ज्योतिष

ज्योतिष (12)

इस सृष्टि का निर्माण भगवान शिव की इच्छा मात्र से ही हुआ है। अत: इनकी भक्ति करने वाले व्यक्ति को संसार की सभी वस्तुएं प्राप्त हो सकती हैं। शिवजी अपने भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं। शिवपुराण के अनुसार, नियमित रूप से शिवलिंग का पूजन करने वाले व्यक्ति के जीवन में दुखों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है।
 
शिवपुराण एक ऐसा शास्त्र है, जिसमें शिवजी और सृष्टि के निर्माण से जुड़ी रहस्यमयी बातें बताई गई हैं। इस पुराण में कई चमत्कारी उपाय बताए गए हैं, जो हमारे जीवन की धन संबंधी समस्या को खत्म करते हैं। साथ ही, अक्षय पुण्य भी प्रदान करते हैं। इन उपायों से पिछले पापों का नाश होता है और भविष्य सुखद बनता है
यदि आप भी शिवजी की कृपा से धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो यहां बताया गया आसान उपाय हर रोज रात को करना चाहिए, यह उपाय शिव पुराण में बताया गया है…
करें ये उपाय :

 
शिवलिंग के पास रोज रात को लगाएं दीपक
पुराने समय से ही कई ऐसी परंपराएं प्रचलित हैं, जिनका पालन करने पर व्यक्ति को सभी सुखों की प्राप्ति होती है। इन प्रथाओं का पालन न करने पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शुभ फलों की प्राप्ति के लिए एक परंपरा है कि प्रतिदिन रात्रि के समय 11 से 12 के बीच शिवलिंग के समक्ष दीपक लगाना चाहिए। इस उपाय के पीछे एक प्राचीन कथा बताई गई है।
शेयर करे...

सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है और शिव भक्तों ने अपनी मूर्ति को प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावन में बाल काटना मना है।

दरअसल यह मान्यता बहुत पुरानी है, जिसके पीछे हम एक संभावित रहस्य के बारे में बात करेंगे। सावन में बाल न कटने का यह कारण वैज्ञानिक दृष्टि से भी सही माना जाता है। इसके अलावा इस लेख में हम जानेंगे कि सावन में बाल न काटे जाने पर बालों की देखभाल कैसे की जा सकती है।

सावन में बाल काटना 2022: सावन में बाल क्यों नहीं काटने चाहिए? जानें वैज्ञानिक कारण

सावन में बाल नहीं काटना एक धार्मिक मान्यता है, जिसका पालन वर्षों से इसी रूप में किया जा रहा है। आपको बता दें कि किसी भी मान्यता की शुरुआत काल, प्रसंग और स्थितियों को देखकर की जाती है। आप पहले से ही जानते हैं कि पहले के समय में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित उपकरण और कौशल का अभाव था। जिससे बाल कटवाते समय चोट लगने या घाव होने का खतरा रहता था। सावन के महीने में इस चोट या घाव में संक्रमण और मवाद हो सकता है। आज के समय में भी किसी कट या घाव के कारण त्वचा में संक्रमण हो सकता है।

अगर आप सावन में बाल नहीं कटवाते हैं तो आपको दोमुंहे बालों और बालों के झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं इन समस्याओं से बचने के लिए हेयर केयर टिप्स।

बालों को बारिश में भीगने के बाद बालों को धोकर हवा से बालों को सुखा लें।

हफ्ते में दो बार नहाने से 15 मिनट पहले नारियल का तेल लगाएं।
बालों को घना बनाने के लिए प्रोटीन, विटामिन ई और हेल्दी फैट से भरपूर आहार लें।
बालों में मोटे दांतों वाली लकड़ी की कंघी का प्रयोग करें।
सावन में संक्रमण से बचने के लिए हल्दी और नीम का हेयर मास्क लगाएं।
बालों में कलर लगाने से बचें।बालों को ज्यादा खुला न छोड़ें।

शेयर करे...

