Mritunjay Nirmalkar

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महापौर ढेबर राजधानी वासियों के साथ मिलकर कोविड को हराने के लिए इस महामारी से निपटने के लिए लगातार कार्य कर रहे है IMG 20210422 WA0012

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ती संख्या और कई राज्यों में उजागर हो रही अव्यवस्था और संवेदनहीनता आज कल आम बात हो गई है। 

 

परन्तु राजधानी रायपुर में इन सब से उलट एक ऐतिहासिक पहल यहाँ के महापौर एजाज़ ढेबर द्वारा की गई है। रायपुर के इनडोर स्टेडियम में निर्मित कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों से मिलने, उनका हालचाल जानने एवं उनका मनोबल बढ़ाने के लिए महापौर एजाज़ ढेबर स्वयं पीपीई किट पहनकर आज कोविड मरीजों के बीच पहुंचे। उनके साथ निगम कमिश्नर सौरभ कुमार एवं शिक्षा सचिव आलोक शुक्ला भी मौजूद रहे।

 

कोरोना संकट की इस मुश्किल घड़ी में कोविड-19 से लड़ रहे मरीजों को सकारात्मक रहकर, मजबूती से लड़ने की अपील महापौर द्वारा की गई और उनको विश्वास दिलाया गया कि वे शीघ्र ही स्वस्थ होकर अपने घर लौटेंगे।

 

इस विषम परिस्थितियों में महापौर के इस ऐतिहासिक कदम की हर ओर सराहना हो रही है। कोविड सेंटर में मरीजों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वेंटिलेटर और ब्लड टेस्ट की सुविधा का प्रबंध भी महापौर एजाज़ ढेबर और नगर निगम आयुक्त द्वारा किया जा रहा है।

 

 रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में वर्चुअल बैठक के माध्यम से कबीरधाम जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में चर्चा करते हुए जिला कलेक्टर कबीरधाम को जिले में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के बेहतर इलाज के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके तहत उन्होंने अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों को बढ़ाने सहित उनके शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।

 

 उल्लेखनीय है कि वन मंत्री अकबर स्वयं होम आइसोलेशन में रहते हुए दूरभाष से कोरोना संक्रमण की स्थिति के बारे में प्रतिदिन लगातार समीक्षा करते रहे हैं। उनके प्रयासों का परिणाम है कि कबीरधाम जिला में कोई भी संक्रमित व्यक्ति चिकित्सा सुविधा से वंचित नहीं है। इन्हें ऑक्सीजन युक्त बेड का अभाव भी नहीं हुआ। उन्होंने समीक्षा के दौरान टेस्टिंग किट, रेमडेसिविर, स्टेरायड तथा ऑक्सीजन आदि जिन दवाईयों की व्यवस्था जिला स्तर के प्रयासों से संभव नहीं हो रही है, उनकी भी व्यवस्था उच्च स्तर से शीघ्र करने के लिए आश्वस्त किया। वन मंत्री अकबर ने इस दौरान कवर्धा जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज कर रहे निजी अस्पतालों के संचालकों तथा डॉक्टरों से भी चर्चा की। उन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों के तत्परता से इलाज सुविधा के लिए निजी अस्पतालों की मांग के अनुरूप ऑक्सीजन सिलेण्डर तथा रेमडेसिविर आदि आवश्यक दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने निजी अस्पतालों के डॉक्टरों से भी चर्चा करते हुए कहा कि वे शासकीय अस्पतालों में आवश्यकता के अनुरूप कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए अपना समय देवें। जिस पर निजी अस्पताल डॉक्टरों द्वारा अपनी सहमति जताई गई।

 

 वन मंत्री अकबर ने समीक्षा करते हुए कबीरधाम जिले में कोरोना से संक्रमित मरीजों के बेहतर उपचार और वहां संचालित कोविड केयर सेंटरों में मेडिकल तथा मानव संसाधनों बढ़ाने और महामारी से निपटने के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि वन मंत्री अकबर की पहल पर कबीरधाम जिले में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम और पीड़ितों की सहायता के लिए हाल ही में 50 लाख रूपए की मंजूरी दी गई है। इस राशि का जिले में स्थित कोविड अस्पतालों में वेंटिलेटर, आईसीयू और ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था पर खर्च किया जाएगा। इसी तरह कोरोना संक्रमित सभी जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन की सुगम आपूर्ति हो, इसके लिए 85 नग ऑक्सीजन सिलेण्डर भी उपलब्ध करा दिया गया है। इसके अलावा आज 100 ऑक्सीजन सिलेण्डर अतिरिक्त रूप से भेजा जा रहा है। बैठक में कलेक्टर कबीधाम रमेशचन्द्र शर्मा ने जिले में कोरोना के संक्रमण की स्थिति और रोकथाम के उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारी तथा निजी अस्पताल के संचालक तथा चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।

कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज और देखभाल के लिए प्रदेश भर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों के 598 स्टॉफ को आईसीयू एवं वेंटिलेटर मैनेजमेंट, ऑक्सीजन थेरेपी डिवाइस और ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर मशीन के उपयोग के बारे में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें 270 चिकित्सा अधिकारी एवं 328 स्टॉफ नर्स शामिल हैं। FAA40980A94B052F8D5133E7E706996Bकोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए जिला चिकित्सालयों एवं डेडीकेटेड कोविड अस्पतालों की व्यवस्था सुदृढ़ करने रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. ओ.पी. सुंदरानी और उनकी टीम द्वारा 13 विशेष सत्रों का आयोजन कर मेडिकल स्टॉफ को प्रशिक्षित किया गया। इन 13 सत्रों में से छह में रिफ्रेशर एवं हैंड होल्डिंग मैनेजमेंट का भी प्रशिक्षण दिया गया। 

 

कोविड-19 ट्रेनिंग वर्टिकल की राज्य नोडल अधिकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि इन प्रशिक्षित डॉक्टरों एवं स्टॉफ नर्सों के मार्गदर्शन में आज कई जिलों के कोविड अस्पतालों में आईसीयू का सफल संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की शुरूआत के समय कई जिलों में आईसीयू की सुविधा नहीं थी। मार्च-2020 के बाद से लगातार विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन कर प्रशिक्षित मेडिकल स्टॉफ के सहयोग से अब उन जिलों में भी आईसीयू सुविधा शुरू हो चुकी है। कोविड-19 के मरीजों को इसका लाभ मिल रहा है और गंभीर मरीज भी वहां से स्वस्थ होकर लौट रहे हैं

 

भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर भोजन दान करो भव से तरो में पूरे भारत के जैन समाज ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया । भगवान महावीर का शुभ संदेश जियो और जीने दो के मार्ग पर चलते हुए हजारों परिवारों ने ताजा भोजन पैक कर जरूरतमंदों को दिया । भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष महेन्द्र कोचर व महासचिव चन्द्रेश शाह ने बताया कि कई परिवारों ने लोगों को बैठाकर भी भोजन कराया ।IMG 20210421 WA0036 IMG 20210421 WA0030

कोरोना संकट में पैक भोजन ज्यादा वितरित किया गया । वैसे भी रात का बचा खाना देने की प्रथा तो है परन्तु जन्मकल्याणक के अवसर पर ताजा भोजन देने का अभिनव प्रयास किया गया । जिसे पूरे भारत में अनुकरण किया गया । अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने कहा कि यह सेवा प्रकल्प प्रतिवर्ष रखा जावेगा । धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सेवा कार्य ही भगवान महावीर स्वामी की जयंती मनाने का सही मार्ग है । महोत्सव समिति के महासचिव चन्द्रेश शाह व कोषाध्यक्ष सुशील कोचर ने बताया कि 22 अप्रेल को स्वाध्याय करो भव से तरो का आव्हान किया गया है । स्वाध्याय में स्व का चिंतन , शास्त्रों का पठन , परिवार के बीच धर्म चर्चा आदि किए जाएंगे । बच्चों को भगवान महावीर स्वामी के जीवन चरित्र की जानकारी , मूलभूत सिद्धांत की शिक्षा आदि समाहित है । अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने बताया कि 23 अप्रेल को *माता पिता की सेवा करो - भव से तरो* का अभिनव प्रयास समिति ने रखा है । कोरोना के कारण सभी को घर पर ही रहना है । माता पिता को ईश्वर तुल्य माना गया है , उनकी सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है । महोत्सव समिति के मुख्य सलाहकार विजय चोपड़ा व कमल भंसाली ने कहा कि परिवार में संस्कारों को मजबूती प्रदान करने , व सामुहिक परिवार की महत्ता के पोषण हेतु यह कार्यक्रम रखा गया है । सभी माता पिता व बड़ों को प्रतिदिन प्रणाम करके का संकल्प लेकर महावीर जन्मकल्याणक को सफल बनावें । 25 अप्रेल को महावीर पंच कल्याणक पूजा केवल विधिकारक द्वारा की जावेगी ।IMG 20210421 WA0035भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति , श्री ऋषभदेव जैन मंदिर ट्रस्ट व एस पी जी ग्रुप द्वारा जैन दादाबाड़ी में भगवान महावीर ऑक्सीजन कनसन्ट्रेटर एवं ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा 24 घण्टे जारी है । संयोजक मनोज कोठारी , चन्द्रेश शाह , गोलू कांकरिया , अमित मुणोत , नीलेश गोलछा , कमल भंसाली की सक्रिय सहभागिता है ।

