शिक्षा

शिक्षा (15)

शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते है.....

इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर कोई इस कदर व्यस्त है कि कहां क्या हो रहा है क्या नहीं, इससे कोई मतलब नही हैं। कुछ लोग ऐसे हैं जो बस अपनी खुशी में खुश रहतें हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी है जो अपनी ख़ुशी सभी के साथ बांटना पसंद करते हैं। ऐसे लोग अपने साथ साथ हर किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट देखना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि बाकी लोग भी उनकी तरह सफल इंसान बने। इनमें से ही एक हैं, आईपीएस अधिकारी सूरज सिंह परिहार।

 

आईपीएस अधिकारी ने वंचित यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए मुफ्त ऑनलाइन सप्ताहांत कक्षाएं शुरू की है। आईपीएस अधिकारी सूरज सिंह परिहार यूपीएससी के उम्मीदवारों की मदद करने के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन वेबिनार आयोजित करते हैं, जो दलित पृष्ठभूमि के छात्रों की शंका दूर करने में मददगार साबित होती है।

छात्रों की मदद को अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हैं।

“जैसे कॉरपोरेट्स के पास सीएसआर की अपनी नीति है, वैसे ही मेरी भी व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने की नैतिक ज़िम्मेदारी है कि मैं यूपीएससी के उम्मीदवारों की मदद और उनका मार्गदर्शन करूं।” यह कहना है, आईपीएस अधिकारी सूरज सिंह परिहार का। इन्होंने 2013 और 2014 में हिंदी माध्यम में यूपीएससी की परीक्षा 334 और 189 की ऑल इंडिया रैंक से उत्तीर्ण की थी और वह इन शब्दों से जीते हैं। परिहार की गौरेला के एसपी (SP) के रूप में पोस्टिंग के बाद से पेंड्रा मारवाही छत्तीसगढ़ के 28 वें जिले के रूप में चयनित किया गया। इनका अधिक काम इन्हें पूरे सप्ताह व्यस्त रखता है।

अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, वह संदेह को दूर करने और उम्मीदवारों को अपने कई सवालों के जवाब पाने में मदद करने के लिए वेबिनार की शुरुआत कियें। परिहार ने इसे आगे बढ़ाने के लिए अपना नैतिक कर्तव्य निभाया।

परिहार ने कहा “अब तक विभिन्न तरीकों से मैंने हजारों यूपीएससी उम्मीदवारों को उनकी शंकाओं को दूर करने में मदद की है।” वह उस समय को याद करते है जब वह तैयारी कर रहें थे। बीते समय में लौटते हुए कहते हैं कि यदि मेरे पास भी कोई होता जो मुझे परामर्श देने के लिए आगे आता। तो मैं अपने समय का बेहतर उपयोग कर पाता और शायद पहले ही परीक्षा को पास कर लिया होता।


एसपी सूरज सिंह परिहार यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए एक कोच भी हैं।

परिहार ने हमेशा अपने विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल का उपयोग एस्पिरेंट्स के संपर्क में रहने और उन्हें मदद करने के लिए किया है। वह कहते हैं, चूंकि मैं अब हर सप्ताहांत एक वेबिनार आयोजित करने में असमर्थ हूं। इसलिए मैं अपने सोशल मीडिया हैंडल का उपयोग प्रश्नों को टालने के लिए करता हूं। फिर उन सभी का जवाब देने के लिए आचरण करता हूं। परिहार इंस्टाग्राम, फेसबुक, ई-मेल और ट्विटर पर उपलब्ध है।


अब तक तीन ऑनलाइन सत्र हो चुके हैं जिसमें पहले एक में लगभग 2500 एस्पिरेंट्स, दूसरे 3000 एस्पिरेंट्स और तीसरे व आखिरी में 13,000 एस्पिरेंट्स भाग ले चुकें हैं।

इन सत्रों में क्या हुआ?

