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नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे। उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरोध के बावजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए सिद्धू ने नए मुख्यमंत्री चन्नी से नाराजगी के बाद इस्तीफा दे दिया था।

पंजाब के कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने इसका ऐलान करते हुए कहा, ”उन्होंने (सिद्धू) राहुल गांधी को अपनी चिंताएं बताईं। हमने उन्हें बताया है कि उनकी चिंताओं का ध्यान रखा जाएगा।

उन्होंने राहुल गांधी को भरोसा दिया कि उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है और प्रदेश कांग्रेस कमिटी अध्यक्ष के रूप में अपना काम करते रहेंगे।”

राहुल से मुलाकात के बाद उनके आवास के बाहर सिद्धू ने पत्रकारों से कहा, ”जो भी चिंताएं थीं मैंने राहुल गांधी से साझा किए हैं, सबकुछ सुलझा लिया गया है।” हालांकि, अभी यह जानकारी नहीं मिली है कि पार्टी ने राहुल से क्या-क्या वादे किए हैं।

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बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से होने वाले उपचुनाव में बीजेपी की सीट से चुनाव लड़ सकती हैं. ये सीट इस साल मार्च में बीजेपी सांसद रामस्वरूप शर्मा की मौत के बाद खाली हो गई थी. बीजेपी 30 अक्टूबर को होने उपचुनाव के लिए चार विधासभा सीटों समेत मंडी लोकसभा पर अपने उम्मीदवार फाइल करने के लिए धर्मशाला में बैठक करने वाली है.

 

प्रदेश में फतेहपुर, जुब्बल कोथकाई और अर्की विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. आर्की सीट 6 बार सीएम रहे वीरभद्र सिंह के 8 जुलाई को निधन के बाद खाली हुई है. वहीं बाकी दो सीटें यहां के विधायकों की मौत के बाद ही खाली हुई हैं.

 

कंगना को टिकट देने के पक्ष में एक धड़ा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कंगना ने खुलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहीर नहीं की है. वहीं बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने भी उम्मीदवारों को लेकर एक दौर की चर्चा कर ली है. लेकिन पार्टी का एक धड़ा कंगना रनौत को टिकट देने के पक्ष में हैं. बता दें कंगना रनौत मंडी जिले के भांबल गांव से हैं और हाल ही में उन्होंने मनाली में अपना नया घर बनाया है. ये भी मंडी संसदीय क्षेत्र में ही आता है.

 

मंडी से टिकट के प्रमुख दावेदार

जोगिंदरनगर से बीजेपी नेता और पूर्वोत्तर के सात राज्यों के लिए बीजेपी के संगठन सचिव अजय के छोटे भाई पकंज जामवाल भी मंडी सीट से उपचुनाव के लिए टिकट के प्रमुख दावेदार हैं. वहीं सीएम जयराम ठाकुर के सहयोगी निहाल चंद भी उपचुनाव में टिकट की दौड़ में हैं. वहीं कारगिल युद्ध के हीरो ब्रिगेडियर कुशल ठाकुर भी टिकट पाना चाहते हैं.

 

पार्टी की चुनावी समिति में जयराम ठाकुर, केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश पार्टी चीफ सुरेश कश्यप, बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, सह प्रभारी संजय टंडन, हिमाचल प्रभारी अविनाश राय खन्ना, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, बीजेपी संगठन सचिव पवन राणा, पार्टी महासचिव त्रिलोक जामवाल , पूर्व स्पीकर राजीव बिंदल , राकेश जामवाल और त्रिलोक कपूर शामिल हैं.

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रायपुर/16 सितंबर 2021। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा और डा. रमन सिंह की फितरत लाशों पर राजनीति करना है, इसीलिये शायद इन्होंने अनर्गल आरोप लगाना बंद नहीं किया है। डा. रमन सिंह ये बताना चाहेंगे कि उनके शासनकाल में पंडो जनजाति के लिये क्या किया कि 15 वर्षों में भी पंडो लोगों की स्थिति में रत्ती भर भी सुधार नहीं हुआ? क्या कारण था कि सूरजपुर के पंडोनगर के लोगों को विधानसभा चुनाव 2018 का बहिष्कार करने की घोषणा करनी पड़ी थी?