 

22 अप्रेल- स्वाध्याय करो भव से तरो

 

23 अप्रेल - माता पिता की सेवा करो भव से तरो

 

रायपुर। राजधानी में कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने सम्पूर्ण जिले में लागू कंटेनमेंट जोन की कंडिका में आंशिक परिवर्तन किया है। उल्लेखनीय है कि आदेश क्रमांक 407 दिनांक 17 अप्रैल द्वारा दण्ड प्रकिया सहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम सहपठित एपिडेमिक एक्ट द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये रायपुर जिला अन्तर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को 26 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इस आदेश में आंशिक संशोधन करते हुये आदेश की कंडिका 5 के पूर्व में दर्शित शब्दों एवं वाक्यांशों के स्थान पर नवीन कंडिका 5 अंतःस्थापित की गई है।

नई कंडिका के तहत सभी प्रकार की मंडियाँ तथा थोक /फुटकर ग्रॉसरी दुकाने बंद रहेगी किन्तु सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक फल, सब्जी, अंडा और किराना सामग्री/ग्रॉसरी की होम डिलीवरी केवल स्ट्रीट वेण्डर्स/ठेले वालों/ पिक-अप/मिनी ट्रक/अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगी। इसके लिए प्रयुक्त वाहन पर बैनर या बड़ा स्टिकर प्रदर्शित करना होगा। आम जनता के लिए दुकान खोले बिना किराना दुकानों के आसपास के क्षेत्र में दुकानदार द्वारा स्वयं या डिलीवरी बॉय के माध्यम से उपरोक्त समयावधि में होम डिलीवरी की जा सकेगी।

इसके लिए होम डिलीवरी के दौरान मास्क धारण करना एवं फिजिकल डिस्टेंसिग का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। किसी दुकान में/होम डिलीवरी के दौरान भीड़-भाड़ होने पर एपिडेमिक एक्ट 1897 के अधीन चालान/ अर्थदण्ड अधिरोपित करने के साथ-साथ दुकान को 30 दिवस के लिए सील किया जावेगा। संबंधित नगरीय/ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारी उनके क्षेत्र में स्थित प्रोविजन स्टोर/किराना दुकानो से सम्पर्क के लिए उनके मोबाईल नंबर/पोर्टल की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करेगें।

इन निर्देशों के उल्लंघन की दशा में दुकान को सील करने/ठेले को जब्त करने/अर्थदण्ड या चालान की कार्यवाही की जावेगी

 

 रायपुर 21 अप्रैल 2021/ गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज छत्तीसगढ़ लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी भिलाई में 150 बेड के कोविड आइसोलेशन सेंटर का शुभारंभ किया। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों और डॉक्टरों के साथ कमरों में जाकर सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गृह मंत्री ने कहा कि यहां कोरोना संक्रमित लोगों को निःशुल्क बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। 24 घंटे डाक्टर और नर्सिंग देखभाल के साथ ही भोजन, पानी और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। इस सेंटर का संचालन कलेक्टर की निगरानी में होगा। यहां 40 बिस्तरों में ऑक्सीजन सुविधा भी उपलब्ध है। मंत्री साहू ने कहा कि पिछले साल इस भवन को तैयार किया गया था।IMG 20210421 WA0022

इसका उपयोग नहीं हो रहा था। वर्तमान परिदृश्य में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन को बधाई दी। 

       गृह मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे लॉकडाउन का पालन करें, करोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगाएं, दो गज की दूरी बनाकर रखें और हाथों को सैनिटाइज करते रहें। उन्होंने कहा कि वैक्सीन जरूर लगवाएं। वैक्सीन लगवाने में कोई डर नहीं होनी चाहिए, इससे किसी तरह की परेशानी नहीं होती। मुख्यमंत्री भूपेशबघेल ने भी कोरोना वेक्सीन लगवाया है। मैंने भी लगवाया है, सभी अधिकारियों ने भी लगवाया है। उन्होंने कहा सभी पात्र लोग कोरोना का टीका अवश्य लगवाएं।