एक पूर्व-तैयार प्रश्न बैंक है, जो परिहार अपने सोशल मीडिया हैंडल पर उम्मीदवारों द्वारा पूछे जाने वाले सभी सवालों से करता है। एक बार जब वे आच्छादित हो जाते हैं, तो सत्र को उन प्रतिभागियों के लिए खुला रखा जाता है जो अपने प्रश्नों का उत्तर देते हैं। इन सत्रों की अवधि प्रतिभागियों और पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या के आधार पर एक घंटे से लेकर आधे घंटे तक होती है।

परिहार यह कोशिश करते है कि अन्य यूपीएससी टॉपर्स भी इन सत्रों में शामिल होने के लिए आएं। पिछले सत्र में विभिन्न धाराओं के 9 अधिकारियों ने भाग लिया था और कभी-कभी जब परिहार अन्य अधिकारियों को इकट्ठा करने में सक्षम नहीं होते हैं, तो वे सत्र का संचालन स्वयं करते हैं।

कुछ सवालों को उन्होंने साझा करते हुए कहा, एस्पिरेंट्स पूछते हैं कि वे अपने संचार कौशल में सुधार कैसे कर सकते हैं.. पूर्णकालिक नौकरी का प्रबंधन करते समय यूपीएससी की तैयारी करने के लिए टिप्स.. वैकल्पिक पेपर में क्या चुनना है.. और यहां तक ​​कि फोकस्ड और बाकी चीजों से दूर रहने के बारे में भी प्रश्न हैं..


परिहार ने आकांक्षी को दिए कुछ टिप्स:


1. काम-अध्ययन-विश्राम यदि आप एक कामकाजी पेशेवर हैं और तैयारी करने के लिए समय निकालने की आवश्यकता है। आप जिस भी रणनीति को अपना सकते हैं उनमें से एक योजना बनाना। अपने समय का अच्छी तरह से उपयोग करना। जब आप अपना 100% अपनी नौकरी को देते हैं, तो वही करें जब आप पढ़ रहे हों और उस दौरान बाकी सब कुछ भूल जाएं।

2.अपनी सामग्री एक साथ प्राप्त करें जैसे आप किचन में कुछ बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले सारी सामग्री इकट्ठी करते हैं, फिर उसे बनाने के लिए तैयार करते हैं.. सारी सामग्री पहले से और समय पर तैयार रहने से आसानी से मिल जाती है और खाना भी जल्दी व अच्छा बनता है। बिल्कुल वैसे ही अपने सिलेबस का अच्छी तरह से देख लें और तैयारी शुरू करने से पहले सभी सामग्रियों को इकट्ठा कर लें। एक बार जब ऐसा रूटीन बन जाएगा कि आपको केवल अध्ययन करना है तो इसका परिणाम भी अच्छा होगा।

3.अपनी चुनौतियों का सामना करें

परिहार से संपर्क करने वाले कई अभ्यर्थी उनसे अंग्रेजी भाषा के कौशल में सुधार करने के बारे में पूछते हैं। उनका जवाब इन्होंने दिया कि अंग्रेजी में बोलने के लिए एक सचेत प्रयास जरूरी है। आप जितने अंग्रेजी अखबार पढ़ सकते हैं, अंग्रेजी में कार्यक्रम देखकर सामने अभ्यास करें। आप एक दर्पण और उन लोगों से दोस्ती करें जो आपकी संचार कौशल को बेहतर बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं।

4,प्लान ‘बी’ तैयार है परिहार कहते हैं, “परीक्षाओं की अनिश्चितता के कारण यह विवेकपूर्ण है कि उम्मीदवारों की योजना ‘बी’ भी हो। सलाहकर रूप में उन्होंने यह कहा कि हमेशा याद रखें कि कोई भी परीक्षा या चुनौती आपके मन की शांति और आत्म-मूल्य से अधिक महत्वपूर्ण नहीं है। इसे अपना सर्वश्रेष्ठ दें लेकिन अनुग्रह के साथ परिणाम स्वीकार करें।” आप इन सत्रों में भाग कैसे ले सकते हैं?


इन वेबिनार का विवरण परिहार के सोशल मीडिया हैंडल में पोस्ट किया जाता है और वहां से एक्सेस किया जाता है। परिहार अपने इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज पर सवालों के जवाब, शेयर टिप्स और अध्ययन सामग्री का भी जवाब देते हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ बुनियादी सवालों को जानने की कोशिश में मुझे लगभग चार साल बर्बाद करने पड़े और अगर मैं किसी तरह से उम्मीदवारों की मदद कर सकता हूं, तो मेरे लिए यह एक बड़ी उपलब्धि होगी।
एक सफल इंसान बनने के बाद ओरों को भी सफल बनाने की कोशिश में लगे रहने के लिए The LogicallyIPS Officer Suraj को सलाम करता है।

