छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (2607)

सीएम बघेल ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी शासकीय कार्यालयों में समुचित सैनिटाइजेशन अभियान चलाकर साफ-सफाई रखने के दिए निर्देश

सीएम बघेल ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी शासकीय कार्यालयों में समुचित सैनिटाइजेशन अभियान चलाकर साफ-सफाई रखने के दिए निर्देश (0)

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रदेश की राजधानी रायपुर स्थित राज्य स्तरीय कार्यालयों सहित जिला और मैदानी क्षेत्रों में स्थित सभी शासकीय कार्यालयों में समुचित सैनिटाइजेशन अभियान चलाकर साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए है। इस संबंध में मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने प्रदेश के सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और वनमण्डलाधिकारियों को पत्र जारी कर अपने अधिनस्थ कार्यालयों में अभियान चलाकर सैनिटाइजेशन करने के निर्देश जारी दिए है।

मुख्य सचिव ने कहा है कि नोवेल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण लगाए गए देश व्यापी लाॅक डाउन के फलस्वरूप सभी शासकीय कार्यालयों में कार्य संपादित नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा है कि आने वाले दिनों में लाॅक डाउन समाप्त होने पर समस्त कार्यालयों में कार्य शुरू किया जाएगा। इससे कार्यालयों में आम नागरिकों का आना-जाना भी होगा। चूंकि अभी वैश्विक महामारी का प्रकोप कम होने की संभावना व्यक्त नहीं की जा सकती। ऐसी स्थिति में आमजनों और अधिकारियों व कर्मचारियों की व्यापक सुरक्षा की दृष्टि से सभी जिला, तहसील, जिला पंचायत, जनपद और ग्राम पंचायतों के कार्यालय सहित अन्य मैदानी कार्यालय में सेेनिटाइजेशन के लिए अभियान चलाकर कार्यालय की साफ-सफाई और उनका सैनिटाइजेशन प्राथमिकता से कराना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने इस अभियान के तहत सभी शासकीय कार्यालयों में सैनिटाइजेशन, नियमित साफ-सफाई, रंग-रोगन, हाथ धोने के लिए हैण्डवाश आदि की व्यवस्था और कार्यालयों में आनवश्यक रूप से रखी सामग्री और कबाड़ को राईट ऑफ करने के साथ ही कार्यालयों में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

भिलाई। भाजपा के प्रत्याशी विद्यारतीन भसीन के निवास पर छत्तीसगढ़ सिक्ख पंचायत के पदाधिकारियों ने भेंट कर शुभकामनाएं दी एवं विजयी होने का आशीर्वाद दिया। गुरनाम सिंह कुका, जशबीर सिंह चहल, गुरमीत सिंह सेखी, बलविंदर सिंह कलेर, बलकार सिंह, वीर सिंह, तजेन्द्रर सिंह हुंदल, गुरूनाम सिंह एवं छत्तीसगढ़ सिक्ख पंचायत के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे। 

शेयर करे...
  • मंत्रालय के कर्मचारियों को छोड़कर लौट रही सिटी बस
  • अटल नगर में सीवीडी चौक पर हुई आमने-सामने टक्कर

रायपुर. बच्चों को लेकर स्कूल से लौट रही केंद्रीय विद्यालय की स्कूल बस बुधवार दोपहर सिटी बस से टकरा गई। दुर्घटना में दो छात्राओं और कंडक्टर की मौत हो गई, जबकि सात बच्चे घायल हो गए। सूचना पर पहुंची राखी थाने की टीम ने घायलों को अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद बच्चों में चीख-पुकार मच गई।

 बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे केंद्रीय विद्यालय नंबर 3 की स्कूल बस बच्चों को लेकर लौट रही थी। अटल नगर में सीवीडी चौक के पास सिटी बस से आमने-सामने टकरा गई। टक्कर में दो छात्राओं समेत बस के कंडक्टर की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए हैं।

शेयर करे...

नक्सलवाद से प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में नक्सली हमले के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बुधवार को अधिकारियों की बैठक की। मुख्यमंत्री रमन सिंह ने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर नक्सल हिंसा से निपटने के लिए संबंधित इलाकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की।

 

रमन सिंह ने कहा कि दंतेवाड़ा में नक्सली हमले को लेकर चर्चा हुई। हमने सुरक्षा को लेकर रोडमैप बनाया है कि इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। मीडिया और स्थानीय लोगों को और सुरक्षा दी जा सकती है। हमारे पास चुनाव को लेकर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है।  

शेयर करे...