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घोषणा की है कि छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को निशुल्क कोरोना वैक्सीन लगाया जाएगा। 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के कोरोना के टीकाकरण का भुगतान राज्य सरकार करेगी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि अपने नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त संख्या में वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

 

मुख्यमंत्री बघेल ने कोविड टीकाकरण के लिए पात्र सभी हितग्राहियों से अपील भी की है कि उन्होंने अगर अब तक टीकाकरण नहीं कराया है तो ज़रूर करा लें, जिससे वे संक्रमण से होने वाली गम्भीर बीमारी से बच सकें।  

 

उल्लेखनीय है कि 45 वर्ष से अधिक आयु समूह को कोविड 19 वैक्सीन की प्रथम डोज़ देने में छत्तीसगढ़ राज्य का स्थान पूरे देश में चौथा है। यदि साठ वर्ष और उससे अधिक आयुवर्ग की बात करें तो छत्तीसगढ़ पूरे देश में लद्दाख, राजस्थान, सिक्किम और त्रिपुरा के बाद पाँचवें स्थान पर है। 88 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर, 92 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्कर को भी वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है ।छत्तीसगढ़ में अब तक 51 लाख 25 हज़ार 640 कोरोना वैक्सीन की डोज़ का उपयोग किया गया है। प्रदेश में अब तक पहला और दूसरा डोज मिलाकर कुल 50 लाख 55 हजार 698 डोज लगाए जा चुके हैं।

 

नासिक:वैसे ही पूरा देश कोरोना के संकट से जूझ रहा है और हॉस्पिटल्स में मरीजों को बेड भी नसीब न हो रहे है ऐसे में  महाराष्ट्र के नासिक में दर्दनाक हादसा हुआ है. जहां जाकिर हुसैन हॉस्पिटल में ऑक्सीजन लीक होने से 22 मरीजों की मौत हो गई है. नासिक के जिलाधिकारी ने कहा कि रिसाव के बाद ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने की वजह से 22 रोगियों की मौत हो गई.

 

 

इससे पहले महाराष्ट्र के एफडीए मंत्री राजेंद्र शिंगने ने कहा था कि प्राथमिक सूचना मिली है कि ऑक्सीजन लीक होने से 11 लोगों की मौत हो गई है. हम विस्तृत रिपोर्ट के इंतजार में हैं. हमने जांच के आदेश दे दिए हैं. जो लोग दोषी होंगे, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा

 

नासिक के कमिश्नर के मुताबिक, 150 लोग अस्पताल में भर्ती थे. 23 लोग वेंटिलेटर पर थे. अन्य लोग ऑक्सीजन पर थे. बताया जा रहा है कि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन फीलिंग करते हुए ऑक्सीजन लीक हो गया. फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर ऑक्सीजन वॉल्व बंद किया. पाइप लाइन की लीकेज की वजह से सीरियस पेशेंट्स को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है.

 

ऑक्सीजन लीकेज को लेकर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि नासिक में टैंकर के वॉल्व के रिसाव के कारण बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन का रिसाव हुआ है. अस्पताल पर निश्चित रूप से इसका असर पड़ने वाला था. ज्यादा जानकारी मिलते ही हम एक प्रेस नोट जारी करेंगे.

 

 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नासिक के एक अस्पताल में ऑक्सिजन लीक होने से हुई दुर्घटना का समाचार सुन व्यथित हूं. इस हादसे में जिन लोगों ने अपनों को खोया है उनकी इस अपूरणीय क्षति पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. बाकी सभी मरीजों की कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं.

 

 रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले में कृषि विज्ञान केन्द्र के मार्गदर्शन में सौंफ की खेती को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। अनुकूल मौसम एवं पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक सौंफ की लाभदायक खेती के लिए किसानों को निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन दे रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने मसाला फसलों की खेती विशेषकर सौंफ की खेती के लिए राज्य के उत्तरी पहाड़ी इलाके की जलवायु एवं मिट्टी को अनुकूल पाया है। कोरिया जिले में कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रक्षेत्र एवं गौठान ग्रामों में सौंफ की खेती को बढ़ावा दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन कोरिया के सहयोग से यहां डिस्टिलेशन यूनिट भी लगाई गई है जिससे सौंफ का तेल भी निकाला जा रहा है। 

 

