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नई दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सभी बॉर्डर अगले एक हफ्ते के लिए सील करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को इसकी घोषणा की। इसके साथ ही अब दिल्ली के बाजारों में सम-विषम सिस्टम भी खत्म कर दिया गया है। यानी अब सभी बाजारों में सारी दुकानें एक साथ खोली जा सकती हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा,5 जून तक हम दिल्ली के अस्पतालों में 9500 बेड का इंतजाम कर लेंगे। यदि दिल्ली का कोई भी व्यक्ति कोरोना से पीड़ि़त है और उसे अस्पताल में भर्ती होना है तो उसके लिए बेड उपलब्ध है, लेकिन अगर बॉर्डर खोल दिए गए तो यह सभी बेड 2 दिन के अंदर भर जाएंगे।इस विषय पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वालों से उनकी राय मांगी है।

मुख्यमंत्री ने कहा,दिल्ली पूरे देश की है और हम यहां आने से किसी को रोक नहीं सकते। दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाएं पूरे देश में सबसे बेहतर हैं और यहां सरकारी अस्पतालों में सभी तरह का इलाज मुफ्त हैं। लेकिन कुछ सुझाव मिले हैं जिनके मुताबिक थोड़े समय के लिए दिल्ली के बॉर्डर सील कर दिए जाएं ताकि दिल्ली के अस्पतालों में दिल्ली में रह रहे लोगों का उपचार किया जा सके। इस विषय पर मुख्यमंत्री ने दिल्ली के लोगों से राय मांगी है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए 8800007722 नंबर जारी किया है। इस नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए लोग अपनी राय भेज सकते हैं या फिर 1031 नंबर पर अपने विचार रिकॉर्ड करा सकते हैं।

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कर्नाटक के राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना संकट पर चिंता जाहिर की। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर चेतावनी दी।

उन्होंने कहा मैं ये स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि फ्रंटलाइन वर्कर्स के खिलाफ हिंसा, दुर्व्यवहार और अशिष्ट व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद आज सबसे बड़ा संकट आया है, जैसे विश्व युद्ध के बाद दुनिया बदल गई। वैसे ही कोरोना के बाद दुनिया पूरी तरह से बदल जाएगी। पीएम ने कहा, कोविड-19 के खिलाफ भारत की इस लड़ाई के पीछे चिकित्सा समुदाय और हमारे कोरोना योद्धाओं की कड़ी मेहनत है। वास्तव में डॉक्टर और चिकित्सा कर्मचारी सैनिक ही हैं, वो भी बिना किसी सैनिक की वर्दी के। पीएम ने कहा कि आयुष्मान भारत विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना है। 2 वर्षों से भी कम समय में, इस योजना से 1 करोड़ लोग लाभान्वित हुए हैं।

महिलाओं और गांवों में रहने वाले इस योजना के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं। पीएम ने कहा कि देश में 22 और एम्स खुल गए हैं। पिछले पांच साल में देश में एमबीबीएस की 30 हजार सीटें बढ़ गई हैं और पोस्ट ग्रैजुएशन की सीटों में 15 हजार की बढ़ोतरी हुई हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 25 साल का मतलब राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अपने युवावस्था में है। यह उम्र और भी बड़ा सोचने और बेहतर करने की है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा। मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस भले ही इनविजिबल है, लेकिन कोरोना वॉरियर्स विंसिबल हैं।

डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी बिना वर्दी वाले सैनिक हैं। लिहाजा हमें मानवता से जुड़े विकास की ओर देखना होगा। मेक इन इंडिया के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में पीपीई किट, एन-95 मास्क बन चुके हैं और सब मेड इन इंडिया हैं। देश में आरोग्य सेतु ऐप बनाई गई है और अब तक 12 करोड़ लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले वैश्विकरण को लेकर आर्थिक मसले पर चर्चा होती थी, लेकिन अब मानवता के आधार पर चर्चा करना जरूरी होगा। स्वास्थ्य के मामले में भारत ने पिछले 6 साल में बड़े फैसले लिए हैं, हम चार पिलर पर काम कर रहे हैं। पीएम ने कहा कि मिशन इंद्रधनुष, आयुष्मान भारत समेत कई अहम योजनाओं ने देश के स्वास्थ्य सिस्टम में एक नई जान फूंकी है।

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महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में कोविड​​-19 संक्रमित पुलिस कर्मियों की संख्या अब 2,509 है।यहां 27 पुलिस कर्मियों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है। देश में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या 1.90 लाख को पार कर गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक कुल 1,90,535 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं देश में मौत का आंकड़ा भी बढ़कर 5,394 तक पहुंच चुका है।