भाजपा ने सन 2017 में तब जांच टीम क्यों नहीं भेजी जब सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में थोड़े से अंतराल में ही पंडो समाज के करीब 30 लोगों की मृत्यु हो गई थी जिस पर केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम को जांच करने के लिये आना पड़ा था? उस समय डा. रमन सिंह के मुंह पर ताला क्यों पड़ गया था? 2016 में वाड्रफनगर के बसंतपुर में रामकरण पंडो की मृत्यु को लेकर क्यों पूरे पंडो समाज को उग्र आंदोलन करने पर विवश होना पड़ा था, क्या डा. रमन सिंह इस पर प्रकाश डालना नहीं चाहेंगे?

क्या कारण है कि पंडो समाज में भाजपा अपने शासन के 15 वर्षों में अंधविश्वास और अशिक्षा को दूर नहीं कर पायी, क्या कारण है कि पंडो समाज की मातायें बहनें वर्षों से कुपोषण का शिकार रहीं जिसके कारण एक बड़ी आबादी हिमोग्लोबिन की कमी से जूझती रही? इन प्रश्नों में से किसी का भी उत्तर डा. रमन सिंह के पास नहीं होगा लेकिन एक बात वे बखूबी करना जानते हैं, और वो है एक ऐसे संवेदनशील विषय पर कुत्सित राजनीति करना।

 

बलरामपुर में पंडो समाज के लोगों की मृत्यु की घटना की जांच के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव को दिये जा चुके हैं जिन्हें तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।

पंडो जनजाति में हिमोग्लोबिन की कमी के मद्देनज़र सभी आवश्यक दवायें सप्लाई करने के निर्देश दिये जा चुके हैं। भाजपा शौक से अपनी जांच समिति गठित करके भेज सकती है, वैसे भाजपा को ये जांच समिति अपनी सरकार के समय गठित करनी थी और उनकी सुध लेनी चाहिये थी। अब वहा जाकर घड़ियाली आंसू बहाना सिर्फ और सिर्फ भाजपा की डर्टी पालिटिक्स है और कुछ नहीं।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि कांग्रेस सरकार न सिर्फ पंडो बल्कि सभी जनजातीय समाजों के लिये पूरी गंभीरता से काम कर रही है। पंडो विकास अभिकरण के लिये बजट की कोई कमी नहीं रखी गई है। सरकार ने मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत कुपोषण के विरूद्ध एक निर्णायक जंग छेड़ी हुई है जिससे सभी लाभान्वित हो रहे हैं। मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं और दाई दीदी क्लीनिकों के माध्यम से माताओं और बहनों को निरंतर स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जो भी स्थानीय बाधायें रहीं या कमियां छूट गईं वे जांच में सामने आने पर उन पर सरकार कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा किसानों से, किसानों की प्रतिनिधि सरकार से कितना नफरत करती है ये उनके शासन के 15 साल में स्पष्ट हो ही गया था, बस्तर में अपने चिंतन शिविर में किसानों की सरकार को थूक कर बहा देने के बयान से भाजपा ने अपनी खीझ को और प्रकट कर दिया क्योंकि किसान भाईयों ने आपकी धोखेबाज सरकार और धोखेबाज पार्टी को सत्ता से उतार फेंका था। तब से आप किसानों को भ्रमित करने के लिये दोहरी राजनीति खेल रहे हैं, एक तरफ किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाते हुए लाखो रूपये कमा रहे हैं, दूसरी तरफ प्रदेश के किसानों में सरकार के प्रति असंतोष भरने का षड़यंत्र कर रहे हैं।  

 

 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि आपको प्रदेश के किसानों को ये बताना चाहिये कि आपकी भाजपा की केंद्र सरकार ने किस तरह से छत्तीसगढ़ से धान खरीदी करने के वादा करके धान नहीं खरीदा और हमारे किसानों के खून पसीने से सींचकर उपजाये गये धान का अपमान किया गया। आपको बताना चाहिये कि किस तरह से भाजपा की केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को एक-एक बारदाने के लिये तरसाया जिसके कारण हमें मजबूरी में वैकल्पिक व्यवस्थायें करनी पड़ीं।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि आपको बताना चाहिये कि किस प्रकार से केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की सरकार को परेशान करते हुए एफसीआई को धान का उठाव नहीं करने दिया गया जिसके कारण धान खरीदी केंद्रों, संग्रहण केंद्रों में धान का उठाव नहीं किये जाने से धान पड़ा रह गया और सबसे दुखद बात ये है कि भाजपा के प्रदेश के नेताओं ने केंद्र सरकार पर दबाव बनाना तो दूर एक आवाज तक नहीं उठाई बल्कि फर्जी मुद्दे बना बनाकर किसानों और जनता को भ्रमित करते रहे। आपने प्रदेश सरकार के हिस्से की जीएसटी की राशि केंद्र सरकार द्वारा दबा लिये जाने पर भी मौन साधे रखा क्योंकि आपको प्रदेश की जनता के कल्याण की कोई चिंता नहीं थी।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा अब शिकायत करने का अधिकार खो चुकी है आपको पश्चाताप करना चाहिये। अब भाजपा के पास कोई मुंह नहीं बचा है कि वह आदिवासी, किसानों, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग के लोगों के संबंध में कोई भी तर्क करे और भाजपा को अपनी सांप्रदायिकता की राजनीति को भी बंद करना चाहिये क्योंकि प्रदेश की जनता जानती है कि भाजपा अपने शासनकाल में धर्मान्तरण पर कोई कार्यवाही नहीं करती और इसे कांग्रेस की सरकार आने पर एक घातक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है जैसे छत्तीसगढ़ में हाल फिलहाल में कर रही है। प्रदेश की जनता जानती है कि धर्म भाजपा के लिये समाज को विभाजित करके वोट बैंक की राजनीति करने की एक चाल है और जनता कभी आपके मंसूबों को सफल नहीं होने देगी।

