राजनीति

राजनीति (157)

रायपुर/05 जुलाई 2022। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज है। यहां किसी भी तरह का कोई अपराधी बच नहीं सकता। किसी भी घटना के आरोपी जल्द से जल्द कानून की गिरफ्त में होते हैं। जांजगीर चांपा जिले में दुष्कर्म और हत्या की वारदात अक्षम्य है। ऐसी घटना के आरोपी कोई हो उनको बख्शा नहीं जायेगा। पुलिस ने आरोपी का पता लगाकर जल्द से गिरफ्तार किया है। कानून से बड़ा कोई अपराधी नहीं हो सकता। भाजपा के राज में तो ज्ञात अपराधी भी खुले आम घूमते थे। भाजपा ने पंद्रह साल तक जंगल राज चलाया। महिलाओं के लिये जीवन जीने के लिये भय मुक्त वातावरण देना कांग्रेस सरकार की पहली प्राथमिकता है।

 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि विष्णुदेव अपने गिरेबान में झांक कर बताये कि भाजपा राज में गायब छत्तीसगढ़ की हजारों बेटियां कैसे गायब हो गयी। वे बतायें की भाजपा के राज में झलियामारी जैसे कांड क्यों होते थे, खलको जैसी घटनाएं किसके संरक्षण में होती थीं? भाजपा राज के मुख्यमंत्री रमन सिंह के ओएसडी किसके संरक्षण में नाबालिग बच्ची को बंधक बनाकर बलात्कार कर रहे थे, भेद खुला तो पीड़िता बच्ची के परिवार तक का अपहरण कर लिया। जिनका ऐसा चरित्र, चाल और चेहरा सामने आ चुका है, वे दुष्कर्म की वारदात पर राजनीति कर रहे हैं।

 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा को यह नागवार गुजरता है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने नक्सलवाद को समेटकर विकास और विश्वास की धारा से जोड़ने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। आदिवासी महिलाओं का शोषण बंद हुआ है। अपराधी वारदात के बाद फौरन पकड़े जा रहे हैं। राज्य में भाजपा शासनकाल के आपराधिक आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ अपराधगढ़ तब था। अब साढ़े तीन साल से छत्तीसगढ़ विकास, लोक समृद्धि और जन सुरक्षा का पर्याय है। जबकि भाजपा साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के एजेंडे पर चल रही है। छत्तीसगढ़ सतर्क है। यहां किसी तरह की साजिश सफल नहीं होने दी जायेगी। अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हमारी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और किसी भी अपराध पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित है।

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अलका गर्ग,अंतागढ़:

अंतागढ़ के ग्राम पंचायत कलेपरस के आश्रित ग्राम आमाकड़ा जो कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र है मैं आयोजित झलमलको लया लयोर गोटुल रच्चा उत्सव में प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल का आगमन हुआ था, किन्तु यह कार्यक्रम शुरू से विवादों से घिरा रहा।

 

बता दें आदिवासी संस्कृति एवं संरक्षण के लिए किए गए इस कार्यक्रम में आदिवासी समाज के कुछ लोग एवं विपक्षी पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा इस कार्यक्रम को सामाजिक कार्यक्रम बताकर एवं समाज के लोगों को विश्वास में लिए बिना कराने का आरोप लगाकर विरोध किया गया, यही नही अन्तागढ़ के पूर्व विधायक भोजराज नाग एवं कुछ भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम के विरोध किया गया जिसकी वजह से उन्हें फारेस्ट रेस्ट हाउस एवं भानुप्रतापुर थाने में पुलिस द्वारा रखा गया, अन्तागढ़ में कांति नाग जो जनजाति समूह की शिक्षा व संस्कृति की सदस्य भी हैं उनके खिलाफ पूर्व विधायक भौजराज नाग द्वारा मुर्दाबाद के नारे लगाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है।

 

कांति नाग ने भाजपा नेताओं के इस राजनीति पर पलटवार किया है, उन्होंने आज प्रेस नोट जारी किया जिसमें उन्होंने भाजपा के पूर्व विधायक भोजराज नाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, भाजपा के रास्ट्रीय नेता महिला शशक्ति करण की बात करते हैं किंतु वहीं भाजपा के नेता द्वारा एक महिला के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाया जाता है।

 

उन्होंने कहा भोजराज नाग का महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार है ये जग जाहिर है, नरसों बाई का मामला हो या अन्य मामले में भोजराज नाग खुद अपने गिरेबान में झांक लें तो बेहतर होगा, कांति नाग ने कहा मुर्दाबाद का नारा लगाने सिर्फ मेरे खिलाफ मुर्दाबाद का नारा लगाना नही है, पुरी नारी शक्ति का अपमान है।

 