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 JEE Advanced 2020: जेईई एडवांस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स के लिए जरूरी खबर है। आईआईटी दिल्ली आज यानी कि 18 सितंबर को इस परीक्षा के लिए फीस जमा करने की विंडो बंद कर देगा। ऐसे में उम्मीदवार इस एग्जाम में बैठने वाले हैं, वे फटाफट फीस जमा कर दें। उम्मीदवार ध्यान दें कि फीस जमा करने की लास्ट डेट शाम 5 बजे तक ही है। इसलिए समय रहते जमा कर दें। बता दें कि आईआईटी दिल्ली ने JEE एडवांस 2020 के लिए 12 सितंबर, 2020 से आवेदन प्रक्रिया शुरू की और 17 सितंबर, 2020 को रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया बंद कर दी है। वहीं हाल ही में एनटीए यानी किनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE मेन परीक्षा का रिजल्ट जारी किया है। इस परीक्षा में 2,50,000 टॉप रैंक हासिल करने वाले स्टूडेंट्स जेईई एडवांस में शामिल होंगे। बता दें कि IIT दिल्ली जनरल कैटेगिरी के उम्मीदवारों के लिए जेईई एडवांस रजिस्ट्रेशन फीस शुल्क बढ़ा दिया है। इस कैटेगिरी के पुरुष उम्मीदवारों को 2800 फीस देना होगा।इसके अलावा जेईई एडवांस परीक्षा के लिए एससी, एसटी और पीडब्लूडी वर्ग के उम्मीदवारों को 1400 रुपये का शुल्क देना होगा।

JEE Advanced 2020: फीस करें जमा

जेईई एडवांस फीस जमा करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट यानी jeeadv.ac.in पर जाएं। यहां होमपेज पर registered account लिंक पर क्लिक करें। यहां होम पेज पर उस लिंक पर क्लिक करें, जो कहता है कि आवेदन शुल्क का भुगतान करें। इसके बाद जेईई एडवांस परीक्षा 2020 आवेदन शुल्क का भुगतान करें। इसके बाद सबमिट विकल्प पर क्लिक करें। अब फीस जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट लेकर रख लें।

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रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने शैक्षणिक सत्र 2019-20 की वार्षिक परीक्षाओं के शेष बचे प्रश्नपत्र तथा सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित किए जाने का आदेश जारी किया है। कुलसचिव ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं केन्द्राध्यक्षों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। ज्ञातव्य है कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 की वार्षिक परीक्षाओं के शेष बचे प्रश्नपत्र तथा सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए आज 17 सितंबर से उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण कार्य शुरू किया गया था, जिसे तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। 

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रायपुर। राज्य सरकार ने कॉलेजों में एडमिशन की आखिरी तारीख को बढ़ा दिया है। इससे पहले राज्य सरकार ने कालेजों में दाखिले के लिए 31 अगस्त की तारीख रखी थी, जिसे अब 23 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।इस विषय में उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी कुलसचिव और सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र जारी कर दिया है। उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि शैक्षणिक संस्थाओं के लिए सत्र 2020-21 में प्रवेश की तारीख 1 अगस्त से 31 अगस्त तक प्राचार्य स्वयं और 15 सितंबर तक कुलपति की अनुमति से तय की गयी थी। लेकिन अब एडमिशन की तारीख में बढ़ोत्तरी कर दी गयी है। नये आदेश के मुताबिक 23 सितंबर तक प्राचार्य स्वयं और 30 सितंबर कुलपति की अनुमति से प्राचार्य एडमिशन कर सकेंगे।

 

 

 

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नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यूजीसी नेट परीक्षा 2020 की तारीख आगे बढ़ाकर 24 सितंबर कर दी है। यह परीक्षा पहले 16 सितंबर से आयोजित की जानी थी। एनटीए ने नोटिस जारी कर कहा कि 16, 17, 22 और 23 सितंबर को दूसरी परीक्षाएं होने के कारण यूजीसी नेट की परीक्षा टाल दी गयी है। उन्होंने कहा कि यूजीसी नेट परीक्षा की तारीखें आईसीएआर परीक्षाओं एआईईईई- यूजी/पीजी और एआईसीई-जेआरएफ/एसआरएफ(पीएचडी) 2020-21 से टकरा रही थीं। ऐसे में यूजीसी नेट को री-शेड्यूल किया गया है। कुछ परीक्षार्थी आईसीएआर और यूजीसी नेट दोनों परीक्षाओं में बैठ रहे हैं। अब यूजीसी नेट 2020 परीक्षा 24 सितंबर से शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि यूजीसी नेट का विषय और पाली के आधार पर शेड्यूल बाद में जारी कर दिया जाएगा। प्रवेश पत्र, परीक्षा की तिथियां, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र और अन्य जानकारियां जल्द जारी की जाएगी और इसके बारे में जानकारी आधिकारिक वेबसाइट यूजीसी.एनटीए.एनआईसी.इन पर रिलीज कर दी जाएगी।