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गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने राज्य के गवर्नर आचार्य देवव्रत को अपना इस्तीफा सौंपा. इस्तीफा देने के बाद विजय रुपाणी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ये परंपरा रही है कि समय के साथ साथ कार्यकर्ताओं के दायित्व भी बदलते रहते हैं. उन्होंने कहा कि ये हमारी पार्टी की विशेषता है कि जो दायित्व पार्टी द्वारा दिया जाता है पूरे मनोयोग से पार्टी कार्यकर्ता उसका निर्वहन करते हैं.

 

विजय रुपाणी ने इस्तीफा देने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री के रूप में जो दायित्व का निर्वहन करने के बाद अब मैंने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देकर पार्टी के संगठन में नई ऊर्जा के साथ काम करने की इच्छा भी जताई है. मुझे पार्टी द्वारा जो भी ज़िम्मेवारी मिलेगी, उसका मैं संपूर्ण दायित्व और नए ऊर्जा के साथ प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के मार्गदर्शन में मैं अवश्य काम करता रहूंगा."

 

 विजय रुपाणी ने इस दौरान गुजरात की जनता का भी शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, "मैं गुजरात की जनता के प्रति भी आभार व्यक्त करता हूं कि विगत पांच वर्षो में हुए उपचुनाव या स्थानीय निकाय के चुनाव पार्टी और सरकार को गुजरात की जनता का अभूतपूर्व समर्थन, सहयोग और विश्वास मिला है. गुजरात की जनता का विश्वास भारतीय जनता पार्टी की ताकत भी बनी है और मेरे लिए लगातार जनहित में काम करते रहने की ऊर्जा भी उससे मिली है.

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थूक पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी  भाजपा के प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने चिंतन शिविर में राजनीतिक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि भाजपा के हमारे कार्यकर्ता पलट कर थूक देंगे तो भूपेश सरकार बह जाएंगे ।

जिस पर प्रदेश की सियासत में सरगर्मी बढ़ गई है कांग्रेस के वरिष्ट नेता ने इस पर अपने कड़ी प्रतिक्रिया दी है ।इस बयान पर सीएम भूपेश  बघेल ने कड़ी निन्दा करते हुए कहा प्रदेश में यह सरकार किसान ,मजदूर ,अल्पसंख्यक और पिछड़ों वर्ग की है  भाजपा के पदाधिकारियों के द्वारा इस प्रकार का बयान देने पर उनकी कुंठित और घृणित सोच दिखाई पड़ती है यह बयान से किसानों का अपमान है  कांग्रेस के तरफ से काफी कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है और इस पर प्रेस वार्ता कांग्रेस भवन में बुलाई गई थी । इस पर आगे मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा की बड़े दुख की बात है की भाजपा की चिंतन शिविर का निष्कर्ष थूक पर निकला है ।और उसके बाद मंत्री अकबर ने इस बयान पर पलटवार करते हुए तंज कसा कि कोरोना में थूक के लिए 

प्रेरित करना अपराध है ,कलेक्टर यदि संज्ञान ले ले तो  इनके लेने के देने पड़ जाएंगे।इस प्रेस वार्ता में  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम मंत्री गण जैसे कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ,मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम , मंत्री मोहमद अकबर,मंत्री  डा शिव डहरिया ,कांग्रेस प्रवक्ता एवम कार्यकर्ता आदि  उपस्थित थे ।