भौजराज खुद को पुजारी मानते हैं पर अभी जब नवरात्रि चल रही है और मां दुर्गा जो नारी शक्ति का स्वरूप माना गया है ऐसे में किसि महिला के खिलाफ ऐसा अभद्र भाषा का प्रयोग कर नारा लगाना मां दुर्गा सहित पूरे माताओं और बहनों का अपमान है।

 

कांति नाग ने बताया कि वो आदिवासी संस्कृति में युवा युवतियों के विकास के लिए 1990 से कार्य कर रही हैं, यही वजह है इस कार्यक्रम में पूरे बस्तर सम्भाग से आदिवासी युवा व युवतियां आई हुई थी, यही नही इस आयोजन में पुरुस्कार उनके बेटे कौशल नाग के नाम से उनके स्वयं के द्वारा दिया गया जो करीब 2 लाख रुपये था, उन्होंने कहा भोजराज चाहे जिस एजेंसी से जांच कराना है करा सकते हैं करा लें। 

 

कांति नाग ने कहा भाजपा के नेता हमेशा धर्म की राजनीति करते आये हैं, अन्तागढ़ विधानसभा में हो रहे विकास कार्यों से ये बौखला गए हैं क्योंकि इनके पिछले 15 सालों की सत्ता में इन्होंने आदिवासि जनजाति के युवा युवतियों के विकास के लिए कुछ नही किया, आज जब आदिवासी समाज के लोग समझने लगे है और भाजपा का असली चेहरा उन्हें दिखाई देने लगा है तो ऐसे आयोजनों का विरोध कर उसे गलत ठहराने की कोशिश की जा रही है।

 

कांति नाग ने भोजराज नाग को खुली चुनौती देते हुए कहा की आदिवासी संस्कृति एवं सभ्यता के विषय में अगर उन्हें मुझसे बहस करनी है तो मीडिया के सामने वह करने को तैयार हैं , आदिवासी संस्कृति और सभ्यता के बारे में उन्हें कितनी जानकारी है और वह आदिवासियों के हितैसी बनाने का कितना दिखावा करते हुए आदिवासियों को सिर्फ गुमराह कर रहे हैं यह बात लोग जान जाएंगे ।

 

कांति नाग ने कहा कि समाज के दो चार लोगों को गुमराह कर ये कहा जा रहा है कि इस कार्यक्रम के आयोजन से पहले आदिवासी पेनकड़ा देवी देवता एवं गायता पुजारियों से अनुमति नही ली गई, जो सरासर झूठ है, हमने धनोरा के देव गुड़ी में बकायदा नियमतः चावल डालकर पुजारियों के समक्ष देवताओं से अनुमति ली थी। 

 

बिना पूरी जानकारी के ऐसे आदिवासी सांस्कृतिक आयोजन का विरोध करने वाला कोई आदिवासी नही हो सकता वो सिर्फ राजनीति रोटी सेंकने वाला बहुरूपिया ही हो सकता है जो ऐसे पोर्पोगेंडा कर रहा है।

 

किसी महिला के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए है जिसकी सामाजिक बैठक होगी जहां भोजराज नाग को जवाब देना होगा ।

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रायपुर/ 01 अप्रैल 2022। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं स्टार प्रचारक मोहन मरकाम जी खैरागढ़ उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा नीलांबर वर्मा के पक्ष में ग्राम मड़ौदा, राहुद, सलोनी अमलीडीह, डोकराभाटा में तुफानी एवं जीवंत जनसंपर्क कर छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं के बारे में बताते एवं उन्हें मिले लाभ के संबंध में चर्चा कर खैरागढ़ विधानसभा के विकास के लिए कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने अपील की। प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज केंद्र में बैठी भाजपा की सरकार आम जनता को बेतहाशा महंगाई देकर उनकी कमर तोड़ रही है। वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए जनहित के हर काम में बाधा डालकर आम जनता के लिए निरंतर परेशानी उत्पन्न कर रही है। जब छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने घोषणापत्र के वादे के अनुरूप 2500 रुपए में धान का समर्थन मूल्य देने बात की तो भाजपा सरकार किसानों को 2500 रु. ना मिल पाए इसके लिए सेंट्रल पुल का चावल नहीं खरीदने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया। लेकिन हमारी सरकार अपने मजबूत इरादों से किसानों को 2500 रू. क्विंटल देने में सफल रही।

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जब खाद की बारी आई तो छत्तीसगढ़ की मांग से आधे से भी कम खाद्य ही देकर किसानों के फसल को बर्बाद कराने की साजिश रच ली थी। आज हम सबके लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार जनता से किए वादों को पूरा कर विकास की मुख्यधारा से आम जनता को जोड़ने वाली योजनाएं लागू कर रही है। राजीव गांधी किसान योजना, गोधन न्याय योजना सहित शिक्षा, स्वास्थ्य में भी क्रांतिकारी कदम उठाई है। इसी के कारण ही हम नगरीय निकाय चुनाव में एक तरफाजीत दर्ज किए विधानसभा के उपचुनाव में भी कांग्रेस में अपना विजय अभियान प्रारंभ रखा है।