एक रुपये किलो की चावल योजना चलाकर 'चाउर वाले बाबा' के नाम से विख्यात रमन सिंह 2003 से मुख्यमंत्री पद पर काबिज हैं। रमन सिंह के नाम भाजपा की तरफ से सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री पद (15 साल 10 महीने) पर बने रहने का कीर्तिमान दर्ज है। रमन की नजर अब चौथी बार छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनने पर है। जुलाई 2016 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस रिकॉर्ड को तोड़ा था, जो उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर बनाया था। आइए नजर डालते हैं रमन सिंह के राजनीतिक सफर पर...

 

पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर रहे रमन सिंह ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पार्षद का चुनाव लड़कर की थी। 1984 में उन्होंने कवर्धा नगर पालिका से पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। तब कवर्धा मध्यप्रदेश का भाग हुआ करता था। इसके बाद 1990 में रमन सिंह कांग्रेस के जगदीश चंद्रवंशी को हराकर कवर्धा विधानसभा सीट से विधायक बने।

1993 में वो एक बार फिर विधायक बने। 1998 में उनके राजनीतिक करियर को खत्म माना जाने लगा जब वो विधानसभा का चुनाव हार गए, लेकिन 1999 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन पर भरोसा जताते हुए राजनांदगांव से लोकसभा चुनाव में उतारा और कांग्रेस के दिग्गज नेता मोतीलाल वोरा को हराकर रमन सिंह अटल सरकार में वाणिज्य-उद्योग राज्य मंत्री बने।

छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद 2002 में रमन सिंह को भाजपा ने प्रदेशाध्यक्ष बनाया। 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के पास रमन के अलावा कोई बड़ा चेहरा नहीं था और उनके नेतृत्व में ही भाजपा ने कांग्रेस को पछाड़कर सत्ता पर कब्जा किया।

रमन सिंह को पहली बार छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया गया। तब से लेकर वह लगातार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हुए हैं। वह 2008 से लगातार राजनांदगांव से विधायक है। इस बार भी रमन सिंह ने राजनांदगांव से नामांकन दाखिल किया है। हालांकि इस बार कांग्रेस ने उनके खिलाफ करूणा शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है।

शेयर करे...

छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस( सीजेसी) के सुप्रीमो और राज्य के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी आगामी विधानसभा चुनाव अपनी परंपरागत सीट मरवाही से ही लड़ेंगे। सीजेसी यह विधानसभा चुनाव बसपा के साथ मिलकर लड़ रही है। माना जा रहा है कि एससी-एसटी के प्रभाव वाली सीटों पर यह गठबंधन असर डाल सकता है।

 

मंगलवार को इस गठबंधन ने 26 उम्मीदवारों की घोषणा की थी। वर्तमान में मरवाही सीट से अजीत जोगी के बेटे विधायक हैं। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री जोगी ने कहा था कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे और सभी 90 सीटों पर गठबंधन के प्रत्याशियों का प्रचार करेंगे। सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए सीजेसी कोर कमिटी ने यह फैसला भी लिया है कि अजित जोगी के बेटे अमित जोगी यह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि यहां की जनता ने अजीत जोगी से चुनाव लड़ने की प्रार्थना करते हुए कहा था कि मरवाही में उनकी जीत पक्की है और उन्हें चुनाव प्रचार की जरूरत नहीं। वह बेफिक्र होकर बाकी सीटों पर प्रचार करें। मरवाही के अलावा पार्टी ने मनेंद्रगढ़ और रायपुर उत्तर सीट के लिए भी उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। मनेंद्रगढ़ से लखन श्रीवास्तव और रायपुर उत्तर से अमर गिडवानी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे।

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होने हैं। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में पहले चरण में विधानसभा की 18 सीटों के लिए 12 नवंबर को जबकि उत्तरी छत्तीसगढ़ की 72 सीटों के लिए 20 नवंबर को चुनाव होने हैं। बसपा-सीजेसी गठबंधन ने इस बार कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं जो पिछले 15 साल से सत्ता वापसी की बाट जोह रही है। 

शेयर करे...