 

शनि वर्तमान में अपनी स्वराशि मकर में गोचर कर रहे हैं। इस ग्रह को अपनी राशि बदलने में करीब ढाई साल का समय लग जाता है। 29 अप्रैल से ये कुंभ राशि में गोचर करने लगेंगे। इस राशि में शनि के प्रवेश करते ही मीन राशि वालों पर शनि साढ़े साती शुरू हो जाएगी तो कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि ढैय्या । वहीं मिथुन और तुला जातकों को शनि ढैय्या से मुक्ति मिलेगी तो धनु वालों को शनि साढ़े साती से। यहां आप जानेंगे शनि के राशि परिवर्तन का किन राशि वालों पर बेहद शुभ प्रभाव पड़ेगा।

 

मेष राशि: मेष राशि वालों के लिए ये गोचर काफी लाभप्रद साबित होगा। आपको इस दौरान कार्यस्थल पर अपनी काबिलियत दिखाने का पूरा मौका मिलेगा। जो लोग प्रशासनिक नौकरी में हैं उनके लिए ये समय अवधि अनुकूल रहने की संभावना है। जो जातक सिविल सेवक हैं इस दौरान वे अपने कार्य से अपने वरिष्ठों को प्रसन्न कर देंगे। आपकी मेहनत रंग लाएगी। आपके वेतन में वृद्धि हो सकती है। जो जातक फ्रेशर हैं उन्हें अच्छी नौकरी मिलने की उम्मीद है। व्यापारियों के लिए ये अवधि काफी अनुकूल साबित होगी।

 

वृषभ राशि: ये गोचर आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। आपको पेशेवर जीवन में कुछ अच्छे अवसर मिलेंगे। मनचाही नौकरी मिलने के प्रबल आसार हैं। कार्यक्षेत्र में आपके संबंध अपने सहयोगियों के साथ मजबूत हो सकते हैं। अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। किसी कार्य में आपको सुनहरी सफलता मिलने की उम्मीद है।

 

सिंह राशि: आपको कड़ी मेहनत का अच्छा परिणाम इस अवधि में प्राप्त होने के आसार रहेंगे। वरिष्ठों के साथ आपके संबंध अच्छे रहेंगे। जो जातक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सफलता प्राप्त होती दिखाई दे रही है। कानूनी फैसले आपके पक्ष में आएंगे। भाग्य का आपकी हर काम में साथ मिलेगा।

 

कन्या राशि: जो लोग लॉ, चार्टर्ड अकाउंटेंसी और प्रशासनिक नौकरी की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए ये अवधि फायदेमंद साबित हो सकती है। इस दौरान आपको लाभ प्राप्त करने के कई अच्छे मौके मिलने की संभावना है। यह अवधि नौकरी वाले जातकों के लिए काफी अनुकूल है। इस दौरान आपको अपने कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयासों का उचित फल मिलेगा। वेतन में वृद्धि होने की संभावना है। आर्थिक लाभ के लिहाज से यह अवधि आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है।

 

 

 

भैरव साधक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु ज्योतिषाचार्य पं अंकित दुबे । उज्जैन (म.प्र) 

Fb page:- एक शाम भैरव आध्यात्म के नाम

शेयर करे...

मान- सम्मान पद एवं प्रतिष्ठा के स्वामी सूर्य देव 13 फरवरी को कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य ग्रह का राशि परिवर्तन 4 राशि वालों को शुभ फलदायी व लाभदायक साबित हो सकता है।

 

वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब भी कोई राशि परिवर्तन या उदय होता है, तो उसका सीधा प्रभाव मानव के जीवन पर पड़ता है। इस वर्ष 2022 में कई प्रकार के ग्रह गोचर करने जा रहे हैं। इसीमें सूर्य ग्रहभी शामिल हैं। सूर्य ग्रह 13 फरवरी को शनि देव की स्वराशि कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। 

 

जानिए इन चार राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव व कैसे मिलेगा शुभ फल 

 

मेष राशि: सूर्य मेष राशि मे गोचर कुंडली के एकादश (धन व्रद्धि) भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आय में वृद्धि होगी। आय के नए स्त्रोंत बनेंगे, जिससे आपको बहुत अच्छा धनलाभ होगा। अगर आपका कार्य व्यापार से जुड़ा हुआ है तो आपको लाभ होगा। इस दौरान आपके नए व्यवसायिक संबंध बनेंगे, व्यापार में भी विस्तार हो सकता है। कुल मिलाकर आपके लिए सूर्य देव का गोचर शुभ साबित होगा।

 