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अब आप सबको खैरागढ़ में कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करा कर आने वाले 2023 के आम चुनाव के लिए यह संदेश देना है। आने वाला समय भी कांग्रेस सरकार ही रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के मतदाताओं से आत्मीयता से मिलन के कारण आम जनता का रुझान भी कांग्रेस की ओर जो है। उसमें मजबूती मिल रही है।

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रायपुर/ 31 मार्च 2022।नेहरू संग्रहालय का नाम बदले जाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील शुक्ला ने मोदी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल के नाम पर बने नेहरू संग्राहलय के नाम को बदले जाने को कांग्रेस ने नरेन्द्र मोदी और भाजपा की संकुचित मानसिकता बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा कहां-कहां से महात्मा गांधी और पं. जवाहर लाल नेहरू के नाम को हटायेगी। नेहरू का नाम जो देश के जन मन में रचा बसा है। इस देश की आजादी से लेकर आधुनिक भारत के नव निर्माण में पं. जवाहर लाल नेहरू का अतुल्य योगदान है। आजादी का लड़ाई में अपनी जवानी के 16 साल से अधिक समय को पं. नहेरू ने अंग्रेजों की जेलों में बिताया था। उन्होंने कभी भाजपा आरएसएस के पितृ पुरूषों की भांति न अंग्रेजों की चाटुकारिता किया था और न ही जेल से रिहाई के लिये सावरकर के जैसे अंग्रेजों के सामने माफी नामा दिया था।

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा और मोदी दुर्भावनावश पं. जवाहर लाल नेहरू के नाम से बने संग्राहलय का नाम भले ही बदल ले लेकिन पं. नेहरू द्वारा बनाये गये भाखड़ा नांगल बांध सिंचाई परियोजनाये बोकारो, राउर केला, दुर्गापुर, भिलाई जैसे उद्योगो पर से नेहरू जी की छाप कैसे मिटायेंगे? जब भाजपा के पूर्वज श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय, अपने दल के राजनैतिक वजूद की तलाश के लिये देश में हिन्दू मुस्लिम और क्षेत्रवाद का जहर बो कर सांप्रदायिकता फैलाकर विघटन फैलाने की कोशिशे में लगे हुये थे तब पं. जवाहर लाल नेहरू भारत में शिक्षा व्यवस्था का प्रचार प्रसार, स्कूल कालेजो का निर्माण, मेडिकल कालेजो का निर्माण, एम्स आईआईएम आईआईटी बना रहे थे। देश के नव निर्माण के लिये सुई से लेकर हवाई जहाज बनाने की योजनायें बना कर क्रियान्वयन करवा रहे थे।

 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सभी प्रधानमंत्रीयों की यादों को सहेजने स्मारक बनाने की योजना बना रहे है उसका स्वागत है। लेकिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. जवाहर लाल नेहरू के नाम से बने स्मारक को बदलना मोदी का नेहरू जी के प्रति पूर्वाग्रह को दर्शाता है। यह मोदी की घटिया मानसिकता को भी प्रदर्शित करता है।

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नितिन कुमार भांडेकर―

खैरागढ़। खैरागढ़ उपचुनाव में सुनने में मिल रहा है कि भाजपा पार्टी पांचवी बार कोमल जंघेल पर पुनः दांव लगा सकती है । जबकि खैरागढ़ विधानसभा में भाजपा को 2018 के चुनाव में दिवंगत देवव्रत सिंह से करारी हार मिली थी। कोमल जंघेल अब तक दो बार खैरागढ़ विधानसभा से चुनाव हार चुके हैं। 

 

वहीं सूत्रों की मानें तो भाजपा पिछले चुनाव में देवव्रत सिंह से एक हजार से कम वोट से हारे कोमल जंघेल को पुनः टिकट देकर फिर से भरोसा जता सकती है। जबकि वर्तमान में राजनांदगांव जिला पंचायत के उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह पिछले बार की तरह इस बार भी प्रबल दावेदार के रूप में अपनी दावेदारी समर्थकों के संग कर रहे हैं। इसी सूची में गंडई के खम्मन ताम्रकार का नाम भी जोरों से सर्खियों में हैं। 

 

खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस और भाजपा की चुनाव समिति की बैठक लगभग पूरी हो चुकी है। दोनों दलों ने कुछ चेहरों का पैनल बनाकर केंद्रीय संगठन को अंतिम मुहर लगाने हेतु भेज भी दिया  है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो कोमल जंघेल को फिर से उम्मीदवार बना सकती है। 

 