        कृषि विज्ञान केन्द्र कोरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर.एस. राजपूत बताते हैं कि कोरिया जिले में सौंफ उत्पादन हेतु सौंफ की उन्नत किस्म अजमेर सौंफ 2 का रोपण किया गया। किस्म अजमेर सौंफ 2 का विकास राष्ट्रीय बीज मसाला अनुसन्धान केंद्र अजमेर द्वारा किया गया है। अजमेर सौंफ 2 का पौधा बड़ा व शाखा युक्त होता है तथा बड़े आकार के पुष्प छत्रक होते है। अजमेर सौंफ 2 किस्म 180-190 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। अजमेर सौंफ 2 किस्म की रोग प्रतिरोधकता क्षमता भी अधिक होती है। एक एकड़ क्षेत्रफल से औसतन 6-7 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इस तरह प्रति एकड़ लगभग 60-70 हजार रूपए की आय प्राप्त कर सकते है। सौंफ की खेती में औसतन 26-28 हजार रूपए की लागत प्रति एकड़ आती है। इस तरह कुल शुद्ध आमदनी 34-42 हजार रूपए प्राप्त की जा सकती है। 

 

 सौंफ के बीज के क्षत्रक तोड़ने के बाद पुरे पौधे को काटकर 50 प्रतिशत नमी की स्थिति में सूखी पत्तियों व टहनियों से सौंफ का सगंध तेल प्राप्त किया जा सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सौंफ के बीज में 2 प्रतिशत, पत्तियों में 0.01 प्रतिशत व सूखी टहनियों में 0.22 प्रतिशत तक सगंध तेल पाया जाता है। सगंध तेल निष्कासन की अधिक मात्रा के लिए 50 प्रतिशत सूखी पत्तियां व टहनिया व 50 प्रतिशत हरी पत्तियां व टहनिया का प्रयोग किया जा सकता है। 100 किलोग्राम हर्ब्स से 200 से 220 ग्राम सगंध तेल प्राप्त किया जा सकता है। एक एकड़ क्षेत्रफल से करीब 500 से 600 किलोग्राम हर्ब्स प्राप्त होता है। इस तरह एक एकड़ से 1.0 से 1.2 किलो सौंफ का सगंध तेल निकाला जा सकता है। बाजार में विपणन हेतु सौंफ के सगंध तेल की कीमत लगभग 3-5 हजार रुपये प्रति किलोग्राम है।

प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने 19 अप्रैल की शाम को अपने निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों में कोविड संक्रमण की रोकथाम के उपायों, टीकाकरण की स्थिति और बनाई गई कार्ययोजना की समीक्षा की। वीसी में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव भी उपस्थित थे । इस मौके पर मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले में कोविड से निपटने के प्रयासों की ना केवल सराहना की, बल्कि अन्य जिलों को भी इसका अनुसरण करने पर बल दिया। शाम छः बजे से आहूत वीडियो काॅन्फ्रेंस में कलेक्टर जय प्रकाश मौर्य ने बताया कि जिले में कोविड के अब तक 9,799 मरीज ठीक हो चुके हैं और फिलहाल होम आइसोलेशन में 3706 और अस्पताल में 512 मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा यहां होम आइसोलेशन की सुविधा जिन मरीजों के घर में नहीं उनके लिए आइसोलेशन केंद्र हर ग्राम पंचायत में बनाए गए हैं। इसके लिए सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, स्कूल भवन इत्यादि का चयन किया गया है। इसके अलावा बाहर से आनेवाले लोगों के लिए क्वाॅरेंटाईन केंद्र भी बनाए गए हैं। इस प्रयास को मुख्यमंत्री ने काफी सराहा।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में जल्द ही दस अतिरिक्त वेंटीलेटर मिलने की संभावना है। इसमें डी.एम.एफ. मद से आठ वेंटीलेटर खरीद रहे हैं। इसके लिए वेंटीलेटर उत्पादक दिल्ली की एक संस्था को सीधे मांग पत्र जारी किया है। उक्त संस्था ने आगामी 23 अप्रैल तक आठ वेंटीलेटर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही दानदाताओं से जिले को दो वेंटीलेटर मिलने की संभावना है। फिलहाल छः वेंटीलेटर जिले में उपलब्ध है। कलेक्टर ने आगे बताया कि जिले में 45 साल से अधिक उम्र के 86% याने एक लाख 38 हजार 552 लोगों को पहला डोज दिया जा चुका है। इस माह के अंत तक सभी 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण कर लिया जाएगा। वीसी में कलेक्टर ने बताया कि टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने और इससे जुड़ी भ्रांतियों के प्रति लोगों को सचेत करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है तथा हर गांव में 20-20 वॉलंटियर्स के ज़रिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वीडियो काॅन्फ्रेंस में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डी.के.तुर्रे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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The Edition Today Magazine (July - 2020)