प्रदेश में धान खरीदी एक नवंबर से शुरू हो रही है। इसकी तैयारियां जोरों पर है। इस बार समर्थन मूल्य के साथ-साथ किसानों को बोनस भी दिया जाएगा। प्रदेश के 14सौ प्राथमिक सहकारी समितियों में एक साथ खरीदी शुरू होगी

शेयर करे...

छत्तीसगढ़: दूरदर्शन की टीम पर नक्सलियों का हमला, कैमरामैन सहित तीन की मौत

 
नक्सलियों के हमले में मारे गए कैमरामैन अच्युतानंद साहू
नक्सलियों के हमले में मारे गए कैमरामैन अच्युतानंद साहू - फोटो : facebook
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में आज नक्सलियों ने दूरदर्शन की टीम पर हमला कर दिया था। इस हमले में एक पत्रकार और दो सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई है। यहां खबर कवरेज करने के लिए दूरदर्शन की तीन सदस्यीय टीम पहुंची थी। तभी वे नीलवाया के जंगल में नक्सलियों के एंबुश में फंस गए। कुछ दिन पहले माओवादियों ने कहा था पत्रकारों को खतरा नहीं है। शहीद हुए दो सुरक्षा कर्मियों में एक एएसआई और एक जवान थे। घायल हुए दो जवानों का नाम जवान विष्णु नेताम और राकेश कौशल है। इनके अलावा एक मीडिया कर्मी और अन्य भी घायल हुए हैं।
 
 
छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले पर डीआईजी पी. सुंदरराज का कहना है, 'आज हमारी गश्ती पार्टी पर अरनपुर में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में हमारे दो कर्मी शहीद हो गए हैं। साथ ही दूरदर्शन के कैमरामैन भी घायल हो गए थे, जिनकी बाद में मौत हो गई। दो और कर्मी घायल हुए हैं।' डीआईजी नक्सल पी. सुंदरराज ने कहा कि नक्सली विकास विरोधी है। जनता के सामने उनका चेहरा बेनकाब हो गया है। हमारे जवान नक्सलियों का मुहतोड़ जवाब दे रहे हैं। हम नक्सलियों से निपटने हर परिस्थितियों के लिए तैयार हैं। जानकारी के मुताबिक जो दो सुरक्षा कर्मी घायल हुए हैं उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। कैमरामैन का नाम अच्युतानंद साहू है।

खेल मंत्री और आई एंड बी मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने छत्तीसगढ़ हमले पर कहा, 'हम कैमरामैन के परिवार के साथ खड़े हैं, हम उनके परिवार का ख्याल रखेंगे। हम उन सभी मीडिया के लोगों को सलाम करते हैं दो कवरेज के लिए ऐसी खतरनाक स्थितियों में जाते हैं, उनकी बहादुरी को याद रखा जाएगा।'


शहीद
रुद्र प्रताप, एएसआई
मंगलराम, आरक्षक
अचिता नंद साहू, कैमरा मैन

ये हुए घायल
राकेश कौशल, आरक्षक
विष्णुनेताम, सहायक आरक्षक

मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने शहादत पर गहरा दुःख व्यक्त किया

सीएम रमन सिंह
सीएम रमन सिंह - फोटो : PTI
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। डॉ. सिंह ने इस हमले में पुलिस के दो जवानों और दूरदर्शन नई दिल्ली के एक कैमरामेन की शहादत पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हमले की तीव्र निंदा करते हुए कहा है कि यह  नक्सलियों की कायरतापूर्ण और शर्मनाक हरकत है। शहीद जवान और कैमरामेन निर्वाचन जैसे राष्ट्रीय कार्य के लिए अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे थे। उन पर हमला करके नक्सलियों ने देश के लोकतंत्र पर हमला किया है, जो निंदनीय है।

उन्होंने आगे कहा, देश, प्रदेश और समाज के सभी लोगों को एक  स्वर से उनकी ऐसी हरकतों की कठोर शब्दों में निंदा करनी चाहिए और हिंसा तथा आतंक के खिलाफ सबको एकजुटता का परिचय देना चाहिए।  इस नक्सल हमले में पुलिस के उप निरीक्षक श्री रूद्रप्रताप सिंह, सहायक आरक्षक श्री मंगलराम और दूरदर्शन नई दिल्ली के कैमरामेन श्री अच्युतानंद साहू शहीद हुए हैं। मुख्यमंत्री ने घायल जवानों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है और अधिकारियों को उनका बेहतर से बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं।
शेयर करे...

