बारिश के पहले मरम्मत की गई सड़क धंसने लगी, पुल का भी बुरा हाल:छोटे पुल पुलिया कभी भी बन सकते हैं हादसों की वजह Featured

 

 

जावेद खान, अंतागढ़:प्रधानंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वारा अंतागढ के भट्टीपारा चौक से चारगांव तज बनाई गई सड़क में आने वाले छोटे बड़े पुल जर्जर हो चुके हैं, हालात ये हैं कि पुल में उपयोग की गई सरिया निकल कर बाहर आ गई है, जर्जर हो चुके पुल कभी भी किसी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नही दे रहा है, वही बारिश के पहले मरम्मत की गई सड़क भी भारी वाहनों की वजह से धंसने लगी है।

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बता दें कुहचे रेलवे स्टेशन से अंतागढ भट्टीपारा तक बारिश के पहले ही सड़क में मरम्मत का कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग ने ठेकेदार के माध्यम से कराया गया था , जिसमे कुछ पुल पुलिया को छोड़कर बाकी सड़क ठेकेदार द्वारा मरम्मत कर दिया गया किन्तु बारिश के पहले मरम्मत की गई यह सड़क ट्रकों के भारी पहियों की वजह से जगह जगह से धंसने भी लगी है, जबकि विभाग के अधिकारियों के अनुसार चारगांव माइंस प्रबन्धन द्वारा दिये गए पैसों से इस सड़क को इन ट्रकों के भारतुल्य बनाया गया है, किन्तु कुछ महीनों में सड़क में हो रहे गड्ढ़ों की देखकर लगता नही यह सड़क इन भारी ट्रकों के भारतुल्य बनाई गई थी।

 

चारगांव लौह अयस्क खदान से प्रतिदिन इसी मार्ग से सैकड़ों ट्रकें आना जाना करती हैं वही चारगांव से अंतागढ़ के बीच सुरेवाहि, कुहचे, कोंदागांव, कोहकापारा, टेमरूपानी,कोएपारा, भैंसासुर, जैसे गांव आते हैं जिनके कई ग्रामीण प्रतिदिन अपने दिनचर्या के सामानों के लिए अंतागढ़ इसी सड़क से आते जाते हैं।

 

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वारा बनाई गई सड़क जिसमे भारी वाहनों के आवागमन प्रतिबंधित होता है उसी सड़क पर रोजाना लौह अयस्क परिवहन में लगी सैकड़ों ट्रकें गुजरती हैं, विभाग के अधिकारियों द्वारा इस विषय मे इस सड़क के निर्माण में चारगांव माइंस प्रबन्धन का पैसा लगाया जाना बताया गया है इसलिए इन ट्रकों के परिवहन पर प्रतिबंध नही लगाया गया है।

 

बता दें इस सड़क में कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं, इन भारी ट्रकों की पहियों के नीचे कई ग्रामीणो की जान जा चुकी है, जिसकी प्रमुख वजह सड़क की चौड़ाई का बहोत कम होना है जैसे अन्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनाई जाने वाली सड़कें होती हैं, सड़क के साइड सोल्डर ट्रकों के पहियों की वजह से धंस गए है और मोटर सायकिल सवार अक्सर इन ट्रकों से साइड लेते समय अपना संतुलन खो देते हैं और हादसों का शिकार बन जाते हैं।

 

वही इस सड़क में ये खस्ता हाल पुल इन ग्रामीणो के लिए मुसीबत बन गए हैं जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है बावजूद इसके विभाग इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है, इस जर्जर पुल के सम्बंध में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के इंजीनियर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

 

जानकारी के अनुसार इस सड़क में कुहचे से भट्टीपारा चौक तक डामरीकरण सहित पुल पुलिया निर्माण का ठेका दिया जा चुका है और ठेकेदार ने सड़क में डामरीकरण का कार्य किया भी है, किन्तु इन जर्जर हो चुके पुल के नवीनीकरण का कार्य नही किया गया है ।

 

ग्रामीणों की शिकायत है सड़क में डामरीकरण तो कर दिया जाता है पर ये कुछ ही दिनों में उखड़ने लगता है क्योंकि जिस छमता की सड़क इन ट्रकों के लिए होनी चाहिए वो क्षमता इस सड़क में नही है साथ ही सड़क की चौड़ाई कम होने की वजह से लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।

 

इस सड़क के विषय मे विभाग के अधिकारी कर्मचारी बात नही करना चाहते, विभाग के उप अभियंता रितेश नायडू से बात करने की कोशिश करने पर उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहकर फोन काट दिया।

 

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Last modified on Wednesday, 13 October 2021 17:59
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