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार गिरवर जंघेल तीसरे स्थान पर थे और देवव्रत से करीब 18 फीसदी कम वोट पाए थे। पिछले चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के उम्मीदवार रहे देवव्रत सिंह को 61 हजार 516 और भाजपा के कोमल जंघेल को 60 हजार 646 वोट ही मिले थे। बहरहाल कांग्रेस पार्टी किसे मैदान में उतार रही है , इसकी सुगबुगाहट अभी तक नहीं मिल पाई है। 

▪️समाजिक वर्चस्व :― 

खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक समीकरण के अनुसार दोंनो पार्टीयों के द्वारा लोधी प्रत्यासी को फिट बैठालने की पुरजोर कोशिस किया जा रहा है। जहां समाजिक दृष्टिकोण से एक ही वर्ग द्वारा अपने ही समाज की लॉबिंग कर समाजिक प्रत्यासी को ही प्रत्यासी बनाये जाने की जुगत में नीचे से ऊपर तक के लगे हुए हैं। 

▪️समाजिक प्रत्यासियों की कमियां:―

हालांकि वर्तमान में उनके प्रत्यासीयों की अगर हम बात करें तो उनका पक्ष काफी कमजोर है , चाहे गिरवर जंघेल जी हों या कोमल जंघेल जी दोनों ही गत वर्षों के चुनाव में बुरी तरीके से हार चुके हैं। वहीं संगठन ने जिनका नाम आगे किया है जिनमें कुछ महिला नेत्रियों का नाम भी आगे है । जिनकी अगर हम बात करें तो जिला पंचायत चुनाव में दसमत झँघेल को विक्रांत सिंह से हार का मुख देखना पड़ा था। वहीं यशोदा नीलांबर वर्मा भी नगर पालिका चुनाव के समय अपने वार्ड की महिला प्रत्यासी के पक्ष में कुछ खासा वोट नहीं जुटा पाई थी। जिसके चलते इनका वार्ड भी भाजपा के खाते में चला गया है। वहीं जनपद सदस्य उपचुनाव में भी कांग्रेस समर्थीत प्रत्यासी के पक्ष में न तो अपना समाजिक मत दिला पाए और न ही आमजन का वोट दिला पाए थे । लिहाज यहाँ भी हार का मुख कांग्रेस पार्टी को देखना पड़ा।

वैसे तो छत्तीसगढ़ के उपचुनाव में हमेशा सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को ही फायदा मिलता आ रहा है। छत्तीसगढ़ में पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से हुए तीनों उपचुनाव में कांग्रेस के ही उम्मीदवार की जीत हुई है। कांग्रेस सरकार की कोशिश  है कि खैरागढ़ चुनाव में भी ये अपनी जीत दर्ज करके अपने विधायकों की संख्या को 71 पहुंचा दे। 

 

दोनों पार्टीयों से आमजनता का सवाल?―

जनता पूछती है कि आखिर दोनों राष्ट्रीय पार्टीयां कब तक के पुराने चेहरों पर ही भरोसा जताते हुए एक ही वर्ग   के उम्मीदवारों को टिकट देती रहेगी। पार्टी में नए पुराने चेहरे और भी हैं , जिन्हें अवसर पार्टियों को देना चाहिए। आख़िर अन्य चेहरों को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है। जो प्रत्यासी बार बार हार का मुख देख रहा हो , उसी पर पार्टी बार बार क्यों अपना भरोसा जताने पर आमदा है? दोबारा। 

 

इस विधानसभा से सिख लेना चाहिए: उदाहरण― के तौर पर डोंगरगढ़ विधानसभा में आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पाटिला परिवार को न देकर अपने विधानसभा में पुराने प्रत्यासी का चेहरा ही बदल दिया। नतीजन डोंगरगढ़ विधानसभा में आज कांग्रेस पार्टी का विधायक है। खैरागढ़ विधानसभा में भी सामान्य सीट है। यहाँ भी किसी सामान्य वर्ग के व्यक्ति को ही टिकट दिया जाना चाहिए। न कि एक जाति विशेष वर्ग के एक चेहरे को बार बार दोहराया जाना चहिए। खैर.. परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है। पिछली बार की तरह यदि इस बार भी प्रत्यासियों के चयन में पुनरुक्ति होती है तो निसंदेह यह सीट भी विपक्ष के झोली में जाने से कोई नहीं रोक सकता । ऐसा हम नहीं कह रहे यहाँ की जनता कह रही है। 

 

आखिर इससे किसे लाभ पहुंच रहा है? 