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के हटने का सिलसिला शुरू हो गया है। चार चरणों के बाद आज से देश में लॉकडाउन नहीं अनलॉक के दिशानिर्देश प्रभावी हो गए हैं। शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 30 जून तक अनलॉक-1 के लिए जारी दिशानिर्देश में गतिविधियों को आगे बढ़ाने की चाबी राज्यों के हाथ में दी थी। राज्यों ने स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से अगले 30 दिनों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) जारी करते हुए इस दिशा में कदम भी बढ़ा दिया है। कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना समेत कई राज्यों ने गृह मंत्रालय के दिशा- निर्देश के अनुरूप दूसरे राज्यों में आने-जाने पर लगी पाबंदी को हटा दिया है। वहीं महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के राज्यों ने अभी अंतरराज्यीय आवाजाही पर रोक बरकरार रखने का फैसला किया है।

छूट वाले राज्यों में बिना पास के लोग कहीं भी आना-जाना कर सकेंगे। कोरोना के कारण थमे पहिए को गति देने के लिए केंद्र ने अनलॉक की ओर कदम बढ़ाया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश के मुताबिक अब लॉकडाउन के ज्यादातर प्रतिबंध केवल कोरोना संक्रमण के कंटेनमेंट जोन में ही सीमित कर दिए गए हैं। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक गतिविधियों के अतिरिक्त लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित रहेगा। कंटेनमेंट जोन के आसपास के कुछ क्षेत्र यानी बफर जोन में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। इसके अलावा पूरे देश में लगभग सभी कारोबारी व अन्य गतिविधियों को मंजूरी दे दी गई है। पिछले हफ्ते से शुरू हो चुकी घरेलू हवाई सेवा और पहली जून से शुरू हो रही रेल सेवा को भी क्रमिक तरीके से विस्तार दिया जाएगा। आर्थिक गतिविधियों में तेजी की आस लगाए कारोबारी जगत को आठ जून से और राहत मिल जाएगी।

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नई दिल्‍ली: कोरोना संकट और चरणबद्ध लॉक डाउन खोलने की घोषणा के बीच एक जून से देश में ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ लागू किया जा रहा है। इस योजना की शुरुआत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होगी। इस योजना के तहत देश के गरीबों को कम कीमत पर राशन मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत राहत पैकेज की घोषणा के दौरान इसका जिक्र किया था। दरअसल ये योजना लागू होने के बाद राशन कार्ड का फायदा देश के किसी भी कोने में उठाया जा सकता है।

गौरतलब है कि केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने पिछले दिनों ही कहा था कि केंद्र सरकार 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में एक जून से राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी योजना के शुभारंभ के लिए तैयार है। दरअसल भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ से कुल 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जोड़ने का ऐलान किया गया है, जिसमें कुछ राज्यों को पहले ही शामिल किया गया था और अन्य को बाद में जोड़ा गया था। फिलहाल इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले साल 1 अगस्त से आंध्रप्रदेश-तेलंगाना और गुजरात-महाराष्ट्र के बीच राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू कर दी गई है।

दरअसल ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह ही है, जिस तरह से आप अगर अपना मोबाइल नंबर को बरकरार रखते हुए दूसरे टेलीकॉम कंपनी की सेवा लेते हैं। बता दें कि राशन कार्ड का फायदा गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) कार्डधारकों को मिलता है। इसके तहत उन्हें सस्ती कीमत पर अनाज मिलता है। वन नेशन, वन राशन कार्ड लागू होने के बाद गरीबी रेखा के नीचे वाले लोग कम कीमत पर देश के किसी कोने में राशन खरीद सकते हैं।

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नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 समिट को सितंबर तक के लिए टाल दिया है। ट्रंप ने इसमें शामिल देशों की लिस्ट को बढ़ाने का इरादा जताया है। इसमें भारत भी शामिल है। जून के आखिर में होने वाली प्रस्तावित समिट को ट्रंप ने फिलहाल स्थगित करने का ऐलान किया है। साथ ही ट्रंप ने कहा कि वह इसमें भारत, रूस, साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को शामिल करना चाहते हैं।