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले में एक मीडियाकर्मी और दो पुलिसकर्मियों की जान चली गई है। हादसे के बाद दंतेवाड़ा के एसी अभिषेक पल्लव इनके बारे में बताते हुए रोने लगे। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दर्दनाक हादसा है। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन पहले भी यहां मीडिया कर्मी आए थे। यहां गांव के लोगों ने मीडिया कर्मियों से खूब बात की और कहा कि वह कैसे 30 साल बाद पहली बार चुनाव में हिस्सा लेंगे और वोट करेंगे। 

 गांव के लोगों ने मीडियाकर्मियों से आपबीती बताई कि उन्हें नक्सलियों ने कितना परेशान किया है। उन्होंने कैसे यह रोड उनके लिए लाइफ लाइन है। उन्होंने दस दिन नक्सिलिओं से मार खाने के बाद भी रोड बनाने का फैसला किया। गांव वालों ने एक भी बात नक्सलियों की नहीं सुनी। एसपी ने कहा कि गांव वालों ने मुझसे भी कहा कि सर हम मर जाएंगे लेकिन रोड बनाकर रहेंगे। इसके बाद यह सभी बातें मीडिया के माध्यम से बाहर जाने लगीं तो नक्सलियों ने मीडियाकर्मियों को टारगेट किया।  
एसपी ने कहा कि रात जब फायरिंग शुरू हुई तो उन्होंने पुलिस को नहीं बल्कि मीडिया को टारगेट किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस ने अगर मीडियाकर्मियों को धक्का नहीं दिया होता तो दो और मीडिया कर्मी इस हादसे में मारे जाते।  

बता दे कि कवरेज करने के लिए दूरदर्शन की तीन सदस्यीय टीम छत्तीसगढ़ पहुंची थी। तभी वे नीलवाया के जंगल में नक्सलियों के एंबुश में फंस गए। कुछ दिन पहले माओवादियों ने कहा था पत्रकारों को खतरा नहीं है। शहीद हुए दो सुरक्षा कर्मियों में एक एएसआई और एक जवान हैं। घायल हुए दो जवानों का नाम जवान विष्णु नेताम और राकेश कौशल है। इनके अलावा एक मीडिया कर्मी और अन्य भी घायल हुए हैं।

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले पर डीआईजी पी. सुंदरराज का कहना है, 'आज हमारी गश्ती पार्टी पर अरनपुर में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हमले में हमारे दो कर्मी शहीद हो गए हैं। साथ ही दूरदर्शन के कैमरामैन भी घायल हो गए थे, जिनकी बाद में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक जो दो सुरक्षा कर्मी घायल हुए हैं उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। कैमरामैन का नाम अच्युतानंद साहू है।

खेल मंत्री और आई एंड बी मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने छत्तीसगढ़ हमले पर कहा, 'हम कैमरामैन के परिवार के साथ खड़े हैं, हम उनके परिवार का ख्याल रखेंगे। हम उन सभी मीडिया के लोगों को सलाम करते हैं दो कवरेज के लिए ऐसी खतरनाक स्थितियों में जाते हैं, उनकी बहादुरी को याद रखा जाएगा।'

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। डॉ. सिंह ने इस हमले में पुलिस के दो जवानों और दूरदर्शन नई दिल्ली के एक कैमरामेन की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि यह नक्सलियों की कायरतापूर्ण और शर्मनाक हरकत है। शहीद जवान और कैमरामेन निर्वाचन जैसे राष्ट्रीय कार्य के लिए अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे थे। उन पर हमला करके नक्सलियों ने देश के लोकतंत्र पर हमला किया है, जो निंदनीय है।

उन्होंने आगे कहा, देश, प्रदेश और समाज के सभी लोगों को एक  स्वर से उनकी ऐसी हरकतों की कठोर शब्दों में निंदा करनी चाहिए और हिंसा तथा आतंक के खिलाफ सबको एकजुटता का परिचय देना चाहिए।  इस नक्सल हमले में पुलिस के उप निरीक्षक श्री रूद्रप्रताप सिंह, सहायक आरक्षक श्री मंगलराम और दूरदर्शन नई दिल्ली के कैमरामेन श्री अच्युतानंद साहू शहीद हुए हैं। मुख्यमंत्री ने घायल जवानों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है और अधिकारियों को उनका बेहतर से बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं।
 
शेयर करे...