 वहीं साजा क्षेत्र में भी इस वर्ग की बहुलता अधिक है किंतु वहाँ से सामान्य वर्ग के  प्रत्यासी को अब तक के टिकट मिलते आया है। यदि खैरागढ़ में सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को टिकट मिलता है तो मोहगांव साजा क्षेत्र में बेशक़ उस क्षेत्र में बहुलता रखने वाले उसी वर्ग को ही अवसर मिलेगा। ये बात तो तय है।  जनता की माने तो  कुछ प्रभावशाली लोग इस विधानसभा में जानबूझकर का एक व्यक्ति विशेष  वर्ग को आगे कर रहे हैं ताकि उनकी सीट सुरक्षित रह सके। 

 

 

इस विधानसभा में एक ऐसा भी दावेदार है―

खैरागढ़ विधानसभा में  जिन प्रत्यासियों ने सुदुरवनांचल में अपने कदम तक नहीं रखे हों , यहाँ तक के सरकार की योजनाओं को आमजन तक कभी पहुंचाने का प्रयास भी न किया हो,  उनके द्वारा जाती वर्ग की बहुलता के आधार पर उनकी प्रबल दावेदारी बता रहे हैं । ऐसा पूरे खैरागढ़ विधानसभा की आमजनता आज कह रही है। 

वहीं सुदुरवनांचल के ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में अगर देखा जाए तो आल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम सिंह ठाकुर ही एक मात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपना तन मन धन सब न्यौछावर कर दिन रात कड़ी मेहनत कर  छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार की समस्त योजनाओं को पूरे विधानसभा में जन जन तक पहुंचाने हेतु कई महीनों तक निश्वार्थ भाव से प्रचार प्रसार किया। उन्होंने लगातार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा छत्तीसगढ़ की जनता एवं किसान को दी गयी सौगंतों की जानकारी भी दी , साथ ही उन्नत कृषि के गुण हम किसानों को सिखाया। जनता की राय से कांग्रेस पार्टी से उत्तम सिंह ठाकुर को इस विधानसभा से एक अवसर देना चाहिए।

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उत्तर प्रदेश की विधानसभा चुनाव के परिणामों (UP Election Result) ने पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा शुरू कर दी है. विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) से पहले ही उत्तर प्रदेश में किसानों की नाराजगी ,बेरोजगारी ,महंगाई और आवारा पशुओं की समस्याओं को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा और एक बड़ा माहौल भी बनाया. खुद अखिलेश यादव की सभाओं में जुट रही भारी भीड़ से यह अनुमान लगाया जा रहा था कि उत्तर प्रदेश में सरकार बदल सकती है. वहीं प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अगुवाई में चुनाव परिणाम ने सबको चौंका दिया.

 

जनता ने फिर से भाजपा और बुलडोजर बाबा पर भरोसा जताया है. वही 32 सालों के इतिहास में योगी आदित्यनाथ ने यह रिकॉर्ड भी बनाया है कि भाजपा का कोई सीएम दोबारा चुनाव लड़कर बहुमत के साथ दोबारा जीतकर आया. अब नई सरकार के गठन को लेकर तेजी से चर्चाएं शुरू हो गई है. चुनाव परिणाम में प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत 11 मंत्री चुनाव हार गए. ऐसे में इस बार अब नए मंत्रिमंडल (Cabinet) में नए चेहरों को जगह मिलने की चर्चाएं तेज हो गई है

 

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार का गठन होली बाद होगा. वहीं दिल्ली में होने वाली बैठक में मंत्रिमंडल के गठन का स्वरूप और नए चेहरों पर भी मंथन होगा . नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बीजेपी के तमाम बड़े नेता शामिल होंगे.

 

योगी की 2.0 सरकार में ये नए चेहरे हो सकते हैं मंत्री

उत्तर प्रदेश चुनाव परिणाम आने के बाद अब नई सरकार के गठन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. वहीं इस बार केशव प्रसाद मौर्य समेत 11 मंत्री चुनाव हार चुके हैं. इसी वजह से इस बार मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चा है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि उत्तर प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में डेढ़ दर्जन नए चेहरों को मौका मिल सकता है. इसके अलावा भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी और अपना दल के विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी. योगी आदित्यनाथ की सरकार में नए चेहरे के रूप में कई नामों की चर्चा भी तेज है..

 

बेबी रानी मौर्य

उत्तर प्रदेश कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने रिकॉर्ड बनाते हुए भाजपा को बहुमत के साथ दोबारा सत्ता पर काबिज किया है. वही इस सरकार को बनाने में दलित मतदाताओं बड़ी भूमिका है. इसी वजह से उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को दलित चेहरे के रूप में डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा तेजी से चल रही है.

 

नितिन अग्रवाल

कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल चुनाव से पहले ही भाजपा में शामिल हुए और उन्होंने जीत दर्ज की है. उन्हें पिछली सरकार में डिप्टी स्पीकर भी बनाया गया था .वहीं अब नए मंत्रिमंडल में मंत्री बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है.

