कर्जदारों के लिए अच्छी ख़बर: ईएमआई के लिए मिल सकते हैं, और तीन महीने की मोहलत Featured

नई दिल्ली: लॉकडाउन के चलते नौकरियों और कमाई पर संकट से सबसे ज्यादा परेशान वो कर्जदार हैं जिनके मोबाइल पर लगातार ईएमआई की किश्त चुकाने के मैसेज आते रहते हैं, लेकिन उनके लिए एक अच्छी खबर यह है कि फिलहाल उन्हें तीन महीने और ईएमआई न चुकाने की मोहलत मिलने जा रही है। रिजर्व बैंक के सूत्रों के अनुसार लॉकडाउन 3 लागू होने के बाद से ही आरबीआई इस पर काम कर रहा था, पिछले दिनों इसे लेकर आरबीआई और बैंकों के प्रतिनिधियों की बैठक भी हुई थी।

सूत्रों के अनुसार इंडियन बैंक एसोसिएशन और आरबीआई इस बात पर सहमत हो गए हैं कि मोरैटोरियम को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया जाए। सूत्रों के अनुसार, देशव्यापी लॉकडाउन के जारी रहने से आय के स्रोत नहीं खुल पाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इस परिस्थिति में 31 मई को पूरी होने वाली स्थगन अवधि के समाप्त होने पर कई सारी संस्थाएं और भारी संख्या में लोग अपने ऋण को चुकाने के लिए समर्थ नहीं होंगे।

पब्लिक सेक्टर बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि आरबीआई द्वारा स्थगन को और तीन महीने तक बढ़ाना एक व्यवहारिक कदम होगा। अधिकारी ने कहा कि यह इस विकट समय में कर्जदारों और बैंक दोनों के लिए ही मददगार होगा। आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 मार्च को बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों से सभी मौजूदा टर्म लॉन्स पर किश्तों के भुगतान में तीन महीने तक रोक की पेशकश करने की अनुमति दी थी। आरबीआई ने कहा था, सभी कमर्शियल बैंक्स, को-ऑपरेटिव बैंक्स, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को एक मार्च 2020 के अनुसार मौजूदा सभी टर्म लोन्स रक किश्तों के भुगतान में तीन महीने तक रोक प्रदान करने की अनुमति दी जाती है।

इस मोरैटोरियम के परिणाम स्वरूप लोगों के लोन की ईएमआई का भुगतान उनके बैंक अकाउंट्स से नहीं काटा गया है, जिससे कि उनके पास पर्याप्त लिक्विडिटी बनी रहे। जब मोरैटोरियम का तीन महीने का समय पूरा हो जाएगा, तो अकाउंट से लोन की किश्तें कटना फिर से शुरू हो जाएगा। अब अगर आरबीआई मारोटोरियम को तीन महीने और बढ़ाने का फैसला लेता है, तो यह फायदा कर्जदारों को तीन महीने अधिक समय तक मिल सकता है।

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