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रायपुर। जेईई मेन्स परीक्षा 2020 में प्रदेश की बेटी श्रेया अग्रवाल ने टॉप टेन में जगह बनाई है। श्रेया ने 99.96 पर्सेंटाइल हासिल किया है। वहीं श्रेया की आल इंडिया रैंकिंग 492 है। उनके पिता सुधीर अग्रवाल बैंक मैनेजर हैं जबकि मां रूबी गृहणी हैं। श्रेया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षक को देते हुए कहा कि आज के जमाने में सोशल मीडिया भी पढ़ाई का एक माध्यम बन गया है, लेकिन मैंने कभी उसका सहारा नहीं लिया। कुछ डाउट होते थे तो शिक्षकों से पूछा करती थी। ऐसा कभी कभार ही ऐसा होता था जब मैंने नेट का सहारा लिया हो।

 श्रेया ने कहा की वह दिन भर में 4 से 5 घंटे पढ़ाई करती थी, और लगातार 2 सालों से प्रयासरत थी। अखिरकार उसे अपनी मेहनत और लगन का फल मिल ही गया। मुझे अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कई छात्र हैं, जो काफी प्रयास करते हैं, उसके बाद उन्हें सफलता नहीं मिलती। ऐसे छात्रों से कहना चाहूंगी कि निरंतर प्रयास करते रहिए सफलता एक दिन जरूर मिलेगी।

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प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के छात्रों के हित में लिए गये निर्णय अनुसार छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होने वाली जेईई एवं नीट परीक्षा में शामिल होने के लिए कोविड 19 के संक्रमण से बचाव करते हुए उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए निशुल्क वाहन सुविधा मुहैया कराई गई है। कांकेर जिले के 355 छात्र-छात्राएं शामिल हुए है। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर के.एल. चौहान के द्वारा जेईई और नीट की परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को निःशुल्क वाहन उन्हें उनके परीक्षा केन्द्रों तक पहुचाने एवं वापस लाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जेईई और आईआईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए जिले के 79 तथा नीट के परीक्षा के लिए 276 विद्यार्थियों ने परीक्षा में शामिल होने पंजीयन कराया। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा छात्रों को परीक्षा केन्द्र रायपुर, भिलाई और बिलासपुर तक लाने-लेजाने के लिए निःशुल्क वाहन की व्यवस्था की है।

परिवहन व्यवस्था के लिए जिला शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार पाण्डेय को जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है तथा सहायक नोडल अधिकारी जिला परिवहन अधिकारी ऋशभ नायडू और सहायक जिला परियोजना अधिकारी आर.पी.मिरे को के द्वारा इस कार्य को जिले में संपादित किया जा रहा है। इसी प्रकार जेईई एवं नीट परीक्षा के लिये परीक्षार्थियों का पंजीयन सभी विकास खण्ड के लिए विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा खण्ड स्त्रोत समन्वयक एवं सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। विकासखण्ड में परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गए वाहन की परिवन व्यवस्था में सहयोग करने तथा बच्चों को परीक्षा में सम्मिलित होने के पश्चात उनके निवास स्थान तक वापस पहुॅचाने के लिए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। 13 सितम्बर को नीट की परीक्षा संपादित होगा, जिसके लिये 276 छात्र-छात्राओं का पंजीयन कर चिन्हांकन किया गया है, उन्हें बस से भेजने की कार्यवाही की जा रही है। छत्तीसगढ़ शासन के महत्वपूर्ण सहयोग मिलने से दूरस्थ अंचल के आदिवासी बच्चों के पालकों में हर्ष व्याप्त हैं, परीक्षार्थी जेईई एवं नीट परीक्षा में सम्मिलित होने की खुशी महसूस कर रहे हैं।