वृष राशि: आपके लिए सूर्य ग्रह का गोचर शुभ फलदायी साबित हो सकता है। क्योंकि सूर्य देव आपकी राशि से दशम (कर्म, करियर) भाव में गोचर करेंगे। इस समय आपको व्यापार में अच्छा लाभ मिलेगा। इस समय आपको नई नौकरी का प्रस्ताव आ सकता है। साथ ही अगर आप जॉब कर रहे हैं, तो आपकी बढ़ोतरी हो सकती है, इस समय आपको शासनसत्ता का पूर्ण सहयोग प्रदान होगा। वाहन और जमीन, जायदाद के क्रय- विक्रय के लिए समय अच्छा है खरीद सकते है। 

 

मिथुन राशि: आपकी राशि से नवम (भाग्य) भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव भाग्योदय तो करेंगे किंतु कहीं न कहीं मानसिक परेशानी भी दे सकते हैं। धर्म एवं अध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। इस दौरान आप जिस काम में भी हाथ डालेंगे आपको सफलता मिलेगी। व्यापार में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय अनुकूल है। देश- विदेश में घूमने का मौका मिलेगा। इस समय आपको राजनीति में भी सफलता मिल सकती है। आपको इस समय कोई बड़ा पद मिल सकता है। 

 

कन्या राशि: आपकी राशि से छठे शत्रुभाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। रणनीति तो कारगर रहेगी ही साथ ही कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। गुप्त शत्रु परास्त होंगे। अगर आपका व्यापार विदेश से जुड़ा हुआ है तो आपको फायदा हो सकता है। व्यापार में नई डील फाइनल हो सकती है। जिसका आपको भविष्य में फायदा हो सकता है। 

उज्जैन से ज्योतिषाचार्य पं अंकित दुबे (भैरव साधक) एक शाम भैरव आध्यात्म के नाम । सम्पर्क :- 6266634310

शेयर करे...

नवरात्रि मे माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है वैसे ही गुप्त नवरात्रि में दसमहाविद्याओं की देवी की साधना व आराधना की जाती है दश महाविद्या की देवी  माँ काल, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, ध्रूमावती, बगलामुखी, मातंगी तथा कमला देवी है। गुप्त नवरात्रि में शक्ति की साधना को गोपनीय रूप से किया जाता है। गुप्त नवरात्रि की पूजा को जितनी ही शांति के साथ किया जाता है, साधक व साधारण व्यक्ति पर उतनी ज्यादा माँ की कृपा होती है। माघ माह की गुप्त नवरात्रि पर माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए साधक व भक्त को शक्ति की साधना व आराधना के नौ दिनों तक पूरी श्रद्धा एवं विश्वास के साथ दुर्गा सप्तशती का नियमत पाठ करना चाहिये। इस उपाय को करने पर साधक की सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूरी होती हैं और साधारण व्यक्ति के लिए मंत्रों से प्रसन्न होती है। दुर्गासप्तशती में सिद्ध कुंजिकास्तोत्र का पाठ प्रभावशाली भी है एवं सरल उपाय है।

साधारण व्यक्ति इस मंत्र से करे माँ को प्रसन्न 

।। ॐ जयंती मंगलाकाली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। 

साथ ही करे बटुक भैरव का पूजन उससे माँ और प्रसन्न होंती है अष्टमी के दिन करे कन्या व बटुक भोज ।

शेयर करे...

 

दिनांक : 26 दिसम्बर 2021:

 

मेष : (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज का दिन उतार चढ़ाव वाला रहेगा दिन के आरंभ से ही दिनचार्य को व्यवस्थित बनाकर लाभ पाने के लिये कुछ नया करने करने का प्रयास करेंगे लाभ हो ता नजर आएगा परन्तु अगले ही पल आशा निराशा में बदल जाएगी। फिर भी चिंता न करें संध्या तक आर्थिक विषयो को लेकर संतोषजनक स्थिति बनेगी किसी ना किसी के माध्यम से धन लाभ होकर ही रहेगा। पैतृक कार्यो में आज ढील देना ही बाहर रहेगा अन्यथा नया झंझट मोल लेंगे। सरकारी कार्य अथवा सरकारी नौकरी के लिए प्रयासरत है तो थोड़ी अधिक मेहनत करें शीघ्र ही अच्छे परिणाम मिलेंगे। मैन अनर्गल प्रवृतियों में भटकेगा संभाले।

 