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रायपुर/28 जुलाई 2021। कांग्रेस सरकार द्वारा स्व. चंदूलाल चंद्राकर स्मृति मेडीकल कालेज अधिग्रहण की दिशा में ठोस पहल की स्वागत करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यह फैसला राज्य के लोगों के लिए ही स्वास्थ्य सुविधाओ और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। छत्तीसगढ़ को हर साल मिलेंगे डेढ़ सौ डॉक्टर, भाजपा कर रही है इसी का विरोध, छत्तीसगढ़ की भावना से जुड़े एआईसीसी प्रवक्ता रहे दैनिक हिंदुस्तान के संपादक रहे स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकर की स्मृति में बने मेडिकल कॉलेज और 700 बिस्तरों का अस्पताल की सरकारी अधिग्रहण कर रक्षा कर पाना हम सब के लिये गौरव की बात है।

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ की पूरी जनता और छात्रों के हित में तथा प्रदेश में तेजी से चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के उद्देश्य से चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग के अधिग्रहण का निर्णय लिया गया है। इससे चिकित्सा महाविद्यालय के रूप में एक तैयार अधोसंरचना का अधिग्रहण किया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ की भावना से जुड़े, एआईसीसी प्रवक्ता, दैनिक हिंदुस्तान के संपादक रहे स्व चंदूलाल चंद्राकर की स्मृति में निर्मित मेडिकल कालेज और 700 बिस्तर के अस्पताल का कोई सौदा नहीं हुआ है। अभी तक कोई मूल्यांकन भी नहीं हुआ। 350 चिकित्सा छात्रों के भविष्य से जुड़े सवाल पर भाजपा स्तरहीन राजनीति कर रही है। भाजपा को इस पर साथ देना चाहिए था ना कि इस पर राजनीति करके सवाल खड़े करने चाहिए। 350 चिकित्सा छात्रों के भविष्य से जुड़े सवाल पर बीजेपी की स्तरहीन राजनीति बेनकाब हो गयी है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की जनता के प्रति हमेशा उत्तरदायित्व पूर्ण रवैय्या अपनाया है। कांग्रेस सार्वजनिक क्षेत्र के पक्षधर है। भाजपा की केन्द्र सरकार की तरह छत्तीसगढ़ सरकार जनता की संपत्ति नहीं बेच रही हैं। भूपेश बघेल सरकार ने चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कालेज में अध्ययनरत छात्रों के भविष्य के लिए यह कदम उठाया है। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज पर लगाये जा रहे विपक्ष के तरह-तरह के कयास सभी निराधार साबित हुये। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज का अधिग्रहण प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने के लिये लिया गया ठोस फैसला है। इससे एक नया मेडिकल कॉलेज बनाने में लगने वाले समय की बचत होगी। हर साल प्रदेश को डेढ़ सौ डॉक्टर मिलेंगे। सरकारी खजाने से दुर्ग में एक मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ खर्च कर और 5 साल इंतजार करने के बजाय सरकारी राशि की बचत कल डेढ़ सौ करोड़ में जल्दी अस्पताल शुरू करवाने का फैसला लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साबित कर दिया है कि वे छत्तीसगढ़ के सभी लोगो को अपना परिवार मानते है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अभी छत्तीसगढ़ के लोग रमन सिंह सरकार के पिछले 15 सालों को भूली नहीं है। जब मामूली स्वास्थ्य सुविधा के लिए सबको भटकना पड़ता था। अब प्रदेश में उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा उपलब्ध है। क्या हम लोगों को नहीं मालूम कि कैसे केंद्र ने इस साल भी तीन प्रस्तावित शासकीय मेडिकल कॉलेज की मान्यता आखरी समय में अमान्य कर दी थी? प्रदेश में एमबीबीएस कोर्स करने की इच्छुक विद्यार्थी इस बात को भलीभांति जानते हैं कि डेढ़ सौ सीटों वाले इस मेडिकल कॉलेज के सरकारी बनाने से उन्हें कितना ज्यादा लाभ मिलेगा।

