अपने सिद्धांतों से भटक रही पत्रकारिता कुछ चाटुकार पत्रकारों के द्वारा किया जा रहा मीडिया की छवि को धूमिल। Featured

सूरजपुर (भटगांव)-- आज के दौर में पत्रकारों के बीच एकता न होने और एक पत्रकार दूसरे पत्रकार से अपने आप को अच्छा साबित करने के लिए कुछ भी लिख सकते हैं बोल सकते आरोप प्रत्यारोप लगा सकते हैं। क्षेत्र के पत्रकार मोहन प्रताप के ऊपर जो भी जुठ आरोप और उनके बारे में लिखा गया वह सरासर गलत व जुठ है क्योंकि कोई पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने वाला व्यक्ति सोच समझ कर ही पत्रकारिता करते हैं। पुलिस के साथ दोस्ती की बात भी पूरी तरह जुठ है क्योंकि इस तरह लिखकर केवल एक पत्रकार को ही नही बल्कि थाने व पुलिस कर्मियों को भी बदनाम करने की कोशिश की जा रही जब कि आज इस महामारी के दौर में पुलिसकर्मी पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रही है पुलिस का काम है समाज मे कानून व सामाजिक व्यवस्था को बनाये रखना न की गलत लोगो का साथ देना पर बिना गलती के किसी भी व्यक्ति पर इस तरह अभद्रतापूर्ण लिखना बहुत गलत। क्योंकि यदि पत्रकारों के ऊपर इस तरह आरोप लगा कर है पत्रकारों का मनोबल गिराने की कोशिस की गई है। क्या है मामला-- एसईसीएल में कोयला परिवहन के लिए चलने वाली लगभग सभी गाड़ियों में ना ही इंडिकेटर जलती है ना ही बैकलाइट और ना ही रेडियम स्टीकर लगा हुआ है वहीं इन गाड़ियों में लगे टायरों की भी कोई सीमा नहीं होती जिसकी वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रही हैं इसके मद्देनजर रखते हुए कुछ जिम्मेदार कोल्डफील्ड के नेताओं के द्वारा एसीसीएल प्रबंधक कई बार शिकायत की गई लेकिन एसईसीएल के अधिकारियों के द्वारा ना तो इसकी कोई संज्ञान ले गई और ना ही इस पर कोई कार्यवाही की गई। जिससे इन ट्रकों में बैकलाइट इंडिकेटर एवं रेडियम स्टीकर ना होने के कारण आये दिन सड़क दुर्घटनाओं में अनेकों लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन सूचना पाने के बाद भी इस पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है एसईसीएल के अधिकारी पूरी चुप्पी साधे हैं। जिसके विरुद्ध आवाज उठाने वाले पत्रकार मोहन प्रताप सिंह जी को एसईसीएल के अधिकारियों के द्वारा कुछ चाटुकार को मिलाकर एसईसीएल के प्रबंधन की ओर से भटगांव थाने में झूठा शिकायत किया गया है और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए भटगांव थाना में एफ आई आर दर्ज करा कर और कुछ चाटुकार पत्रकारों के द्वारा अभद्र शब्दों का प्रयोग कर पत्रकारों को बदनाम किया जा रहा है। कुछ चाटुकार पत्रकारों के द्वारा मीडिया एवं पत्रकारों की छवि को धूमिल करने की प्रयास की जा रही है वह अपने वास्तविक जिम्मेदारी से भर कर कुछ बड़े अधिकारियों कर्मचारियों के चाटुकार हो गए हैं। जिन्हें सही और गलत की पहचान नहीं है। एसईसीएल के प्रबंधन एवं अधिकारी अपने गलतियों को छिपाने के लिए और आए दिन उनके ट्रकों के द्वारा दुर्घटना में हुई मौतों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। जिसमें कुछ चाटुकार पत्रकारों के द्वारा समर्थन देकर उनका मनोबल बढ़ाया जा रहा है। एसईसीएल द्वारा ट्रकों को आरटीओ के नियमों को ताक पर रखकर ट्रकों को वे धड़क रोड पर दौड़ाई जा रही है जिससे आय दिन दुर्घटनाएं हो रही है। इसके विरुद्ध आवाज उठाने वाले पत्रकार मोहन प्रताप सिंह को मानसिक तौर पर f.i.r. कर प्रताड़ित किया जा रहा है। फायदा कुछ चतुर अधिकारी कर्मचारी व चाटुकार पत्रकार लोग उठाते हैं। लेकिन एसीसीएल प्रबंधक और अन्य अधिकारियों को एसईसीएल भटगांव में हो रहे गलत कार्य नही दिखाई दे रहा है।

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