वृष :(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

आज के दिन आपकी सोच ही आपको परेशान करेगी सामर्थ्य से बाहर की चाह रखेंगे पूरी न होने पर दुखी होंगे अपने भाग्य की खीज अन्य लोगो पर उतारने पर आस पास का वातावरण भी खराब करेंगे। आज संतोषी स्वभाव रखने पर भी दिनचार्य सामान्य रह सकती है आर्थिक मामलों को छोड़ अन्य सभी कार्य बुद्धि विवेक से सफल बना लेंगे। आपकी कल्पना शक्ति एवं दूरर्दर्शी सोच अन्यो लोगो से बेहतर रहेगी अपने कार्य अधूरे रहने पर भी अन्य लोगो के कार्य मिनटों में बना देंगे। पारिवार में कुछ ना कुछ अभाव लगा रहेगा। सेहत कुछ समय के लिये प्रतिकूल रहेगी।

 

मिथुन : (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज भी बचते बचते किसी से कलह होने की सम्भवना है पुरानी बातों को भूल ध्यान कार्यो पर केंद्रित करें अन्यथा पूरा दिन मानसिक संताप में ही खराब होगा। कार्य क्षेत्र पर आज मंदी रहेगी जमा पूंजी खर्च होने की सम्भवना है। आर्थिक मामलों को लेकर किसी भी प्रकार की जबरदस्ती न करें सहज रूप से जितना मिल जाये उसी में संतोष करें वरना हाथ का भी नही बचेगा। नए कार्य की रूप रेखा बना कर रखे निकट भविष्य में इनपर कार्य आरंभ होगा लेकिन आज ना करें। परिवार में आवश्यकता पड़ने पर ही सीमित बोले तो शांति बनी रहेगी।

 

कर्क : (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा आर्थिक रूप से वृद्धि के योग है लेकिन परिवार में भाई बंधुओ से पैतृक कारण अथवा प्रतिष्ठा को लेकर तकरार होने की संभावना है। आज घर मे कम और आवश्यकता पड़ने पर ही बोलने में भलाई है। इसके विपरीत कार्य क्षेत्र पर वाणी के द्वारा ही लाभ कमाया जा सकता है। धन लाभ आज किसी न किसी मार्ग से अवश्य होगा आर्थिक स्थिति ठीक रहने से भविष्य के प्रति निश्चिन्त रहेंगे। नौकरी पेशा लोग सहकर्मियों का काम मे नुक्स निकालेंगे। स्त्री वर्ग से लाभ की संभावना है।

 

सिंह: (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आज का दिन मध्यम फलदायी रहेगा दिन के प्रथम भाग में सुस्ती रहेगी मजबूरी में ही कार्य करेंगे। माध्यं का समय भाग दौड़ में बीतेगा इसका कोई विशेष लाभ नही मिल सकेगा। नौकरी वाले लोग पुराने कार्यो को पूरा करने में अधिक व्यस्त रहेंगे। संध्या के समय काम चलाने लायक धन मिल जाएगा लेकिन दैनिक खर्चो की तुलना में कम ही लगेगा। पारिवारिक किसी काम मे लेट लतीफी से घर मे नोकझोक होगी। सेहत भी ठीक ठाक ही रहेगी। नए शत्रु बढ़ेंगे लेकिन आज नुकसान नही पहुँचा पाएँगे।

 

कन्या: (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज का दिन ठीक ठाक ही रहेगा लेकिन आज आप अपनी ही जिद के कारण किसी संकट में फंस सकते है। जो भी कार्य करने की ठानेंगे चाहे फिर वह लाभदायक हो या हानिकर कर के ही मानेंगे। मध्यान बाद का समय पहले कि तुलना में आशानुकूल रहेगा जो लोग आपके निर्णय को गलत बताया रहे थे वही बात से पलटते नजर आएंगे। रुके कार्यो में सफलता मिलने लगेगी लेकिन स्वभाव में अभिमान बढ़ने से व्यवहार पहले से अधिक रूखा बनेगा। धनलाभ के साथ कोई मनचाहा कार्य बनने से उत्साहित रहेंगे। पारिवारिक वातावरण भी प्रसन्नचित रहेगा। शारीरिक स्फूर्ति बनी रहेगी।

 

तुला : (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज आपका ध्यान व मध्यान तक का समय अधूरे कार्य समेटने में लगेगा साथ ही यात्रा भी अकस्मात आने से दिनचर्या अस्त व्यस्त बनेगी। कार्य व्यवसाय में लाभ की उम्मीद कई बार बनेगी लेकिन मध्यान बाद ही अकस्मात होगा। लेखन अथवा बौद्धिक कार्यो से जुड़े लोगो को संघर्ष अधिक रहेगा परन्तु लाभ भी आशा से अधिक हो सकता है इसके लिये किसी की चापलूसी करनी पड़ेगी। घर मे अथवा कार्य क्षेत्र पर स्त्री वर्ग से सतर्क रहें मिजाज गर्म रहने के कारण बेवजह अपमानित हो सकते है। पैतृक सम्मान में वृद्धि होगी लेकिन कुछ लाभ नही मिलेगा। गुप्त शत्रु के कारण मानसिक चिंता रहेगी। सेहत ठीक रहेगी।