 

दयाशंकर सिंह

बलिया की सदर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने जीत दर्ज की है. इस बार उनकी पत्नी स्वाति सिंह को पार्टी ने टिकट नहीं दिया .जबकि पिछली सरकार में सरोजिनी नगर की विधानसभा सीट से विधायक रही स्वाति सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी. वहीं इस बार दयाशंकर सिंह को मंत्रिमंडल के नए चेहरों में शामिल किए जाने की चर्चा है.

 

शलभ मणि त्रिपाठी

देवरिया सदर सीट से दूसरी बार जीत दर्ज करने वाले मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सलाम मणि त्रिपाठी को मंत्रिमंडल के नए चेहरों में शामिल किए जाने की चर्चा है.

 

अदिति सिंह

रायबरेली सदर विधानसभा सीट से भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की है .इसके पहले यह सीट कांग्रेश की सीट मानी जाती रही है .2017 में इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर आदित्य सिंह ने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. लेकिन चुनाव से पहले ही उन्होंने कांग्रेस को छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली. भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी के रूप में रायबरेली सदर सीट से चुनाव मैदान में उतारा .वही अब जीत दर्ज करने के बाद उन्हें नए मंत्रिमंडल में जगह दी जाने की चर्चा हो रही है।

 

असीम अरुण

पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर भाजपा में चुनाव से पहले शामिल हो गए और कन्नौज विधानसभा सीट से चुनाव लड़े. उन्हें जीत भी मिली. वहीं अब उन्हें मंत्रिमंडल के नए चेहरों में शामिल किए जाने की चर्चा तेज चल रही है.

 

श्रवण कुमार निषाद

भाजपा की सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे श्रवण कुमार निषाद को नए मंत्रिमंडल में मंत्री बनाए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है. वे गोरखपुर की चौरी चौरा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं.

 

सुरेंद्र कुशवाहा

भाजपा की पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने चुनाव से पहले भाजपा पर आरोप लगाते हुए सपा में शामिल हो गए .वही फाजिलनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े स्वामी प्रसाद मौर्या को भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार कुशवाहा ने चुनाव में शिकस्त दी है. इस वजह से उन्हें भी नए मंत्रिमंडल में चेहरा बनाए जाने की चर्चा है.

 

अनुराग सिंह

भाजपा के कद्दावर नेता रहे ओमप्रकाश सिंह के बेटे अनुराग सिंह चुनार विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है. वहीं इस बार नए मंत्रिमंडल में अनुराग को मंत्री बनाया जा सकता है. कुर्मी बिरादरी से आने वाले अनुराग सिंह को जातिगत समीकरण साधने के लिए मंत्री बनाए जा सकता है.

 

आशीष पटेल

भाजपा की सहयोगी दल अपना दल सोनेलाल की मुखिया अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल को इस बार योगी सरकार के मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है.

 

असीम राय

कुशीनगर की तमकुही राज विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी असीम राय ने जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को चुनाव मैदान में हराया. वही इस सीट पर जीत दर्ज करने के बाद उन्हें भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है.

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Election results) की 403 विधानसभा सीटों के नतीजे आने जारी हैं. बीजेपी (BJP) ने 275 सीटों पर निर्णायक बढ़त बना ली है. जबकि समाजवादी पार्टी 124, बीएसपी 6, कांग्रेस 6 और अन्य 6 पर बढ़त बनाए हुए हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहरी सीट से बड़े अंतर के साथ निर्णायक बढ़त की ओर हैं. गोरखानाथ मंदिर में जश्न का माहौल शुरू हो गया है और समर्थक बुल्डोजर (Bulldozer) के साथ जश्न मनाते दिख रहे हैं. वहीं राज्‍य की राजधानी में भी कार्यकर्ता जश्‍न मना रहे हैं. बड़ी जीत की ओर बढ़ती बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में पार्टी कार्यालय के बाहर अनोखा जश्‍न मनाया. कार्यकर्ता बुल्‍डोजर पर सवार होकर बीजेपी कार्यालय पहुंचे. कार्यकर्ताओं ने बुल्‍डोजर में देशभक्ति गीतों के साथ जीत का जश्‍न मनाया. बता दें कि इस चुनाव बुल्डोजर बाबा की जमकर चर्चा हुई

 

थी. चुनाव में आवारा पशुओं (साड़ों) का मुद्दा तो उठा ही साथ ही योगी की इमेज बाबा बुल्डोजर के रूप में भी समाज में तेजी से फैली थी. बीजेपी लगातार दावे कर रही थी कि पांच सालों में जिस तरह से योगी ने माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल किया उसी तरह अगली सरकार बनने पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा. इसकी तस्दीक उस समय हुई जब योगी का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह कहते दिखायी दे रहे हैं कि देखिए मेरी सभा में बुल्डोजर खडे़ हैं