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रायपुर। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संबंध में राज्य की जनता से सर्व संबंधित सुझाव आमंत्रित किये गए हैं। इच्छुक व्यक्ति अपना सुझाव राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के ईमेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर प्रेषित कर सकते हैं। इसके पहले स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राज्य के संदर्भ में कार्यशाला आयोजित कर चर्चा की गई थी।

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कोविड-19 महामारी के वजह से रेलवे ने खाली पदों पर होने वाली भर्तियों पर पाबंदियां लगा दी थी।जिसकी वजह से देश के लाखों बेरोजगार युवा चिंतित थे। लेकिन अब भारतीय रेलवे जल्द ही परीक्षाएं आयोजित करने के लिए उपाय कर रही है। भारतीय रेलवे जल्द ही 1,40,640 खाली पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। शनिवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, “रेलवे में विभिन्न पदों की सभी 3 श्रेणियों के लिए भर्ती प्रक्रिया के आवेदनों की जांच पूर्ण की जा चुकी है, विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन 15 दिसंबर से शुरु किया जाएगा.” रेलवे में जो 1 लाख 40 हजार 640 खाली पदों पर भर्ती होनी है वह तीन अलग-अलग श्रेणियों के खाली पदों पर होगी। रेल मंत्रालय के बयान के मुताबिक जब इन पदों के लिए आवेदन मांगे थे तब आरआरबी को 2.40 करोड़ से भी अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। भर्तियों के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) को कोविड-19 महामारी और इस वजह से पूरे देश में लागू किए गए लॉकडाउन के कारण स्थगित करना पड़ गया था। आवेदनों की जांच (स्‍क्रूटनी) पूरी हो गई थी, लेकिन कोविड के मद्देनजर लगाई गई पाबंदियों के कारण परीक्षा से जुड़ी आगे की प्रक्रिया में देरी हो गई थी। रेलवे ने अब 15 दिसंबर 2020 से प्रथम चरण के कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन टेस्‍ट शुरू करने का प्रस्ताव किया है और इस संबंध में आवश्यक उपाय शुरू कर दिए गए हैं। इन तीन श्रेणियों के लिए होगी परीक्षा। एनटीपीसी के लिए 35208 खाली पद (गैर तकनीकी प्रचलित श्रेणियां जैसे कि गार्ड, कार्यालय क्लर्क, वाणिज्यिक क्लर्क आदि)। 1663 खाली पद अलग एवं मंत्रिस्तरीय श्रेणियों (स्टेनो आदि) के लिए। 103769 खाली पद लेवल 1 (ट्रैक मेंटेनर्स, प्‍वाइंट्समैन आदि)।

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प्रतिवर्ष भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस बहुत उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन होता है। शिक्षक या गुरु का जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान होता है। इस लेख में यह अध्ययन करेंगे कि 5 सितंबर को ही क्यों शिक्षक दिवस मनाया जाता हैं। इसका क्या महत्व हैं और कैसे यह भारत में मनाया जाता है।

जीवन में सफल होने के लिए शिक्षा सबसे ज्यादा जरुरी है. शिक्षक देश के भविष्य और युवाओं के जीवन को बनाने और उसे आकार देने के लिये सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राचीन काल से ही गुरुओं का हमारे जीवन में बड़ा योगदान रहा है। गुरुओं से प्राप्त ज्ञान और मार्गदर्शन से ही हम सफलता के शिखर तक पहुंच सकते हैं।शिक्षक दिवस पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को ही क्यों मनाया जाता है। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर उनकी स्मृति में सम्पूर्ण भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) मनाया जाता है। वह एक महान शिक्षक होने के साथ-साथ स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपती तथा दूसरे राष्ट्रपति थे। गुरु का हर एक के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है और इसलिए कहा गया है कि:

गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः
गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः

सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान दार्शनिक और शिक्षक थे और शिक्षा में उनका काफी लगाव था, इसलिए सम्पूर्ण भारत में सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा करने वाले छात्रों को पुरस्कार दिया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि गुरु अर्थात शिक्षक के बिना सही रास्तों पर नहीं चला जा सकता है। वह मार्गदर्शन करते है।तभी तो शिक्षक छात्रों को अपने नियमों में बांधकर अच्चा इंसान बनाते हैं और सही मार्ग प्रशस्त करते रहते है. इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि जन्म दाता से बढ़कर महत्व शिक्षक का होता है क्योंकि ज्ञान ही इंसान को व्यक्ति बनाता है, जीने योग्य जीवन देता हैं।

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The Edition Today Magazine (July - 2020)