 

वृश्चिक :(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज का दिन आपको किसी न किसी रूप में सम्मान दिलाएगा लेकिन आपकी मानसिकता थोड़ी बदली रहेगी सम्मान या धन जितना मिलेगा उतनी ही और पाने की भूख बढ़ती जाएगी। कार्य क्षेत्र का वातावरण सामान्य रहेगा आवश्यकता अनुसार धन आसानी से मिल जाएगा लेकिन संतोष नही होगा ज्यादा के लिये हाथ पैर मारेंगे पर असफल ही होंगे। घर मे किसी न किसी से पारिवारिक कारणों से गरमा गरमी हो सकती है। भूमि मकान संबंधित कार्य कुछ दिनों के लिये टालना ही हितकर रहेगा। बुद्धि विवेक पर आकस्मिक क्रोध पानी फेर देगा। धर्म मे आस्था होने पर भी पुण्य कार्य नही कर पाएंगे।

 

धनु : (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अच्छा रहेगा दान पुण्य पर खर्च तो करेंगे लेकिन अन्य कार्यो की व्यस्तता के चलते अधिक समय नही दे पाएंगे। कार्य स्थल पर भी पूर्व में किये परोपकार का फल विषम परिस्थिति में भी मिलेगा। धन लाभ के लिये आज दौड़ धूप करनी पड़ेगी लेकिन आज ना होकर निकट भविष्य में शीघ्र ही अवश्य होगा इसलिये मेहनत करने से पीछे ना रहे। धन को लेकर विशेष सावधानी बरतें लेन देन के कारण किसी से बहस हो सकती है। परिवारिक वातावरण आज सामान्य रहेगा परंतु संतान की हरकतें परेशान कर सकती है। अंदरूनी क्रोध को छोड़ सेहत ठीक ही रहेगी।

 

मकर: (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज का दिन भी उतार चढ़ाव वाला रहेगा दिन के आरंभ से मध्यान तक परिस्थितियां हर प्रकार से अवरोध डालने वाली रहेंगी लेकिन इसके बाद स्थिति सामान्य होने लगेगी। सेहत में धीरे धीरे सुधार आने पर अधूरे कार्यो को पूरा करने पर ध्यान रहेगा। कार्य गति आज धीमी ही रहेगी जिससे परिश्रम लाभ भी विलम्ब से अन्यथा कल ही मिल सकेगा। स्वभाव में हठ रहेगा अनुभवियों की सही बाते भी गलत सिद्ध करने का प्रयास करेंगे। आर्थिक स्थिति आज डांवाडोल ही रहेगी आवश्यकता के समय धन की कमी के कारण चिंता होगी। संध्या बाद थकान रहने पर भी दिन की तुलना में बेहतर अनुभव करेंगे।

 

कुंभ: (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आज के दिन भी धैर्य से काम लेने की आवश्यकता है। घर अथवा कार्य क्षेत्र पर पुरानी कमिया उजागर होने पर उथलपुथल होने की संभावना है। आज आप जो सोचेंगे प्रतिक्रिया उसके विपरीत ही मिलेगी चाहे वह आपसी व्यवहार में हो अथवा व्यावसायिक कार्यो में लाभ की तुलना में हानि दुगनी होगी। निवेश अथवा व्यवसाय विस्तार की योजना आज टालना ही बेहतर रहेगा। टूट फुट या अन्य किसी कारण से हानि भी हो सकती है। यात्रा प्रवास आज ना करें संध्या बाद से स्थिति सुधरने लगेगी। घर का वातावरण भी असामान्य रहेगा।

 

मीन:–(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आज का दिन आपके अनुकल रहेगा किसी भी कार्य मे ज्यादा मशक्कत नही करनी पड़ेगी। सामाजिक अथवा व्यावसायिक क्षेत्र पर भी अन्य लोगो की तुलना में आपका कार्य ज्यादा पसंद किया जायेगा धन लाभ भी निश्चित होगा परन्तु फिर भी व्यर्थ के कार्यो में खर्च होने की सम्भवना अधिक है। निवेश आज सोच समझ कर बाजार का हाल जान कर ही करें गलत जगह होने की संभावना हैं। आज आप अपनी जगह भाई बंधुओ के लिए अधिक लाभदायक रहेंगे अन्य लोगो की सहायता करने पर भी संध्या बाद स्वयं खाली हाथ रह जाएंगे। शारीरिक स्वास्थ्य छोटी मोटी व्याधि को छोड़ सामान्य रहेगा।

 

शेयर करे...