रायपुर,। राज्योत्सव 2018 का आयोजन राजधानी रायपुर में इस वर्ष एक से तीन नवम्बर तक तीन दिवसीय होगा। राज्योत्सव का स्थल ग्राम-तूता अटल नगर स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी औद्योगिक एवं व्यापार परिसर को निर्धारित किया गया है।
राज्योज्सव 2018 के सफल आयोजन के लिए आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग  आर.पी.मण्डल की अध्यक्षता में बैठक ली गई। उन्होंने राज्योत्सव के सफल आयोजन के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारी साैंपी और इसका तत्परता से निर्वहन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव श्री मण्डल ने बताया कि प्रदेश में चुनाव आचार संहिता के प्रभावशील होने के कारण राज्योत्सव के आयोजन में निर्वाचन आयोग के निर्देश का पूर्णतः ध्यान रखा जाएगा। चुनाव आचार संहिता के कारण इस वर्ष जिलों में ’राज्योत्सव-2018’ का आयोजन नहीं किया जाएगा। केवल राजधानी रायपुर में ही एक से तीन नवम्बर तक तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने राज्योत्सव स्थल में मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, बिजली तथा पेयजल व्यवस्था और वाहन पार्किंग सुविधा आदि के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस वर्ष राज्योत्सव के अवसर पर शासकीय विभागों की प्रदर्शनियां आयोजित नहीं की जाएगी। इसमें चुनाव आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए केवल व्यापार मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को ही शामिल किया गया है।

शेयर करे...
  • भाजपा मुख्यालय एकात्म परिसर से नक्सलवाद पर भी केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर बोला जमकर हमला
  • आरोप- माओवादियों के सरंक्षक सोनिया गांधी की सलाहकार समिति में बैठते थे, इसलिए 10 साल कार्रवाई नहीं 

रायपुर.  केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। नक्सलवाद अौर राफेल जैसे मुद्दों पर उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके कारण ही दोनों मामले ठंडे बस्ते में रहे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राफेल पर पाकिस्तान और राहुल गांधी के स्वर एक जैसे हैं। दोनों ही नहीं चाहते कि भारत को राफेल मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की सलाहकार समिति में माओवादियों के संरक्षक बैठते थे। इसलिए मनमोहन सिंह की सरकार ने नक्सलियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। 

 

'गांधी परिवार को जब तक दक्षिणा नहीं मिलती कोई काम नहीं होता'

भाजपा प्रदेश मुख्यालय एकात्म परिसर में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत की वायु सेना में नए हवाई जहाज की कमी है। पुराने जहाज बेकार हो रहे हैं और उनमें खराबी के चलते पायलटों की जान जा रही है। उन्होंने कहा कि वायुसेना को नए विमान मिले, इसके लिए सबसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कोशिश की गई थी। 

 

इसके बाद कांग्रेस की सरकार आई। केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने कहा कि 10 साल तक विमानों की खरीद को लेकर कांग्रेस घपले में ही रही। फिर 2012 में तय किया कि राफेल की कीमत सबसे कम है। इसके लिए 

दासोद को उन्होंने ही सबसे बेहतर कंपनी मांना। फिर विमानों का सौदा रोक दिया। 10 साल के यूपीए सरकार के निकम्मेपन के कारण राफेल नहीं आ सका।
 

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विमानों के इस सौदे से सत्ता में बैठे गांधी परिवार को कुछ मिल नहीं रहा था। गांधी परिवार में जब तक दक्षिणा नहीं मिलती काम नहीं होता है। कंपनी नहीं तैयार हुई तो मामला अौर सौदा दोनों टाल दिए गए। हमारी सरकार आई तो वायुसेना का आग्रह था हमे राफेल चाहिए। इससे हमारा बेड़ा मजबूत होगा। 

 

उन्होंने कहा कि वायुसेना के इस आग्रह को देखते हुए हमने राफेल खरीदने की दिशा में कदम बढ़ाया। विमान खरीदने की दो प्रक्रिया होती है,  कंपनी से टेंडर होते या हमारे प्रधानमंत्री दूसरे देश के राष्ट्रपति या अपने समकक्ष से बात करें। प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के बीच बात हुई और 36 विमान खरीदना तय हुआ।

 