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रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राज्य में धान बर्बादी की असली जिम्मेदार भाजपा की पूर्ववर्ती रमन सरकार है। छत्तीसगढ़ में राज्य बनने के साथ ही सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में धान खरीदी की परंपरा है। राज्य की पहली कांग्रेस की सरकार ने धान और चावल के जो भंडारण के गोदाम बनाने शुरू किये उसके अलावा भाजपा की रमन सरकार ने 15 साल में धान को सुरक्षित रखने के लिये कोई गोडाऊन नहीं बनवाये। भाजपा की सरकार के समय भी औसतन 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने अपने पूर्ववर्ती सरकार के बनाये 5 लाख मीट्रिक टन क्षमता की भंडारण क्षमता को नहीं बढ़ाया राज्य में धान को खुले में और तिरपाल में एक कर रखने की परंपरा बन गयी। भाजपा की रमन सरकार ने बड़ी-बड़ी अट्टालिकायें बनवाई। नई राजधानी में फिजूल के 14000 रू. का निर्माण कार्य करवाया। स्काईवाक जैसे अनुपयोगी निर्माण करवाया लेकिन छत्तीसगढ़ के किसानों की मेहनत की उपज धान को सुरक्षित रखने के लिये कुछ नहीं किया। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में धान के गोदाम बनाने के लिये कार्ययोजना बनाना शुरू किया। धान खरीदी केन्द्रों पर चबूतरे बनाये गये ताकि धान की बर्बादी बंद हो। भाजपा धान बर्बादी पर घडियाली आंसू बहाना बंद करे।

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के परिणामस्वरूप धान और चावल का उठाव नही हो पाया। भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानो धान से बना चावल लेने से इंकार किया। छत्तीसगढ़ के माटी से बने एफसीआई के गोदामों से छत्तीसगढ़ का चावल नही रहेगा तो कहा का चांवल रहेगा? भाजपा के केन्द्र सरकार ने पहले कहा था, 60 लाख टन चावल लेंगे। उसको घटाकर 24 लाख टन कर दिया। केन्द्रीय मंत्री और भाजपा की केन्द्र सरकार लगातार हटधर्मितापूर्ण तरीके से बदले की भावना से छत्तीसगढ़ के खिलाफ, किसानो के खिलाफ फैसले ले रहे है और छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता अपनी केन्द्र सरकार के फैसलों के परिणाम स्वरूप उत्पन्न स्थिति के लिये राज्य सरकार को दोषी ठहराने की साजिशें रच रहे है। भाजपा नेता छत्तीसगढ़ के हितों के खिलाफ झूठ प्रपंच और षडयंत्र रचकर बड़ी-बड़ी बाते कर रहे है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के शासन में हुये धान घोटाले में स्कूटर से 24-24 टन धान का परिवहन हुआ और धान का मोवा सहाकारी समिति का बड़ा घोटाला हुआ। रमन सिंह के शासनकाल में नान जैसे 36 हजार करोड़ के घोटाले हुये। सर से पांव तक भ्रष्टाचार में डूबे भाजपा नेताओं को ऐसी बड़ी बाते करने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा यह न भूले की केन्द्र सरकार की एजेन्सी के रूप में राज्य सरकार धान की खरीदी करती है और केन्द्र सरकार ने अपने सारे दायित्वों से हाथ खींचकर राजनैतिक प्रतिशोध की नई नजीर सामने रखी है।

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रायपुर / भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के ऊपर आज गंभीर  आरोप लगाते हुए कहा कि वोट लेने के बाद कांग्रेस ने किसानों के साथ दगाबाजी की है, कांग्रेस ने किसानों के खेत मे डाका डाला है। कांग्रेस पार्टी जवाब दो आधा कार्यकाल का हिसाब दो। उन्होंने ढाई साल में बेरोजगारों को रोजगार न मिलने व 2500 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता न मिलने के लिए के युवाओं के साथ ठगी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओ ने युवाओ को धोखा देकर अपने व अपने कार्यकर्ताओं, माफियाओं के लिये रोजगार तो ढूंढ लिया पर बेरोजगारों को उसी हाल में छोड़ दिया। हजारों युवा विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से रोजगार के लिए चयनित हो गए हैं पर उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दी जा रही है नियुक्ति पत्र देने के नाम पर सौदा किया जा रहा है। 

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 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की जनता से  वादाखिलाफी, मतदाताओं से धोखाधड़ी, जालसाजी,भ्रष्टाचार व प्रदेश की अराजक स्थिति को लेकर सरकार के आधा कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर उसे जवाब मांगने आज डॉ खूबचंद बघेल चांगोराभाटा, लेफ्ट. अरविंद दीक्षित वार्ड पचपेड़ी नाका, टिकरापारा वार्ड, नंदी चौक, ब्राह्मण पारा, कंकाली पारा वार्ड में जाकर आम मतदाताओं के बीच जनजागरण अभियान चलाया।