 

शनि कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. शनि का ये गोचर कुछ राशि वालों के लिए शुभ साबित होगा तो कुछ के लिए परेशानियां बढ़ाने वाला है.

 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से राशि बदलने वाले ग्रह माने जाते हैं. इन्हें एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने में करीब ढाई साल का समय लगता है. 29 अप्रैल को शनि कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. शनि का ये गोचर कुछ राशि वालों के लिए शुभ साबित होगा तो कुछ के लिए परेशानियां बढ़ाने वाला. यहां आप जानेंगे किन राशि वालों की इस गोचर से किस्मत चमकने के आसार रहेंगे.

 

मेष राशि: इस राशि वालों के लिए ये गोचर काफी शुभ साबित होगा. धन लाभ होने के प्रबल आसार रहेंगे. कार्यस्थल पर आप अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल रहेंगे. मनचाही नौकरी के ऑफर आ सकते हैं. सरकारी नौकरी करने वाले जातकों के लिए भी ये गोचर शुभ साबित होगा. कार्यस्थल पर आपके काम की वाहवाही होगी. व्यापारी जातकों के लिए भी शुभ संकेत मिल रहे हैं. बिजनेस में विस्तार कर सकते हैं.

 

सिंह राशि: इस राशि के लोगों के लिए भी ये गोचर शुभ दिखाई दे रहा है. आपको इस दौरान अपने हर कार्य में सफलता मिलने के प्रबल आसार रहेंगे. पुराने कर्ज का निपटारा कर सकेंगे. शनि के शुभ प्रभाव से आपको करियर में अच्छी खासी तरक्की मिलने के आसार दिखाई दे रहे हैं. सैलरी बढ़ सकती है. यात्रा से धन लाभ होने की उम्मीद है.

 

कन्या राशि: इस राशि वालों के लिए भी शनि का गोचर लाभप्रद साबित होगा. कार्यस्थल में आपको बॉस का भरपूर साथ मिलेगा. पदोन्नति की प्रबल संभावना है. सैलरी बढ़ सकती है. अन्य माध्यमों से भी धन की प्राप्ति के आसार रहेंगे. निवेश के लिए समय अच्छा है. लेन-देन के काम में विशेष लाभ प्राप्त होने की उम्मीद है। भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा.

 

धनु राशि: इस राशि वालों की आय में बढ़ोतरी हो सकती है. वरिष्ठों से आपके संबंध अच्छे रहेंगे. निवेश से लाभ प्राप्त होने की उम्मीद है. बिजनेस में तरक्की के रास्ते खुलेंगे. आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा. कर्ज का निपटारा कर पायेंगे. वाहन सुख की प्राप्ति के आसार हैं.

 

डिस्क्लेमर:

यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि the Edition today किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

शेयर करे...

मेष:-

नौकरी में अपेक्षाएं बढ़ेंगी। धैर्यशीलता की कमी रहेगी। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। भागदौड़ होगी। कोई बड़ी धनहानि की आशंका है। लापरवाही न करें। भावना को वश में रखें। मन की बात किसी को न बतलाएं।

 

वृष:-

किसी मनोरंजक यात्रा का आयोजन हो सकता है। विद्यार्थी वर्ग अपने शिक्षण-अध्ययन संबंधी कार्य में सफलता प्राप्त करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। जल्दबाजी में कोई कार्य न करें तथा विवाद की स्थिति न आने दें। कोई अरुचिकर घटना संभव है।

 

मिथुन:-

कुंआरों को वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। दांपत्य जीवन में आनंद रहेगा। कोर्ट व कचहरी तथा सरकारी कार्यालयों में रुके कार्य मनोनुकूल रहेंगे। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।

 

कर्क:-

वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में लापरवाही न करें। शारीरिक हानि हो सकती है। किसी भी तरह के विवाद में भाग न लें। स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। कुसंगति से बचें। महत्वपूर्ण निर्णय टालें। पुराना रोग उभर सकता है।