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पंजाब में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) पहली बार सरकार बनाने जा रही है और पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए गए भगवंत मान (Bhagwant mann) ने ऐतिहासिक जीत के बाद कहा कि दुनिया के कोने-कोने में बसे पंजाबियों का धन्यवाद, जो आ भी नहीं पाए वो भी इस जंग का हिस्सा बने. विरोधी पार्टियों ने निजी हमले और टिप्पणियां की, आज मैं इस मंच से कहना चाहता हूं कि उनको ये शब्दावली मुबारक. आम आदमी पार्टी 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा (Punjab Election Results 2022) में 85 से ज्यादा सीट पर बढ़त बनाए हुए है

 

पंजाब में ऐतिहासिक जीत के बाद भगवंत मान ने कहा कि हम पब्लिक सर्वेंट हैं. हमें जनता की सेवा करना है, पहले पंजाब बड़ी-बड़ी जगहों से चल रहा था, अब गांव और खेतों से चलेगा. लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के कोने-कोने में बसे पंजाबियों का धन्यवाद, जो आ भी नहीं पाए वो भी इस जंग का हिस्सा बने. विरोधी पार्टियों ने निजी हमले और टिप्पणियां की, आज मैं इस मंच से कहना चाहता हूं कि उनको ये शब्दावली मुबारक. उन्होंने कहा कि हम सबसे पहले बेरोजगारी दूर करेंगे.

 

अब जिम्मेदारी निभाने की बारी मेरीः भगवंत मान

बंपर बहुमत के साथ जीत दर्ज करने जा रही आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान ने परिणाम पर कहा कि बेरोजगारी की हताशा में युवाओं के हाथ में नशे की गोलियां हैं, आप यूक्रेन में देख लो छोटे से देश में पढ़ने ग‌ए हैं, क्या ये सब हम यहां नहीं कर सकते? आप लोगों ने झाड़ू फेरकर अपना वादा निभा दिया, अब जिम्मेदारी निभाने की बारी मेरी है.

 

भगवंत मान ने पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, ‘अरविंद केजरीवाल जी का धन्यवाद कि उन्होंने शुगर होते हुए भी हमें इतना समय दिया. डॉक्टरों ने मना भी किया था.’ उन्होंने कहा, ‘एक और खुशखबरी देता हूं कि किसी सरकारी दफ्तरों में मुख्यमंत्री की तस्वीर नहीं होगी. भगत सिंह और अंबेडकर की ही फोटो होगी. सबका धन्यवाद.’

 

भगत सिंह के गांव में लेंगे CM पद की शपथ

इस बीच खबर है कि भगवंत मान शहीदे आजम सरदार भगत सिंह की जन्मभूमि गांव खटकरकलां में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. पंजाब में बंपर जीत हासिल करने पर AAP पार्टी के संयोजक और प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान को बधाई दी है. अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान को कॉल कर दी उनकी और पार्टी की जीत की बधाई.

 

इस बीच चुनाव आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, पंजाब के अटारी से आम आदमी पार्टी के जसविंदर सिंह ने जीत दर्ज की है. उन्होंने अकाली दल के गुलजार सिंह को आसान मुकाबले में 19,794 वोट से मात दी है. जबकि खरार से र्टी के अनमोल गगन सिंह ने अकाली दल के रणजीत सिंह गिल को 37,885 वोट से हरा दिया है. वहीं पंजाब के 5 बार मुख्यमंत्री रहे अकाली नेता प्रकाश सिंह बादल भी लंबी से चुनाव हार गए हैं

 

 

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राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेकर भाजपा नेता झूठ की राजनीति करते है

 

रायपुर/17 फरवरी 2022। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने धान बेचने वाले किसानों के नाम सार्वजनिक होने पर टीका टिप्पणी करने वाले भाजपा नेताओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि धान पैदा करना, धान बेचना और किसानों का धान खरीदना गर्व करने की बात है। आखिर भाजपा के नेता धान बेचने की जानकारी किस से छिपाना चाहते हैं? क्या रमन सिंह नही चाहते कि उनके द्वारा बेची गई धान की जानकारी जनता को पता चले या उनके केंद्रीय नेताओ को मामलू पड़े? क्या भाजपा नेताओं को प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने राज्य सरकार को धान बेचने से मना किया था?