ट्रंप ने वर्तमान जी-7 फॉर्मेट को आउटडेटेड (पुराना) बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैं इस समिट को स्थगित कर रहा हूं क्योंकि मुझे ये नहीं लगता कि दुनिया में जो चल रहा है, उसकी ये सही नुमाइंदगी करता है। यह देशों का बहुत ही पुराना समूह हो गया है। बता दें कि जी-7 समिट पहले 10 से 12 जून के बीच वॉशिंगटन में होनी थी। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से बाद में इसे जून के अंत तक के लिए शिफ्ट कर दिया गया।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी के दूसरे पारंपरिक सहयोगियों और कोरोना से प्रभावित कुछ देशों को इसमें लाना चाहते हैं। साथ ही इसमें चीन के भविष्य को लेकर भी चर्चा होगी। इसी महीने यूएस नैशनल सिक्यॉरिटी अडवाइजर रॉबर्ट ओ ब्रायन ने कहा था कि कोरोना की वजह से अमेरिका अगली जी-7 मीटिंग जून के आखिर तक स्थगित कर रहा है। बता दें कि अमेरिका में कोरोना वायरस से 1 लाख 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। त्र7 में अभी अमेरिका के अलावा इटली, जापान, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन के साथ यूरोपियन यूनियन शामिल हैं।

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नई दिल्ली: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के रिकॉर्ड 8,380 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 193 मरीजों की कोरोना से मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अब तक कुल 1,82,143 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं देश में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 5166 तक जा पहुंचा है। इसमें 89,995 एक्टिव केस हैं, वहीं 86,984 मरीज ठीक हो चुके हैं। गृह मंत्रालय के ऐलान के बाद अब तक कई राज्यों ने अपने यहां लॉकडाउन को आगे बढ़ाया है।

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नई दिल्ली: देश में जारी कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 31 मई को रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित करेंगे। लॉकडाउन के दौरान वह तीसरी बार जनता को इस कार्यक्रम के माध्यम से संबोधित करने जा रहे हैं। 

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में एक बार फिर से लॉकडाउन लागू कर दिया है। लॉक डाउन 5.0 1 से 30 जून तक रहेगा। इसके लिए नई गाइड लाइंस सरकार ने जारी कर दी है। कंटेनमेंट जोन के बाहर सरकार की ओर से चरणबद्ध तरीके से छूट दी दई है। एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की जरूरत नहीं होगी। रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कफ्र्यू रहेगा। 8 जून से शर्तों के साथ धार्मिक स्थल खुलेंगे । अनलॉक-1 के लिए गृह मंत्रालय ने शनिवार को नई गाइडलाइन्स जारी की है। बता दें कि 31 मई को लॉक डाउन की आखिरी तिथि है।

अनलॉक-1 के लिए गृह मंत्रालय ने गाइड लाइन जारी की है। इसमें आठ जून के बाद धार्मिक स्थल शर्तों के साथ खोले जाएंगे। होटल, रेस्टोरेंट और मॉल भी खुलेंगे। राज्य सरकार लेगी स्कूल और कॉलेज खोलने का फैसला। कंटेनमेंट जोन के बाद आर्थिक गतिविधियों में छूट रहेगी।आठ जून से शॉपिंग मॉल, सैलून खोलने की मंजूरी दी गई है। अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, मेट्रो रेल का संचालन, सिनेमा हॉल, व्यायामशाला, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क आदि के लिए तिथियों का निर्धारण स्थिति के आकलन के आधार पर किया जाएगा।

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नई दिल्ली: देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है, जिसमें केंद्र सरकार के द्वारा संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन करके इंडिया शब्द हटा कर देश का नाम भारत या हिन्दुस्तान रखने की मांग की गई है। यह अनुच्छेद देश के नाम और इलाके को परिभाषित करता है। अब सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर 2 जून को सुनवाई करेगा। बता दें कि इस याचिका पर 29 मई को ही सुनवाई होनी थी लेकिन 29 मई को मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के मौजूद न होने के कारण अन्य कुछ मामलों के साथ इस मामले की सुनवाई भी 2 जून तक के लिए टाल दी।

दरअसल दिल्ली के रहने वाले एक व्यक्ति ने याचिका दाखिल कर कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन कर इंडिया शब्द हटा दिया जाए। कहा गया है कि अभी अनुच्छेद 1 कहता है कि भारत अर्थात इंडिया राज्यों का संघ होगा। याचिका में कहा गया है कि इसकी जगह संशोधन करके इंडिया शब्द हटा दिया जाए और भारत या हिन्दुस्तान कर दिया जाए।

इसके अलावा याचिकाकर्ता ने कहा है कि इंडिया शब्द गुलामी का प्रतीक लगता है। देश को मूल और प्रमाणिक नाम भारत से ही मान्यता दी जानी चाहिए। इससे लोगों में राष्ट्रीय भावना भी पनपेगी। इंडिया शब्द की जगह भारत करने से हमारे पूर्वजों के कठिन संघर्ष से प्राप्त आजादी के साथ न्याय होगा।

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