 

सिंह:-

घर-परिवार की चिंता रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। कोर्ट-कचहरी व सरकारी कार्यालय के काम मनोनुकूल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से बचें।

 

कन्या:-

भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होकर उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। लाभ होगा। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। समय पर नहीं मिलेगी। तनाव रहेगा। घर के वृ‍द्धजनों के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कोई बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। भय रहेगा।

 

तुला:-

शत्रु सक्रिय रहेंगे। चुगलखोरों से सावधान रहें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। नई आर्थिक योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। काफी समय से रुके काम पूर्ण हो सकते हैं। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। प्रमाद न करें।

 

वृश्चिक:-

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।

धनु:-

किसी अपने ही व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। आय में कमी होगी। अप्रत्याशित खर्च सामने आ सकते हैं। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आशा व निराशा के भाव रहेंगे। खर्च से हाथ तंग रहेगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेंगे। जोखिम बिलकुल न उठाएं।

 

मकर:-

घर में अतिथियों का आगमन होगा। किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। दूर से शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधान रहें। धन प्राप्ति सु्गम होगी।

 

कुंभ:-

भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग बनते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़ी समस्या का हल मिल सकता है। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य खराब हो सकता है। धनार्जन होगा।

 

मीन:-

प्रयास सफल रहेंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सामाजिक काम करने की इच्छा प्रबल होगी। मान-सम्मान मिलेगा। वाणी में संयम रखें। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। कारोबार में वृद्धि होगी

शेयर करे...
पटना, 20 नवंबर | लोक आस्था का पर्व छठ को लेकर पटना सहित पूरा बिहार भक्तिमय हो गया है। चार दिवसीय इस अनुष्ठान के दूसरे दिन गुरुवार की शाम व्रतियों ने खरना किया जबकि शुक्रवार की शाम व्रती गंगा के तट और विभिन्न जलाशयों में पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य अर्पित करेंगे। छठ पर्व को लेकर पूरा बिहार भक्तिमय हो गया है। मुहल्लों से लेकर गंगा तटों तक यानी पूरे इलाके में छठ पूजा के पारंपरिक गीत गूंज रहे हैं। राजधानी पटना की सभी सड़कें दुल्हन की तरह सज गई हैं जबकि गंगा घाटों में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। राजधानी की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक की सफाई की गई है। आम से लेकर खास तक के लोगों ने सड़कों की सफाई में व्यस्त हैं। हर कोई छठ पर्व में हाथ बंटाना चाह रहा है। पटना में कई पूजा समितियों द्वारा भगवान भास्कर की मूर्ति स्थापित की गई है। कई स्थानों पर तोरण द्वार लगाए गए हैं तो कई पूजा समितियों द्वारा लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। पटना में जिला प्रशासन द्वारा छठ पर्व के मद्देनजर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। पटना के गंगा तट के 23 घाटों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है जबकि कई स्थानों पर भगवान भास्कर को अघ्र्य देने के लिए अस्थायी तालाब बनाए गए हैं। प्रशासन द्वारा असुरक्षित घोषित किए गए घाटों पर व्रतियों को नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है। कोरोना काल के कारण इस वर्ष गंगा घाट पर कम भीड़ होने की उम्मीद जताई गई है। पटना के प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने छठ पर्व को लेकर गंगा नदी में निजी नाव के परिचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि घाटों पर बनाए गए नियंत्रण कक्षों में चिकित्साकर्मी, नाविक और गोताखोरों को तैनात किया गया है। खतरनाक घाटों की बैरिकेडिंग की गई है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया गया है। इधर, मुजफ्फरपुर, सासाराम, मुंगेर, औरंगाबाद, खगड़िया, भागलपुर सहित राज्य के सभी जिले के गांव से लेकर शहर तक लोग छठ पर्व की भक्ति में डूबे हैं। औरंगाबाद के देव स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर परिसर में कोरोना के कारण छठ मेला पर रोक लगा दी गई है। हालांकि कई श्रद्धालु पहुंचे हैं। गुरुवार की शाम व्रतियों ने भगवान भास्कर की अराधना की और खरना किया। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ हो गया। खरना का प्रसिद्ध प्रसाद गुड़ की बनी खीर और घी लगी रोटी लेने के लिए लोग देर रात तक व्रती के घर पहुंचते रहे। शुक्रवार की शाम छठव्रती नदी, तालाबों सहित विभिन्न जलाशयों में पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य अर्पित करेंगे। पर्व के चौथे दिन यानी शनिवार सुबह उदीयमान सूर्य के अघ्र्य देने के बाद ही श्रद्धालुओं का व्रत समाप्त हो जाएगा। इसके बाद व्रती फिर अन्न-जल ग्रहण कर व्रत समाप्त करेंगे।
शेयर करे...