 

  अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा रायपुर शहर में  आराजकता की स्थिति पैदा हो गई है घर-घर गली-गली अवैध शराब की, गांजा की, अफीम की, ड्रग्स की, सूखे नशे के सामानों की, होम डिलीवरी करवा रही है सरकार। शहर के युवाओं को बच्चों को नशे की लत में धकेल दिया है। कोरोना काल में लोगों को दवा पहुंचाने के बजाय सरकार घर-घर शराब पहुंचा रही थी।

 

 अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार पहली ऐसी सरकार है जिन्होंने प्रदेश के 4 लाख 50 हजार गरीबों के सर से पक्के मकान का सपना व छत को छीन लिया है। मोदी जी की सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के गरीबों के लिए छह लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने आर्थिक दिवालियापन के चलते जहां 4 लाख 50 हजार गरीबों के आवास को वापस कर दिया, वहीं लाखो गरीबों को मकान का सपना दिखाकर उनकी पहली और दूसरी किस्त आज तक नहीं दी। लोगो का मकान अधूरा पड़ा है। पक्के मकान का सपना देख रहे गरीब जनता आज अपने कच्चे मकान को तोड़कर फुटपाथ पर जीने मजबूर हैं।

 

 अग्रवाल ने कहा कि चुनाव के पहले आप सबको पट्टा देने का वादा किया गया था बताइए कितने लोगों को पट्टा मिला है? किसी को पट्टा मिला? यह सरकार पट्टा देने के बजाय शहर के कीमती जमीनों को बेचकर पैसा कमाने में लगी हुई है। कटोरा तालाब, सिविल लाइन, शंकर नगर, शांति नगर की कीमती जमीनों को बेचा जा रहा है।

 

अग्रवाल ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी के बजाय घर-घर  शराब, हर-घर शराब हो गया है। महिला स्व सहायता समूह का कर्ज माफी का वादा पूरा नहीं हुआ। आपके संपत्ति कर को आधा करने का वादा किया गया था कार्यकाल आधा हो गया पर संपत्ति कर आधा नही  हुआ।

 

अग्रवाल ने कहा कि पहले आप लोगों का पूरे प्रदेश में

स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 50 हजार तक व केंद्र सरकार की योजना आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक का इलाज फ्री में हो रहा था। इस सरकार के आते ही इलाज की सारी योजनाएं बंद हो गई। यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड का आधा कार्यकाल पूरा होने तक रही कोई अता पता नहीं है। आप सब ऐसे वादाखिलाफी करने वाले सरकार को उखाड़ फेंकने तैयार हो जाए।

 

चांगोराभाठा कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मोतीलाल साहू, जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी, मीनल चौबे, महेश शर्मा, यादराम साहू, रतिराम साहू, मोहन वर्मा, भोजपुरी नाका कार्यक्रम में मुकेश पंजवानी, मनोज राजपूत, बॉबी खनूजा, स्वप्निल मिश्रा, राजेश जैन, राहुल जैन, सचिन मेघानी, शंकर बरोड़ा,  कृष्णा सेन, राजेश ठाकुर, महेश वर्मा, कुंदन ठाकुर, देवेंद्र साहू, शेरू ध्रुव, गणेश गुप्ता, दादू, अमजद, पुष्पराज केसरवानी, मनीष साहू, सिद्धाम शर्मा, थानु राम पटेल, गौरव कुमार, प्रकाश चौबे, विद्या साहू, कमल, आशा, आरती शुक्ला, नंदनी यादव, अनीता बोये, माधुरी बघेल, अंजू नायक, नीतू सोनी, संतोष साहू, राहुल जैन, सुदर्शन सेन, जीतू धनकर, बलराम साहू, अतुल, बसंत, अमितेश नामदेव, याकूब गनी, टिकरापारा में रामकृष्ण धीवर, अमित साहू, सालिक ठाकुर, चूड़ामणि निर्मलकर, चंद्रपाल धनगर, संजू नारायण सिंह ठाकुर, अभिषेक तिवारी, राज गायकवाड, बद्री गुप्ता, आमिर कोसे, शंकर  धीवर, आशीष धनकर, केदार धनगर, गौरी यदु, सीमा साहू, पिंकी कुरेशी, सुधा अवस्थी, राजकुमारी साहू, रेहाना खा, कविता साहू, राज गायकवाड, बजरंग ध्रुव, बद्री गुप्ता, कौशल श्रीवास, रवि पांडे, अभिमन्यु धनगर, इसराइल खान, जय प्रकाश देवांगन, मनोज साहू, अभिषेक धनगर, गोपाल साहू, अमित संगेवार, पुनीत गुप्ता, राकेश साहू, उत्तम गुप्ता, वर्धमान सुराना, प्रवीण देवड़ा, आकाश दुबे, प्रेम बिरनानी, अजय साहू, राजू बिरनानी, भूपेंद्र डागा, विशाल भुरा, सुमन मुथा, मोहित नाथवाणी, दामोदर डोडानी, धरमू अलवानी, उमेश सोनकर, विनोद अरोरा, शरण ताम्रकार, अरविंद शुक्ला, कोमल रामानी, गिरीश अवधिया, अमन ताम्रकार, सतीश कुंजेकर, नितिन साहू, कृतिक अवधिया, कृष्णा पधारिया, मुकेश, लोकु भावनानी, चांदनी वलेचा, पूरन देमानी, आनंद सचदेव, यशवंत, आशीष, कमलेश लालवानी, ऋतु, मनोहर सचदेव सहित वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