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की किसान हितैषी राजीव गांधी किसान न्याय योजना बिना भेदभाव के सभी किसानों को लाभान्वित कर रही है। लाभार्थीयो की सूची में भाजपा के बड़े नेता भी शामिल है। चालू खरीफ वर्ष में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह उनके पुत्र अभिषेक सिंह राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम, पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पैकरा, गुहाराम अजगले, विजय बघेल, संतोष पांडेय, लता उसेंडी सहित 200 से अधिक भाजपा नेताओं ने धान बेचकर अच्छी खासी लाभ अर्जित की है। यह सब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के द्वारा राज्य के किसानों के हित में चलाए जा रहे हैं जनकल्याणकारी योजनाओं का चलते ही संभव हुआ है।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा शुरू की गए किसान सम्मान निधि योजना किसानों में भेदभाव करती है किसानों को दी हुई किसान सम्मान निधि की राशि को वापस लेने नोटिस भेजती है। मोदी सरकार के किसान सम्मान निधि का लाभ राज्य में धान बेचने वाले अधिकांश भाजपा नेताओं को नहीं मिलता। क्योंकि मोदी सरकार की योजना भेदभाव पूर्ण और धोखेबाजी की योजना है योजना की शुरुआत में राज्य के 32 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि मिला था जिसमें धीरे-धीरे मोदी सरकार ने कटौती कर दिया है अब राज्य के शत प्रतिशत किसानों को किसान सम्मान निधि नही मिलता है।

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव से पहले बुधवार (9 फरवरी) को कांग्रेस पार्टी ने अपना तीसरा घोषणापत्र जारी किया. कांग्रेस के तीसरे घोषणापत्र 'उन्नति विधान' (Congress manifesto Unnati Vidhan) में हर वर्ग के लिए चुनावी वादे किए गए. इस घोषणापत्र को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद और पीएल पुनिया ने जनता के बीच जाकर तैयार किया है.

 

कांग्रेस ने जारी किया तीसरा घोषणा पत्र

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कांग्रेस का तीसरा घोषणापत्र जारी किया, जिसे उन्नति विधान नाम दिया गया है. बता दें कि इससे पहले 21 जनवरी को भर्ती विधान और उससे पहले 8 दिसंबर को शक्ति विधान जारी किया गया था. 8 दिसंबर को जारी शक्ति विधान में महिलाओं के लिए घोषनाएं की गई थीं, जबकि 21 जनवरी को युवाओं के लिए जारी भर्ती विधान में 20 लाख नौकरी का वादा किया गया था.

 

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने 'उन्नति विधान (Unnati Vidhan)' जारी करते हुए कहा कि हमारी सरकार बनने पर 10 दिनों के अंदर किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाएगा. इसके अलावा 2500 रुपये में गेंहू-धान और 400 रुपये में गन्ना खरीदा जाएगा. गो धन योजना के तहत गोबर को 2 रुपये किलो से खरीदा जाएगा. इसके अलावा आवारा पशु से होने वाले नुकसान पर 3 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.

 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने बताया, 'कांग्रेस की सरकार आती है तो बिजली का बिल आधा किया जाएगा. इसके अलावा कोरोना काल का बकाया बिजली बिल माफ किया जाएगा.

 

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के दौरान जान गंवाने वाले कोविड योद्धाओं को 50 लाख का मुआवजा मिलेगा. इसके अलावा कोरोना की आर्थिक मार झेलने वाले परिवार को 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी.

 

काग्रेस ने अपने घोषणापत्र (Congress Manifesto) में 20 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया. प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि 12 लाख सरकारी पदों पर भर्ती के लिए पूरा खाका तैयार है. इसके साथ ही उन्होंने वादा किया कि 40 फीसदी रोजगार महिलाओं को आरक्षण के तहत दिए जाएंगे

 

 

कोई भी बीमारी होगी तो 10 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त होगा.

- मध्यम वर्ग को किफायती आवास देंगे.

- ग्राम प्रधान का वेतन 6 हजार रुपये प्रतिमाह बढ़ाएंगे.

- स्कूल फीस को बढ़ने से रोकेंगे.

- शिक्षकों के खाली 2 लाख पद भरे जाएंगे.

- एडहॉक शिक्षकों, शिक्षामित्रों को अनुभव अनुसार नियमित किया जाएगा

- कारीगरों, बुनकरों के लिए विधान परिषद में एक आरक्षित सीट

- पूर्व सैनिकों के लिए विधान परिषद में एक सीट.

- पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को खत्म करेंगे.

- दिव्यांग लोगों के लिए 3 हजार का मासिक पेंशन.

- मुहिला पुलिसकर्मियों को उनके गृह जनपथ में पोस्टिंग की अनुमति देंगे.

 

यूपी में सात चरणों में होगा विधान सभा चुनाव

बता दें कि उत्तर प्रदेश में इस बार 403 विधान सभा सीटों पर सात चरणों में चुनाव होगा और मतगणना 10 मार्च को होगी. यूपी में विधान सभा चुनाव की शुरुआत 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी. इसके बाद 14 फरवरी को दूसरे चरण में 55 सीटों पर, 20 फरवरी को तीसरे चरण में 59 सीटों पर, 23 फरवरी को चौथे चरण में 60 सीटों पर, 27 फरवरी को पांचवें चरण में 60 सीटों पर, तीन मार्च को छठे चरण में 57 सीटों पर और सात मार्च को सातवें तथा अंतिम चरण में 54 सीटों पर मतदान होगा

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