 

 

 

 हर साल धनतेरस का पर्व दिवाली से ठीक दो दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन यमराज और भगवान धनवंतरी के साथ ही मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा का महत्व है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरी अपने हाथों में अमृत कलश लेकर सागर मंथन के बाद प्रकट हुए। ऐसी मान्यता है कि भगवान धनवंतरी भगवान विष्णु के अंशावतार हैं। संसार में चिकित्सा विज्ञान के विस्तार और प्रसार के लिए ही भगवान विष्णु ने धनवंतरी का अवतार लिया था। भगवान धनवंतरी के प्रकट होने के उपलक्ष्य में ही धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। 

 

भगवान धन्वन्तरी चुकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ऐसी मान्यता है की इस अवसर पर बर्तन खरीदना चाहिए। मान्यतानुसार इस दिन की गई खरीददारी लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करती है।

धनतेरस के दिन गणेश लक्ष्‍मी की मूर्ति जरूर खरीदें इससे घर में धन संपत्ति का आगमन रहता है और पूरे साल कभी घर में धन की कमी नहीं रहती।

 

धातु का सामान जैसे सोना, चांदि व पीतल खरीदना सर्वश्रेष्‍ठ है इस दिन ये सब खरीदने से पूरे साल तक घर में लक्ष्‍मी बनी रहती है।

 

स्‍वटिक का श्रीयंत्र घर लाने से लक्ष्‍मी घर की ओर आकर्षित होती है। इसके बाद इस यंत्र की पूजा करें पूजा करने के बाद उसे केशरिया रंग के कपड़े में बांधर धन स्‍थान पर रख दें। इससे हमेशा आपके घर में धन बना रहेगा।

 

इस मौके पर नई झाडू को घर लाए इससे नकारात्‍मक शक्तियां घर से वापस जाती है और लक्ष्‍मी आपके घर आएगी।

 

कौड़ी को धनतेरस के दिन पूजा कर अपने धन के स्‍थान पर रखने से आपके घर से कभी लक्ष्‍मी नहीं जाएगी।

 

धनतेरस के दिन शंख लाए और इसे दिवाली पजन के समय बजाए इससे घर में लक्ष्‍मी आती है।

 

धनतेरस के दिन नमक का भी काफी महत्‍व है कहते हैं कि इस दिन नमक को पानी में मिलाकर पोछा लगाने से दरिद्रता चली जाती है।

 

धनतेरस के दिन धनिया जरूर लाएं एक धन का प्रतीक माना जाता है इसकी पूजा करके घर के आंगन या गमलों में इसे रख दें।

 

धनतेरस के दिन कुबेर की मूर्ति या तस्‍वीर लाकर इनकी पूजा करें और धन वाले स्‍थान पर रखें।

 

धनतेरस के दिन गोमती चक्र काभी बड़ा महत्‍व है इस दिन इसकी पूजा करके इसे तिजोरी या फिर खुद धारण करें।

 

धनतेरस के दिन सात मुखी रूद्राक्ष की पूजा करने से मां लक्ष्‍मी के साथ साथ महादेव की कृपा बनी रहती है।

 

धनतेरस के दिन दिया जरूर लाना चाहिए साल का यही एक ऐसा दिन है जिस दिन यमराज की पूजा की जाती है इस दिन लक्ष्‍मी के साथ साथ यमराज के नाम का भी दिया जलाया जाता है।

 

धनवंतरी की पूजा:

धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि की मूर्ति या चित्र साफ स्थान पर पूर्व दिशा की ओर स्थापित करें और फिर भगवान धनवंतरि का आह्वान निम्न मंत्र से करें-

 

सत्यं च येन निरतं रोगं विधूतं,अन्वेषित च सविधिं आरोग्यमस्य।

 

गूढं निगूढं औषध्यरूपं, धनवंतरिं च सततं प्रणमामि नित्यं।।

शेयर करे...
  • Samvad July 1
  • Samvad July 2 A
  • Samvad July 3 A

Magazine