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जयपुर/ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाकर और खिलाड़ियों को आउट ऑफ वे जाकर सरकारी नियुक्तियां तक देकर उनको सौगात दी जा रही है लेकिन वहीं दूसरी ओर राजस्थान में खिलाड़ियों को मिलने वाले भत्ते व अनुदान की राशि में जमकर भ्रष्टाचार का खेल भी खेला जा रहा है और इस खेल को खेलने वाले खिलाड़ी को राजस्थान क्रीड़ा परिषद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आंखों में धूल झोंक कर हाल ही में गहलोत द्वारा सृजित किए गए चीफ स्पोर्ट्स ऑफिसर की कुर्सी पर बिठाने की तैयारी की जा रही है अगर ऐसे ही भ्रष्ट  को चीफ स्पोर्ट्स ऑफिसर की कुर्सी पर बिठा दिया गया तो राजस्थान में खिलाड़ियों के साथ कुठाराघात होगा ।

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भष्ट्राचार के खेल का खुलासा एक अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडी अमन ठठेरा द्वारा लगाई गई आरटीआई से सामने आया है । इस मामले मे भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो मे भी जांच चल रही है । रोलबाॅल स्केटिंग के अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडी अमन ठठेरा ने बताया की राज्य सरकार द्वारा रोलबाॅल स्केटिंग के राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं मे भाग लेने और मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को दैनिक भत्ता  निर्धारित नियमानुसार राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा दी जाती है और उसके द्वारा लगाई गई आरटीआई से पता चला की राज्य सरकार द्वारा सन 2014  से 2017 तक रोलबाॅल स्केटिंग के राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं मे भाग लेने और मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को भत्ते  के रूप मे 21.48 लाख रूपये आवंटित किए । यह राशि सरकार राजस्थान रोलबाॅल संघ को आवंटित कराई है और संघ खिलाड़ियों को भुगतान करता है बस यही से शुरू होती है खेल मे भष्ट्राचार का खेल ।  अमन ने बताया की राजस्थान रोलबाॅल संघ के तत्कालीन महासचिव रमेश सिंह द्वारा अपने चहेते खिलाडियों को फायदा देने के लिए फर्जी हस्ताक्षर कराकर खाना पूर्ति करके भत्ते उठा लिया गया ।।इसके बाद अन्तरराष्ट्रीय खिलाडी अमन ठठेरा द्वारा सरकार और भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो मे की गई शिकायत के बाद राजस्थान क्रीडा परिषद ने 8 अगस्त 2017 से देनिक भत्ता को ऑनलाइन के माध्यम से खिलाडियों के सीधे खाते मे जमा कराने कै निर्णय लेते हुए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी गई ।।

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महासचिव रमेश सिंह की कारगुजारियां महासचिव ने अपनी पत्नी के नाम से उठाया अनुदान 

 

राजस्थान रोलबाॅल संघ के निर्वतमान महासचिव रमेश सिंह ने फर्जीवाडे की हदे पार करते हुए अपनी पत्नी रेणूरानी को भी खेलना बता उसी नाम से अनुदान के रूप मे 52083  रूपये उठाए । खिलाड़ियों के रेल यात्रा के दौरान मिलने वाली रियायत भी उठाई गई है । 

 

अमन के नाम से उठाया फर्जी भत्ता

 

