। तारीख नहीं बताएंगे, सीधे मंदिर बनाएंगे। फिलवक्त राम मंदिर का भविष्य पांच राज्यों के जनादेश पर टिका है। 
 
-डॉ. आशीष वसिष्ठ
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