उन्होंने बताया कि एक बेडे़ में 18 विमान होते हैं। ऐसे में यह विचार किया गया कि इससे वायुसेना के दो बेड़े तैयार हो जाएंगे। बाकी के विमान हम इसी टेक्नोलॉजी पर अपने देश में निर्माण करेंगे। यूपीए के दाम से 9 फीसदी कम दाम में विमान की खरीद तय की गई। 

 

दासोद कंपनी के सीईअो के इंटरव्यू का दिया हवाला

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राफेल मामले में लग रहे अाराेपों पर दासोद कंपनी के सीईअो एरिक के एक इंटरव्यू का हवाला दिया। द इकोनॉमिक टाइम्स में  छपे इस इंटरव्यू के हवाले से केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने कहा कि सीईओ एरिक ने स्वयं माना है कि उनके अंबानी से रिश्ते वर्ष 2012 में ही बन गए थे। 

 

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा से खिलवाड़ मत करिए। राहुल गांधी झूठ बोलते हैं। जो विमान भारत में बनाया जाएगा उसके लिए 30 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। उसको बनाने का ठेका देश की 100 कंपनियों के पास होगा। अनिल अंबानी को तो सिर्फ 850 करोड़ रुपए ही दिए जा रहे हैं। दासोद कंपनी ने स्वयं कहा है कि नागपुर में हवाई अड्‌डे के पास अंबानी की जमीन इसलिए वहां पार्ट्स बनेंगे। 

 

अर्बन माओवादियाें से रहे हैं कांग्रेस के संबंध

प्रदेश में नक्सलवाद को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश के टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह... ये बोलने का अधिकारा किसी को नहीं है। कानून मंत्री ने कहा कि अर्बन माओस्ट के संबंध कांग्रेस से रहे हैं। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि 10 सालों में उनकी सरकार में माओवादियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि उनकी संरक्षक सोनिया गांधी की सलाहकार समिति में बैठते हैं। 

 

उन्होंने कहा कि बंदूक की गोली से सत्ता के नजीतों की बात करने वाले माआोवादियों के लिए आम आदमी का स्थान कहां है? उन्हें लोगों की चिंता नहीं है। मानव अधिकारों की बात करने वाले माओवादियों के समर्थकों से कानून मंत्री ने पूछा कि नक्सलियों के मरने पर वे मानव अधिकारों की बात करते हैं।

 

उनका मानव अधिकार तब कहां चला जाता है जब बहादूर जवानों की शहादत होती है। उनके बीबी और बच्चों पर मुसीबत आती है। दिल्ली से रायपुर व दंतेवाड़ा तक शोर करने वाले नक्लियों के हिमायती तब क्यों खामोश हो जाते हैं? बस्तर में कॉल सेंटर खुले हैं। 4000 टावर माओवादी इलाकों में लग गए हैं और 4000 और लगने वाले हैं। 

 

कांग्रेस ने कहा- डरपोक हैं रविशंकर, जहां जवान तैनात, वहां जाने से डर रहे

कांग्रेस का आरोप है कि नंदराम पर नक्सली हमले के बाद केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बस्तर जाने से मना कर दिया। कांग्रेस ने इसे आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा के नेता डरपोक हैं जहां हमारे जवान नक्सलवाद खत्म करने लाल आतंक लड़ाई लड़ रहे हैं, शहीद हो रहे हैं वहां जाने से डर रहे हैं।  प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बढ़ते नक्सलवाद के लिये रमन सरकार ही जिम्मेदार हैं।

राज्य निर्माण के वक्त दक्षिण बस्तर के सीमावर्ती क्षेत्रों के तीन ब्लाक तक सीमित नक्सलवाद  15 साल में  14 जिलों तक पहुंचा गया। रविशंकर प्रसाद और भाजपा को समझ आना चाहिए रमन सिंह सरकार 15 साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ का विकास नही बल्कि विनाश हुआ है। 2013 के विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के परिवर्तन यात्रा में झीरम घाटी में षड्यंत्रपूर्वक नक्सली हमला कराया गया जिसमें कांग्रेस के प्रथम पंक्ति के नेताओं की हत्या की हुई थी। नक्सलियों के कारण ही भाजपा तीन बार से सत्तासुख भोग रही है और छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता बढ़ते नक्सलवाद के दुष्परिणाम झेल रहे है।

शेयर करे...

Magazine

The Edition Today Magazine (July - 2020)