अमन ने बताया की आरटीआई से खुलासा हुआ की उसके स्वयं के नाम से 6 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं मे भाग लिया था लेकिन उसे भत्ता देने के लिए न तो हस्ताक्षर कराए लेकिन आरटीआई मे पता चला की उसके नाम के आगे सभी 6 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं मे अलग-अलग फर्जी हस्ताक्षर किए हुए है और राशि उठाई गई । 

 

अब बना दिया पत्नी को महासचिव 

 

इस भष्ट्राचार के खेल की आंच आई तो रमेश सिह ने पेतंरा खेलते हुए स्वंय ने राजस्थान रोलबाॅल संघ के महासचिव पद पर सांठगांठ कर चुनाव मे अपनी जगह अपनी पत्नी रेनूरानी को महासचिव बना दिया । 

 

अमन ने बताया की उसने इस सारे फर्जीवाडे कि शिकायत राजस्थान व केन्द्र सरकार के मंत्रियों तथा अधिकारियो से की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने पर उसने भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो मे सारे सबूतों के साथ शिकायत की जिस पर ब्यूरो द्वारा परिवाद संख्या 293/ 2017 दर्ज कर जांच पडताल जारी कर दी है। 

 

चीफ स्पोर्ट्स ऑफिसर के पैनल में रमेश सिंह शुमार 

 

गहलोत सरकार की पहल पर राजस्थान क्रीड़ा परिषद द्वारा हाल ही में सृजित किए गए सीटू स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर मांगे गए आवेदकों मैं रोल बॉल खिलाड़ी रमेश सिंह ने भी आवेदन किया था और कमेटी के पैनल द्वारा साक्षात्कार के लिए जिनको चयन किया गया उसमें रमेश सिंह भी शामिल है ।

 

 

खेल मंत्री चांदना से निकटता

 

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार रमेश सिंह जयपुर ग्रेटर निगम में एक पार्षद पुत्र  से निकटता रखते हुए उन के माध्यम से खेल मंत्री अशोक चांदना के लगातार संपर्क में हैं क्योंकि पार्षद पुत्र के खास सिपहसालार माने जाते हैं और रमेश सिंह पार्षद पुत्र के कंधों को अपनी सीढ़ियां बना कर चीफ स्पोर्ट्स ऑफिसर की कुर्सी पर बैठने की कवायद में है ।

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की पत्रकार वार्ता पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पलटवार किया है। मरकाम ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की चौतरफा विफलताओं को छिपाने के लिए भाजपा ध्यान भटकाने में लगी है। मोदी की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए राज्य सरकार पर भाजपा ने पत्रकार वार्ता लेकर झूठे आरोप मढ़ने का काम किया है। कांग्रेस ने पूछा है कि भाजपा नेता बतायें कि अच्छा काम कर रही छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर झूठे आरोप लगाने का निर्देश नागपुर से आया था या दिल्ली से ? 

 

मरकाम ने कहा है कि पत्रकार वार्ता लेकर जितने आरोप भाजपा नेताओं ने लगाए हैं उनके लिए मूल रूप से मोदी सरकार ही जिम्मेदार हैं। छत्तीसगढ़ सरकार को कर्ज लेने के लिए बाध्य मोदी सरकार ने ही किया है। मोदी सरकार ने जीएसटी का छत्तीसगढ़ के हक का पैसा नहीं दिया। छत्तीसगढ़ के हक कोयले की रायल्टी का पैसा भी मोदी सरकार नहीं दे रही है। इतनी बड़ी कोरोना महामारी की फर्स्ट और सेकंड वेव का सामना टेस्टिंग फैसिलिटी बढ़ाने का काम छत्तीसगढ़ सरकार ने किया लेकिन आपदा प्रबंधन के लिए मोदी सरकार ने कोई राशि नहीं दी। 

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने कर्ज लिया है तो किसानों को कर्ज मुक्त करने के लिए, धान का दाम ₹2500 देने के लिये, प्रदेश के विकास के लिये। 

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने रमन सिंह से कहा है कि तू इधर-उधर की बात ना कर यह बता कि कारवां क्यों लुटा? भाजपा को तो छत्तीसगढ़ के मतदाता खारिज कर चुके हैं। 15 साल के शासन काल के बाद भाजपा को छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने 15 सीटों के लायक भी नहीं समझा। मोदी सरकार की विफलता महंगाई बढ़ती बेरोजगारी से ध्यान हटाने के लिए भाजपा द्वारा राज्य सरकार पर आरोप लगाने की भाजपा की कुचेष्टा छत्तीसगढ़ के लोग बखूबी समझ रहे हैं।

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